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एक्सटेंशन लेक्चरों ने सौंपा एडीसी को ज्ञापन
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:04 AM IST
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मांगें मनवाने को एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने सीएम के नाम एडीसी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
अंबाला के विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरारों ने शुक्रवार को मांगें मनवाने के लिए एडीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एक्सटेंशन लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन की जिला प्रधान प्रो. तंजुम कंबोज की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। प्रो. कंबोज ने बताया कि हरियाणा के 100 से अधिक कॉलेजों में करीब दो हजार एक्सटेंशन लेक्चरर बीते 7-8 सालों से पढ़ा रहे हैं। सभी एक्सटेंशन लेक्चरर यूजीसी के नियमों के मुताबिक पूरी तरह से योग्य हैं। फिर भी उन्हें स्कूलों में पढ़ाने वाले पीजीटी से भी कम वेतन दिया जा रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की कि सभी लेक्चरर को समान काम, समान वेतन के नियमानुसार पूरा वेतन दिया जाना चाहिए। नई भर्ती के कारण वाणिज्य, संस्कृत, टूरिज्म, लोक प्रशासन एवं समाजशास्त्र में कई एक्सटेंशन लेक्चरर्स की नौकरी चली गई जिन्हें तुरंत प्रभाव से समायोजित किया जाए। गेस्ट और कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों की तरह महिला एक्सटेंशन लेक्चरर को मातृत्व अवकाश दिया जाए। एक्सटेंशन लेक्चरर के पदनाम को बदलकर कॉलेज लेक्चरर एडहॉक किया जाए। इसके साथ ही साल 2014 में मुख्य सचिव हरियाणा सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों की मृत्यु उपरांत उनके आश्रितों को तीन लाख की दी जाने वाली अनुदान राशि मृतक एक्सटेंशन लेक्चरर्स को भी दी जाए। एसोसिएशन ने कहा कि अगर इन मांगों को जल्द से जल्द नहीं माना गया तो प्रदेश के एक्सटेंशन लेक्चरर करनाल में मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रो. हितेश भारद्वाज, प्रो. संदीप सैनी, प्रो. शक्ति वाजपेयी, प्रो. नीलम, प्रो. सुषमा, प्रो. सुरेश रंगा, प्रो. ब्रिजेश, प्रो. संघर्ष, प्रो. हरीश सोनी आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
अंबाला के विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरारों ने शुक्रवार को मांगें मनवाने के लिए एडीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एक्सटेंशन लेक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन की जिला प्रधान प्रो. तंजुम कंबोज की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को एडीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। प्रो. कंबोज ने बताया कि हरियाणा के 100 से अधिक कॉलेजों में करीब दो हजार एक्सटेंशन लेक्चरर बीते 7-8 सालों से पढ़ा रहे हैं। सभी एक्सटेंशन लेक्चरर यूजीसी के नियमों के मुताबिक पूरी तरह से योग्य हैं। फिर भी उन्हें स्कूलों में पढ़ाने वाले पीजीटी से भी कम वेतन दिया जा रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की कि सभी लेक्चरर को समान काम, समान वेतन के नियमानुसार पूरा वेतन दिया जाना चाहिए। नई भर्ती के कारण वाणिज्य, संस्कृत, टूरिज्म, लोक प्रशासन एवं समाजशास्त्र में कई एक्सटेंशन लेक्चरर्स की नौकरी चली गई जिन्हें तुरंत प्रभाव से समायोजित किया जाए। गेस्ट और कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों की तरह महिला एक्सटेंशन लेक्चरर को मातृत्व अवकाश दिया जाए। एक्सटेंशन लेक्चरर के पदनाम को बदलकर कॉलेज लेक्चरर एडहॉक किया जाए। इसके साथ ही साल 2014 में मुख्य सचिव हरियाणा सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों की मृत्यु उपरांत उनके आश्रितों को तीन लाख की दी जाने वाली अनुदान राशि मृतक एक्सटेंशन लेक्चरर्स को भी दी जाए। एसोसिएशन ने कहा कि अगर इन मांगों को जल्द से जल्द नहीं माना गया तो प्रदेश के एक्सटेंशन लेक्चरर करनाल में मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रो. हितेश भारद्वाज, प्रो. संदीप सैनी, प्रो. शक्ति वाजपेयी, प्रो. नीलम, प्रो. सुषमा, प्रो. सुरेश रंगा, प्रो. ब्रिजेश, प्रो. संघर्ष, प्रो. हरीश सोनी आदि मौजूद रहे।
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