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प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोगी बनकर कार्य करें होम्योपैथिक व ऐलोपैथिक डॉक्टर : विज
Updated Mon, 10 Dec 2018 12:45 AM IST
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प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोगी बनकर कार्य करें होम्योपैथिक और एलोपैथिक डॉक्टर : विज
फोटो नंबर-----15
एसडी नेचर क्यूर अस्पताल में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
होम्योपैथिक पद्धति का प्रचार करने वाले 350 डॉक्टरों को स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र सौंपे
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि होम्योपैथिक पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बेहतर तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों में आयुष विंग को स्थापित कर लोगों का होम्योपैथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा है। सभी पद्धतियों का बराबर का सम्मान होना चाहिए, चाहे वह होम्योपैथिक हो या एलोपैथिक। मकसद मरीज का बेहतर इलाज कर उसे सुखद अनुभव प्रदान करना है। विज रविवार को होम्योपैथिक काउंसिल हरियाणा की ओर से एसडी नेचर क्यूर अस्पताल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। मौके पर मंत्री ने होम्योपैथिक पद्धति का प्रचार प्रसार करने वाले लगभग 350 डॉक्टरों को स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र देकर उनका अभिनंदन किया।
विज ने कहा कि होम्योपैथिक पद्धति के माध्यम से जहां लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध होती हैं, वहीं उन्हें आराम भी मिलता है। जिस प्रकार से होम्योपैथिक पद्धति का देश व प्रदेश में प्रचार प्रसार होना चाहिए, उस प्रकार उसके बढ़ने एवं प्रचार न होने का एक कारण यह भी है कि एलोपैथिक पद्धति से संबंधित डॉक्टर इस पद्धति को आगे बढ़ता स्वीकार नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक तथा एलोपैथिक पद्धति से संबंधित डॉक्टरों को प्रतिस्पर्धा न रखते हुए सहयोगी बनकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छावनी विधानसभा क्षेत्र के तहत गांव मंगलई में लगभग 11 एकड़ भूमि पर राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज एवं महाविद्यालय स्थापित होगा, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। होम्योपैथिक काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हरप्रकाश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए काउंसिल द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नेशन मिशन के डायरेक्टर रणदीप (आईएएस), आयुष विभाग के निदेशक सतपाल बहमनी, रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा, कौसिंल के सदस्य डॉ. निर्मल तेज सिंह, डॉ. मनफुल धीमान, डॉ. उमेशकांत खन्ना, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, डॉ. अशोक वर्मा, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. विवेक ललित, डॉ. अरविंद सूद, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल मौजूद रहे।
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फोटो नंबर-----15
एसडी नेचर क्यूर अस्पताल में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
होम्योपैथिक पद्धति का प्रचार करने वाले 350 डॉक्टरों को स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र सौंपे
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि होम्योपैथिक पद्धति को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा बेहतर तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों में आयुष विंग को स्थापित कर लोगों का होम्योपैथिक पद्धति से उपचार किया जा रहा है। सभी पद्धतियों का बराबर का सम्मान होना चाहिए, चाहे वह होम्योपैथिक हो या एलोपैथिक। मकसद मरीज का बेहतर इलाज कर उसे सुखद अनुभव प्रदान करना है। विज रविवार को होम्योपैथिक काउंसिल हरियाणा की ओर से एसडी नेचर क्यूर अस्पताल में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। मौके पर मंत्री ने होम्योपैथिक पद्धति का प्रचार प्रसार करने वाले लगभग 350 डॉक्टरों को स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र देकर उनका अभिनंदन किया।
विज ने कहा कि होम्योपैथिक पद्धति के माध्यम से जहां लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध होती हैं, वहीं उन्हें आराम भी मिलता है। जिस प्रकार से होम्योपैथिक पद्धति का देश व प्रदेश में प्रचार प्रसार होना चाहिए, उस प्रकार उसके बढ़ने एवं प्रचार न होने का एक कारण यह भी है कि एलोपैथिक पद्धति से संबंधित डॉक्टर इस पद्धति को आगे बढ़ता स्वीकार नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक तथा एलोपैथिक पद्धति से संबंधित डॉक्टरों को प्रतिस्पर्धा न रखते हुए सहयोगी बनकर कार्य करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि छावनी विधानसभा क्षेत्र के तहत गांव मंगलई में लगभग 11 एकड़ भूमि पर राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज एवं महाविद्यालय स्थापित होगा, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। होम्योपैथिक काउंसिल के चेयरमैन डॉ. हरप्रकाश शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए काउंसिल द्वारा की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नेशन मिशन के डायरेक्टर रणदीप (आईएएस), आयुष विभाग के निदेशक सतपाल बहमनी, रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा, कौसिंल के सदस्य डॉ. निर्मल तेज सिंह, डॉ. मनफुल धीमान, डॉ. उमेशकांत खन्ना, डॉ. सुरेंद्र बिश्नोई, डॉ. अशोक वर्मा, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. विवेक ललित, डॉ. अरविंद सूद, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल मौजूद रहे।
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