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नागा बाबा की समाधि पर उमड़ा भक्तों का सैलाब
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नागा बाबा की समाधि पर उमड़ा भक्तों का सैलाब
फोटो नंबर 47 से 53 व 59
-कुंतलों चढ़ावे के दूध से भक्तों को बांटा खीर का प्रसाद
-हजारों की संख्या में भक्तों ने किए दर्शन
-जगह-जगह लगे लंगर, भक्तों ने खाया प्रसाद
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। धूलकोट गांव के पास एयरफोर्स स्टेशन स्थित संत नागा बाबा की समाधि के दर्शन के लिए रविवार को कपाट खोले गए। सुबह पांच बजे से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें दर्शनों के लिए गेट के बाहर लग गईं। जैसे ही कपाट खोले गए, भक्तों का हुजुम उमड़ पड़ा। समाधि के प्रवेश द्वारा से दो सौ मीटर पूर्व ही वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई थी। मेले के दौरान एयरफोर्स, पुलिस व अन्य सुरक्षा बल की टीमें हर व्यक्ति की चेंकिंग कर रही थीं। मेले में जगह-जगह खीर और कढ़ी चावल का लंगर लगाया गया। साथ ही गुरुद्वारा कमेटी, अंबेडकर सभा और अन्य सभाओं ने भी विभिन्न व्यंजनों का लंगर लगाया। शाम करीब पांच बजे एयरफोर्स का गेट बंद कर दिया गया। क्विंटलों लीटर दूध का बाबा के दरबार में चढ़ावा चढ़ा। जिसे वहां की संगतों ने खीर व गर्म दूध के रूप में भक्तों में बांटा।
यह है मान्यता
भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान जिस समय विमान से पाकिस्तानी सेना ने यहां बम फेंके तो बाबा ने अपने हाथों में बम ले लिए थे, जिस कारण अंबाला बच गया। तभी से इनकी मान्यता बढ़ गई। इसके साथ ही इससे संबंधित अन्य कई गाथाएं भी प्रचलित हैं।
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फोटो नंबर 47 से 53 व 59
-कुंतलों चढ़ावे के दूध से भक्तों को बांटा खीर का प्रसाद
-हजारों की संख्या में भक्तों ने किए दर्शन
-जगह-जगह लगे लंगर, भक्तों ने खाया प्रसाद
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। धूलकोट गांव के पास एयरफोर्स स्टेशन स्थित संत नागा बाबा की समाधि के दर्शन के लिए रविवार को कपाट खोले गए। सुबह पांच बजे से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें दर्शनों के लिए गेट के बाहर लग गईं। जैसे ही कपाट खोले गए, भक्तों का हुजुम उमड़ पड़ा। समाधि के प्रवेश द्वारा से दो सौ मीटर पूर्व ही वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई थी। मेले के दौरान एयरफोर्स, पुलिस व अन्य सुरक्षा बल की टीमें हर व्यक्ति की चेंकिंग कर रही थीं। मेले में जगह-जगह खीर और कढ़ी चावल का लंगर लगाया गया। साथ ही गुरुद्वारा कमेटी, अंबेडकर सभा और अन्य सभाओं ने भी विभिन्न व्यंजनों का लंगर लगाया। शाम करीब पांच बजे एयरफोर्स का गेट बंद कर दिया गया। क्विंटलों लीटर दूध का बाबा के दरबार में चढ़ावा चढ़ा। जिसे वहां की संगतों ने खीर व गर्म दूध के रूप में भक्तों में बांटा।
यह है मान्यता
भारत-पाकिस्तान के युद्ध के दौरान जिस समय विमान से पाकिस्तानी सेना ने यहां बम फेंके तो बाबा ने अपने हाथों में बम ले लिए थे, जिस कारण अंबाला बच गया। तभी से इनकी मान्यता बढ़ गई। इसके साथ ही इससे संबंधित अन्य कई गाथाएं भी प्रचलित हैं।
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