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स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर सीईओ और पार्षद में बहस, अब अगली बैठक में होगी चर्चा

Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:44 AM IST
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स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर सीईओ और पार्षद में बहस, अब अगली बैठक में होगी चर्चा
स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर सीईओ और पार्षद में बहस, अब अगली बैठक में होगी चर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में सीईओ वरुण कालिया और पार्षद सुरेंद्र तिवारी के बीच स्ट्रीट लाइट कांट्रेक्ट को लेकर तीखी बहस हो गई। तिवारी करीब डेढ़ करोड़ की लागत से होने वाले स्ट्रीट लाइटों के कांट्रेक्ट को आगे टालना चाह रहे थे, जबकि सीईओ और अन्य पार्षद सदन में इस मुद्दे को पास कराना चाह रहे थे। सैन्य क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें जल्द लगाई जा सके। यदि पार्षद तिवारी ने हवाला दिया कि कांट्रेक्ट में कोई नामी कंपनी शामिल नहीं है। यदि अन्य कंपनी की स्ट्रीट लाइट की खरीद की गई तो वह घटिया स्तर की हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों तरफ से खूब बहस हुई। बात जब ज्यादा बड़ी तो बोर्ड के अध्यक्ष और ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू ने इस मामले टीम का गठन कर इसकी रिपोर्ट देने की बात कही। बोर्ड अध्यक्ष ने सदन को जानकारी दी कि सेना मानसून से पहले ऐतिहासिक पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा रोड का निर्माण तीन करोड़ की लागत से करेगी। डिफेंस कॉलोनी रोड का निर्माण करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से होगा। ब्रिगेडियर इसकी जानकारी देते ही सभी पार्षदों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। सदन में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कुल 32 एजेंडे रखे गए थे। इनमें से 31 पास हो गए।
डेढ़ करोड़ की लागत से लगनी थी स्ट्रीट लाइटें
बीते कुछ वर्षों से स्ट्रीट लाइट का कांट्रेक्ट पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण अटका पड़ा था। अब फंड मिलने पर बोर्ड ने डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से यह कांट्रेक्ट एक पार्टी को अलॉट करना था। सदन में इस मुद्दे को जब रखा गया तो पार्षद सुरेंद्र तिवारी इसके खिलाफ खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि जिन स्ट्रीट लाइटों की खरीद की जा रही है, वह कंपनियों के मुकाबले ज्यादा चल नहीं पाएंगी। इस वजह से कंपनी की खरीद होनी चाहिए। उनका तर्क था कि टेंडर में कंपनी का नाम अंकित होना चाहिए। सीईओ वरुण कालिया ने नियमों का हवाला दिया और कंपनी का नाम टेंडर में डालने से इंकार कर दिया। इसी को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई। बहस इतनी बड़ी की अंत में ब्रिगेडियर ने इस मुद्दे पर आखिर में चर्चा करने के लिए कहा।
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सफाई मशीन खरीदने पर भी हुई बहस
सदन में ऑटोमेटिक सफाई मशीन खरीदने के मामले में भी बहस हुई। पार्षद तिवारी ने इसी मुद्दे को लेकर विरोध जताया। उन्होंने कहा जिस मशीन का ट्रायल बोर्ड में किया गया था। वह मशीन गंदगी को सही तरीके से साफ नहीं कर सकी थी। इस पर सीईओ कालिया ने तिवारी की बात बीच में काटते हुए सदन को बताया कि मशीन ने अन्य पार्षदों की मौजूदगी में सही तरीके से काम किया था। बहस होने पर बोर्ड अध्यक्ष ने सभी पार्षदों की राय जानी तो उपाध्यक्ष अजय बवेजा, पार्षद आशीमा, राजू बाली, लक्ष्मी देवी, वीरेंद्र गांधी आदि ने सीईओ की बात पर हामी भर दी। इसके बाद इस मुद्दे को पारित कर दिया गया।
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सेना के पार्कों में सिविलियन को न रोकें : बवेजा
बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा ने कहा कि बोर्ड अपने फंड से सेना की जमीन पर अंगूरा फार्म के निकट पार्क का निर्माण करेगी। मगर सेना को सिविलियन को वहां पर वॉक करने की अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि शाम के समय माल रोड पर कोर मुख्यालय के समक्ष रोड, इंजन चौक के पास स्थित पार्क पर सेना के जवान सिविलियन को वॉक करने से रोक देते हैं। यदि कोई गलत हरकत करता है तो उसे रोकना जायज है, मगर हर सिविलियन को रोकना सही नहीं है। उपाध्यक्ष के इस तर्क का समर्थन पार्षद आशीमा ने भी किया।
वायु प्रदूषण मापने के लिए लगाए जाएंगे यंत्र
सदन में तय किया गया कि बोर्ड मॉल रोड और स्टाफ रोड पर प्रदूषण को मापने के लिए यंत्र लगाए जाएंगे। इससे लोगों को पता चलेगा कि यहां की हवा की गुणवत्ता कैसी है। इस दौरान पार्षद वीरेंद्र गांधी ने काली पलटून पुल के दूसरी ओर भी ऐसे यंत्र लगाने की मांग को उठाया।

बंगलों के आगे बोर्ड लगाकर प्रदर्शित की जाएगी जानकारी
सेना द्वारा सदन में एजेंडा रखा गया कि सैन्य क्षेत्र में स्थित सभी बंगलों के आगे बंगला नंबर बोर्ड पर अंकित करने, बोर्ड पर बंगले की लीज समाप्त अवधि, लीज धारक का नाम और अन्य जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसका विरोध उपाध्यक्ष अजय बवेजा ने किया। उन्होंने कहा कि निजी जानकारी को सार्वजनिक तरीके से प्रदर्शित करना सही नहीं है। इस पर बोर्ड सदस्य कर्नल शशांक बहुगुणा ने जवाब दिया कि सेना का मकसद केवल यह जानना है कि वास्तव में सैन्य क्षेत्र में जो प्रॉपर्टी है, वह किसके नाम है। इस दौरान बोर्ड क्षेत्र को स्मार्ट बनाने के लिए सभी बंगलों की बाहरी दीवारों पर एक जैसा रंग करने पर भी चर्चा की गई। सदन में इसके अलावा अन्य अन्य मुद्दों को भी पारित किया गया।
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