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पंजाब रवाना हुई हर बस के आगे बॉर्डर तक लगी पायलट
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:45 AM IST
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पंजाब रवाना हुई हर बस के आगे शंभू बैरियर तक लगी पायलट
लीड..............
फोटो नंबर : 34, 35, 36, 41
रोडवेज द्वारा हड़ताल के चलते शनिवार को 25 स्कूलों की बसों को चलाया, कुल 58 बसें चलीं
पांच दिन में पहली बार चलीं अंबाला रोडवेज डिपो की 30 बसें, 30 ड्राइवर लौटे ड्यूटी पर
जीएम रोडवेज सहित डीएसपी व अन्य अधिकारी बस स्टैंड पर रहे तैनात
सिटी से आपरेट नहीं की बसें, कैंट से चलाईं ज्यादातर बसें
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/सिटी। रोडवेज हड़ताल के दौरान शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बसों को पंजाब की ओर रवाना किया गया। कैंट बस स्टैंड से पंजाब की ओर जाने वाली हर बस के आगे पुलिस द्वारा पायलट शंभू बैरियर तक चलाई गई। कैंट बस स्टैंड को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया ताकि आंदोलनरत कर्मचारी यहां कार्य में बाधा न डाल सकें। बस स्टैंड पर दिनभर रोडवेज जीएम व अन्य अधिकारी तैनात रहे। उधर, हड़ताल के पांचवें दिन कुल 58 बसें चलाई गईं जिनमें 25 बसें स्कूलों की थीं। इसके अलावा 30 रोडवेज बसें चलीं जिन्हें काम पर लौटे रोडवेज के 30 चालकों ने चलाया। सितंबर से अब तक हड़ताल के चलते रोडवेज अंबाला डिपो के 58 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इनमें से करीब 15 कर्मियों के खिलाफ अंबाला व नारायणगढ़ में केस भी दर्ज रोडवेज द्वारा कराया गया है।
सुरक्षा रही कैंट बस स्टैंड पर
सिटी रोडवेज डिपो में हड़ताल पर बैठे कर्मियों की वजह से रोडवेज से बसों का संचालन कैंट से ही किया। शनिवार को रोडवेज जीएम गगनदीप सिंह, डीएसपी बलजीत सिंह पुलिस फोर्स सहित बस स्टैंड पर मौजूद रहे। स्कूल बसों में स्कूल के चालक व कंडक्टरों की ड्यूटी लगाई गई। मुख्यालय की हिदायतों के अनुसार उन्हें लोकल रूट पर रवाना किया गया जबकि 30 रोडवेज बसों को लंबे रूटों पर भेजा गया। इस दौरान गड़बड़ी की आशंका के चलते जीटी रोड से पंजाब जाने वाली प्रत्येक बस के आगे पायलट हरियाणा-पंजाब सीमा पर शंभू बैरियर तक चली। कैंट बस स्टैंड के आउट गेट की भी एक लेन को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया था।
30 रुपये प्रति किलोमीटर स्कूली बसों को
रोडवेज द्वारा स्कूलों एवं प्राइवेट जिन बसों को हॉयर किया गया है उन्हें 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इससे रोडवेज डिपो पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। बता दें कि करीब 14 लाख रुपये प्रतिदिन रोडवेज अंबाला डिपो की आय है।
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टिकटों की जगह दिया फ्लो चार्ट
रोडवेज की बसों में पुलिसकर्मियों को टिकटों की जगह फ्लो चार्ट दिया जा रहा है। वहीं उन्हें एक कार्बन कॉपी भी दी जा रही है, ताकि सवारियों से टिकट के लिए कितने रुपये लिए जा रहे हैं उनकी लिखी गई रकम कॉपी हो सके। यह कॉपी संबंधित अधिकारी को जमा करवाई जा रही है।
ड्राइवरों से ज्यादा कंडक्टरों के आवेदन, एक युवती भी शामिल
ड्राइवर और कंडक्टरों के आवेदनों की भरमार रोडवेज के पास बढ़ती जा रही है। कैंट बस स्टैंड पर शनिवार को भी आवेदन करने के लिए युवा पहुंचे। अब तक कंडक्टर के लिए कुल 669 आवेदन हो चुके हैं जबकि 353 चालक के लिए। दिलचस्प है कि एक युवती निशा ने भी कंडक्टर की पोस्ट के लिए शनिवार को आवेदन किया है।
कोट्स
बसों को समय पर चलाना हमारी प्राथमिकता है। यदि कोई कर्मचारी बसों को रोकने का प्रयास करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। शनिवार 58 बसों को चलाया गया और इस दौरान 30 ड्राइवर भी काम पर लौटे हैं। रविवार को भी स्कूली बसों की मदद ली जाएगी।
