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Ambala News: माता बाला सुंदरी की पिंडी पर 51 किलो मक्खन का किया लेप
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मुलाना में माता बाला सुंदरी मंदिर में दिव्य पिंडी पर किया गया मक्खन का लेप। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। महामाई माता बाला सुंदरी मंदिर में मकर संक्रांति पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवी मां बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी पर 51 किलो शुद्ध मक्खन का लेप किया गया। मान्यता के कारण सैकड़ों श्रद्धालु इसे चर्म रोगों से मुक्ति दिलाने वाली औषधि के रूप में ग्रहण करने मंदिर पहुंचते हैं।
25 जनवरी को प्रातः हवन संपन्न होगा। इसके उपरांत माता की दिव्य पिंडी पर लगाए गए मक्खन को औषधि के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। मंदिर के पुजारी पंडित चिरंजीवी ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार जब माता बाला सुंदरी जी भैरों के प्रहार से घायल हो गई थीं, तब मकर संक्रांति के दिन गर्भ जून में माता ने सात दिनों तक मक्खन का लेप किया था।
इस लेप से माता के जख्म पूरी तरह ठीक हो गए थे। तभी से इस घटना की स्मृति में हर वर्ष मकर संक्रांति के दिन माता की दिव्य पिंडी पर मक्खन का लेप लगाने की परंपरा चली आ रही है, बाद में यही मक्खन श्रद्धालुओं को औषधि के रूप में वितरित किया जाता है।
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मुलाना। महामाई माता बाला सुंदरी मंदिर में मकर संक्रांति पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवी मां बाला सुंदरी की दिव्य पिंडी पर 51 किलो शुद्ध मक्खन का लेप किया गया। मान्यता के कारण सैकड़ों श्रद्धालु इसे चर्म रोगों से मुक्ति दिलाने वाली औषधि के रूप में ग्रहण करने मंदिर पहुंचते हैं।
25 जनवरी को प्रातः हवन संपन्न होगा। इसके उपरांत माता की दिव्य पिंडी पर लगाए गए मक्खन को औषधि के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। मंदिर के पुजारी पंडित चिरंजीवी ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार जब माता बाला सुंदरी जी भैरों के प्रहार से घायल हो गई थीं, तब मकर संक्रांति के दिन गर्भ जून में माता ने सात दिनों तक मक्खन का लेप किया था।
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इस लेप से माता के जख्म पूरी तरह ठीक हो गए थे। तभी से इस घटना की स्मृति में हर वर्ष मकर संक्रांति के दिन माता की दिव्य पिंडी पर मक्खन का लेप लगाने की परंपरा चली आ रही है, बाद में यही मक्खन श्रद्धालुओं को औषधि के रूप में वितरित किया जाता है।

मुलाना में माता बाला सुंदरी मंदिर में दिव्य पिंडी पर किया गया मक्खन का लेप। संवाद
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