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7 हजार यात्रियों को मासिक सीजन टिकट बनने का इंतजार, सवा साल पहले बंद हो गई थी सुविधा
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अंबाला। मंडल के लगभग 7 हजार मासिक सीजन टिकट यात्रियों को दोबारा सुविधा शुरू होने का इंतजार है। लगभग सवा साल बीतने वाला है और दैनिक यात्रियों को एमएसटी की सुविधा नहीं मिल पाई है। एमएसटी न बनने से दैनिक यात्रियों सहित व्यापारी वर्ग व छात्रों को आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम होने के बाद उत्तर रेलवे ने मौजूदा समय में लगभग 90 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिली है, लेकिन इससे दैनिक यात्रियों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। एमएसटी की सुविधा बहाल न होने से उन्हें मजबूरी में प्रतिदिन टिकट लेना पड़ रहा है।
कोरोनाकाल के पहले ऐसे दैनिक यात्री जो स्थानीय स्टेशनों तक 200 से 300 रुपये में एमएसटी यानी मासिक सीजन टिकट बनवाकर महीने भर आसानी से सफर करते थे। अब उन्हें 80 से 120 रुपये तक प्रतिदिन खर्च करने पड़ रहे हैं। माह भर में यह खर्च करीब तीन हजार रुपये तक पहुंच रहा है। एमएसटी न बनने से सबसे ज्यादा मार छोटा मोटा काम करने वाले लोगों के अलावा व्यापारी वर्ग व छात्रों को झेलनी पड़ रही है। छावनी जंक्शन से सफर करने वाले यात्री प्रतिदिन बराड़ा, जगाधरी, सहारनुपर, राजुपरा, सरहिंद, लुधियाना, कालका
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की तरफ सफर करते हैैं। प्राप्त जानकारी अनुसार लॉकडाउन से पहले वर्ष 2020 में रोज 50 से 60 एमएसटी जारी होते थे।
इस रूट पर चल रही अनारक्षित ट्रेन
मौजूदा समय में ट्रेन नंबर 04503 अंबाला कैंट-लुधियाना, 04736 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर, 04501 सहारनपुर-नंगलडैम व 04523 सहारनपुर-नंगलडैम संचालित हो रही हैं।
सिस्टम में नहीं सुविधा
मौजूदा समय में चल रही अनारक्षित ट्रेनों में सिर्फ जनरल टिकट यात्री ही सफर कर सकते हैं। मासिक सीजन टिकट बनाने को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
-बीएस गिल, स्टेशन निदेशक।
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कोरोना वायरस संक्रमण का असर कम होने के बाद उत्तर रेलवे ने मौजूदा समय में लगभग 90 प्रतिशत ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिली है, लेकिन इससे दैनिक यात्रियों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है। एमएसटी की सुविधा बहाल न होने से उन्हें मजबूरी में प्रतिदिन टिकट लेना पड़ रहा है।
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कोरोनाकाल के पहले ऐसे दैनिक यात्री जो स्थानीय स्टेशनों तक 200 से 300 रुपये में एमएसटी यानी मासिक सीजन टिकट बनवाकर महीने भर आसानी से सफर करते थे। अब उन्हें 80 से 120 रुपये तक प्रतिदिन खर्च करने पड़ रहे हैं। माह भर में यह खर्च करीब तीन हजार रुपये तक पहुंच रहा है। एमएसटी न बनने से सबसे ज्यादा मार छोटा मोटा काम करने वाले लोगों के अलावा व्यापारी वर्ग व छात्रों को झेलनी पड़ रही है। छावनी जंक्शन से सफर करने वाले यात्री प्रतिदिन बराड़ा, जगाधरी, सहारनुपर, राजुपरा, सरहिंद, लुधियाना, कालका
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की तरफ सफर करते हैैं। प्राप्त जानकारी अनुसार लॉकडाउन से पहले वर्ष 2020 में रोज 50 से 60 एमएसटी जारी होते थे।
इस रूट पर चल रही अनारक्षित ट्रेन
मौजूदा समय में ट्रेन नंबर 04503 अंबाला कैंट-लुधियाना, 04736 अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर, 04501 सहारनपुर-नंगलडैम व 04523 सहारनपुर-नंगलडैम संचालित हो रही हैं।
सिस्टम में नहीं सुविधा
मौजूदा समय में चल रही अनारक्षित ट्रेनों में सिर्फ जनरल टिकट यात्री ही सफर कर सकते हैं। मासिक सीजन टिकट बनाने को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
-बीएस गिल, स्टेशन निदेशक।