-गगनदीप सिंह, जीएम रोडवेज, अंबाला डिपो।
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रोडवेज द्वारा हड़ताल के चलते शनिवार को 25 स्कूलों की बसों को चलाया, कुल 58 बसें चलीं
पांच दिन में पहली बार चलीं अंबाला रोडवेज डिपो की 30 बसें, 30 ड्राइवर लौटे ड्यूटी पर
जीएम रोडवेज सहित डीएसपी व अन्य अधिकारी बस स्टैंड पर रहे तैनात
सिटी से आपरेट नहीं की बसें, कैंट से चलाईं ज्यादातर बसें
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/सिटी। रोडवेज हड़ताल के दौरान शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बसों को पंजाब की ओर रवाना किया गया। कैंट बस स्टैंड से पंजाब की ओर जाने वाली हर बस के आगे पुलिस द्वारा पायलट शंभू बैरियर तक चलाई गई। कैंट बस स्टैंड को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया ताकि आंदोलनरत कर्मचारी यहां कार्य में बाधा न डाल सकें। बस स्टैंड पर दिनभर रोडवेज जीएम व अन्य अधिकारी तैनात रहे। उधर, हड़ताल के पांचवें दिन कुल 58 बसें चलाई गईं जिनमें 25 बसें स्कूलों की थीं। इसके अलावा 30 रोडवेज बसें चलीं जिन्हें काम पर लौटे रोडवेज के 30 चालकों ने चलाया। सितंबर से अब तक हड़ताल के चलते रोडवेज अंबाला डिपो के 58 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इनमें से करीब 15 कर्मियों के खिलाफ अंबाला व नारायणगढ़ में केस भी दर्ज रोडवेज द्वारा कराया गया है।
सुरक्षा रही कैंट बस स्टैंड पर
सिटी रोडवेज डिपो में हड़ताल पर बैठे कर्मियों की वजह से रोडवेज से बसों का संचालन कैंट से ही किया। शनिवार को रोडवेज जीएम गगनदीप सिंह, डीएसपी बलजीत सिंह पुलिस फोर्स सहित बस स्टैंड पर मौजूद रहे। स्कूल बसों में स्कूल के चालक व कंडक्टरों की ड्यूटी लगाई गई। मुख्यालय की हिदायतों के अनुसार उन्हें लोकल रूट पर रवाना किया गया जबकि 30 रोडवेज बसों को लंबे रूटों पर भेजा गया। इस दौरान गड़बड़ी की आशंका के चलते जीटी रोड से पंजाब जाने वाली प्रत्येक बस के आगे पायलट हरियाणा-पंजाब सीमा पर शंभू बैरियर तक चली। कैंट बस स्टैंड के आउट गेट की भी एक लेन को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया था।
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30 रुपये प्रति किलोमीटर स्कूली बसों को
रोडवेज द्वारा स्कूलों एवं प्राइवेट जिन बसों को हॉयर किया गया है उन्हें 30 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इससे रोडवेज डिपो पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता जा रहा है। बता दें कि करीब 14 लाख रुपये प्रतिदिन रोडवेज अंबाला डिपो की आय है।
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टिकटों की जगह दिया फ्लो चार्ट
रोडवेज की बसों में पुलिसकर्मियों को टिकटों की जगह फ्लो चार्ट दिया जा रहा है। वहीं उन्हें एक कार्बन कॉपी भी दी जा रही है, ताकि सवारियों से टिकट के लिए कितने रुपये लिए जा रहे हैं उनकी लिखी गई रकम कॉपी हो सके। यह कॉपी संबंधित अधिकारी को जमा करवाई जा रही है।
ड्राइवरों से ज्यादा कंडक्टरों के आवेदन, एक युवती भी शामिल
ड्राइवर और कंडक्टरों के आवेदनों की भरमार रोडवेज के पास बढ़ती जा रही है। कैंट बस स्टैंड पर शनिवार को भी आवेदन करने के लिए युवा पहुंचे। अब तक कंडक्टर के लिए कुल 669 आवेदन हो चुके हैं जबकि 353 चालक के लिए। दिलचस्प है कि एक युवती निशा ने भी कंडक्टर की पोस्ट के लिए शनिवार को आवेदन किया है।
कोट्स
बसों को समय पर चलाना हमारी प्राथमिकता है। यदि कोई कर्मचारी बसों को रोकने का प्रयास करेगा तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। शनिवार 58 बसों को चलाया गया और इस दौरान 30 ड्राइवर भी काम पर लौटे हैं। रविवार को भी स्कूली बसों की मदद ली जाएगी।
-गगनदीप सिंह, जीएम रोडवेज, अंबाला डिपो।