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Ambala News: डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर 24 घंटे में दौड़ीं 55 मालगाड़ियां, बना रिकॉर्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jul 2024 11:49 PM IST
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55 goods trains ran on DFCCIL corridor in 24 hours, a record created
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ती मालगाड़ी। रेलवे
हरिंदर पाल सिंह
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अंबाला। उत्तर प्रदेश के पिलखनी से पंजाब के साहनेवाल तक बनाए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 24 घंटे में 55 मालगाड़ियों का संचालन किया जोकि पूर्ण रूप से सुरक्षित रहा और मालगाड़ियां तय समय से पहले ही अपने-अपने गंतव्य स्टेशन पर पहुंच गईं।
इस उपलब्धि ने डीएफसीसीआईएल के इतिहास में रिकॉर्ड कायम कर दिया है। यह कार्य विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से संपन्न हो पाया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार पहले कॉरिडोर पर 30 से 35 मालगाड़ियों का संचालन हो रहा था लेकिन पिछले 24 घंटे में उक्त सेक्शन पर लगभग 55 मालगाड़ियों को दौड़ाया गया और उन्हें एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचाया। इन मालगाड़ियों में कोयला, गेहूंं और अन्य खाद्य पदार्थ लदे हुए थे। एक साथ इतनी मालगाड़ियों को इस सेक्शन पर चलाने से पहले रेलवे से अनुमति भी ली गई थी कि यह पूरा सेक्शन सामान लदी मालगाड़ियों के संचालन के लिए सुरक्षित भी है या नहीं, लेकिन डीएफसीसीआईएल ने इस कार्य को बखूबी पूरा कर लिया।
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गौरतलब है कि इससे पहले भी दो मालगाड़ियों को एक साथ चलाकर रिकॉर्ड बनाया था और इस ट्रेन को एनकोंडा का नाम दिया गया था।
दिल्ली और जम्मू सेक्शन को मिली राहत
पिलखनी से साहनेवाल तक बने फ्रेट कॉरिडोर के सेक्शन पर मुरादाबाद और सहारनपुर की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों को ही नहीं बल्कि दिल्ली और जम्मू की तरफ से आने वाली मालगाड़ियों को भी संचालित किया जा रहा है। इसके लिए बीच रास्ते के स्टेशनों और कॉरिडोर के स्टेशनों पर लिंक स्थापित किया है, जिससे कि मुख्य लाइन पर दौड़ रही मालगाड़ी को कॉरिडोर की लाइन पर शिफ्ट किया जा सके। जल्द ही राजपुरा और शंभू रेल सेक्शन को भी आपस में लिंक कर दिया जाएगा और फिर राजपुरा से बठिंडा सेक्शन पर दौड़ने वाली मालगाड़ियों को भी कॉरिडोर की लाइन पर शिफ्ट किया जा सकेगा।
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सुरक्षा की तरफ विशेष ध्यान
डीएफसीसीआईएल के न्यू सरहिंद रेलवे स्टेशन पर दो जून को एक बड़ा हादसा हो गया था। इसमें दो मालगाड़ियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गई थी। इससे रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। यह हादसा लोको पायलट की चूक से हुआ था क्योंकि वो नींद में होते हुए भी इंजन में लगे विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस के बटन को पैर से दबाता रहा। इस कारण इमरजेंसी की सूचना रेलवे तक नहीं पहुंची। इस हादसे से सबक लेते हुए अब रेलवे ने रात के समय मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को चलाने वाले स्टाफ पर निगरानी बढ़ा दी है। बाकायदा इसके लिए टीमों का गठन किया गया है जो इंजन में चढ़कर लोको पायलट से पूछताछ करती हैं। वहीं ट्रेन संचालन से पहले मनोबल बढ़ाने के लिए लोको पायलट से मंत्रणा भी की जाती है।

वर्जन
पिछले 24 घंटे में डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर 55 मालगाड़ियों का संचालन किया गया है जोकि एक रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि विभागीय कर्मचारियों की निष्ठापूर्वक कार्यशैली से मिली है। हादसे के बाद अब कॉरिडोर के सेक्शन पर सतर्कता काफी बढ़ा दी गई है। रात के समय रेल इंजनों में चेकिंग की जा रही है।
पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल अंबाला।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ती मालगाड़ी। रेलवे

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दौड़ती मालगाड़ी। रेलवे

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