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फसल बीमा योजना के तहत फार्म जमा करवाने आए किसानों के फार्म लेने से किया विभाग ने इंकार
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:00 PM IST
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फसल बीमा योजना के तहत किसानों के फार्म लेने से विभाग ने किया इंकार
फोटो नंबर : 36
किसानों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए किया हंगामा, एडीसी के निर्देश के बाद लिए फार्म
अब तक 900 से अधिक किसानों ने किए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। भारी बारिश के कारण खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए किसान फार्म लेकर पहुंचे लेकिन किसानों को विभाग की ओर से यह कह कर वापिस मोड़ दिया गया कि नियमों के अनुसार फसल नुकसान के बाद 48 घंटे के अंदर सूचना देनी होती है लेकिन आप लेट हो चुके हो। यह बात सुनते हुए किसान परेशान हो गए और उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर रोष जताया। इसके बाद किसान डीसी कार्यालय अपनी फरियाद लेकर पहुंच गए। यहां उन्होंने उपायुक्त महोदय से मिलने की गुहार लगाई लेकिन डीसी के कार्यालय में न होने पर सभी किसान एडीसी दफ्तर पहुंचे। जहां भी उन्हें मीटिंग चलने की बात कही गई लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद किसानों से अपनी समस्या के बारे में एडीसी को जानकारी दी। इस बारे में पता चलने के बाद एडीसी शक्ति सिंह ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए सभी विभाग में पहुंचे हुए किसानों का फार्म लेने के लिए कहा। इसके पश्चात ही किसानों ने अपने फार्म विभाग में जमा करवाए और राहत की सांस ली। मुआवजे के लिए अब तक करीब 900 से अधिक किसानों के आवेदन कृषि विभाग द्वारा पहुंच चुके हैं।
यह लगाए आरोप किसानों ने
विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को गुमराह कर रहा है। वह सुबह से कार्यालय में खड़े हैं, मगर उनके फार्म भरे नहीं जा रहे हैं। एक तो बारिश की मार ने उनकी फसल को तबाह कर दिया है और दूसरी ओर विभाग उनके मुआवजे को लेकर फार्म नहीं ले रहा है। ऐसा तब है जब सरकार ने फार्म जमा कराने के निर्देश जारी किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली से वह परेशान हैं। सरकार उन्हें मुआवजा देना चाहती है, मगर कृषि विभागीय अधिकारी उनके फार्म लेने से इंकार कर रहे हैं जोकि सही नहीं है। मायूस हुए किसानों ने एडीसी को अपनी आपबीती सुनवाई। किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें 48 घंटे तक अपने फार्म जमा कराने को कहा जा रहा है जबकि 48 घंटे का समय काफी कम है और यह समय सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए।
यह किसान पहुंचे थे विभाग
हरजिंद्र सिंह गांव मिजोपुर से 10 एकड़, सतपाल सिंह गांव दुखेड़ी से 6 एकड़, हरवंश गांव मोडी से 7 एकड़, परविंद्र गांव बाड़ा से 9 एकड़, धनश्याम गांव दुखेड़ी से 2 एकड़, गुरनेल गांव कंगवाल से 5 एकड़, बृजपाल गांव दुखेड़ी से 7 एकड़, महेंद्र पाल गांव न्यासी से 3 एकड़, अवतार सिंह गांव मालवा से 5 एकड़, तेज सिंह गांव मोखा माजरा से 3 एकड़, निर्मल सिंह कोट कछुआ से 4 एकड़, परविंद्र कोट कछुआ से 2 एकड़, बलवीर गांव खास पुरा से 2 एकड़, तरपाल गांव बाबोखेड़ी से 4 एकड़, गणेशदास गांव नयारसी से 4 एकड़, बहादुर गांव दराली से 10 एकड़, कौशल कुमार गांव न्यारसी से 4 एकड़ व अन्य किसान भी फसल का मुआवजा लेने के लिए विभाग पर पहुंचे थे।
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कोट्स
किसानों की शिकायत आने के तुरंत बाद ही विभाग को किसानों के फार्म जमा करने के लिए निर्देश दे दिए गए थे और किसानों के फार्म जमा करवा दिए गए है। किसानों को नियम अनुसार मुआवजा राशि मिलेगी।
-शक्ति सिंह, एडीसी, अंबाला।
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फोटो नंबर : 36
किसानों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए किया हंगामा, एडीसी के निर्देश के बाद लिए फार्म
अब तक 900 से अधिक किसानों ने किए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। भारी बारिश के कारण खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए किसान फार्म लेकर पहुंचे लेकिन किसानों को विभाग की ओर से यह कह कर वापिस मोड़ दिया गया कि नियमों के अनुसार फसल नुकसान के बाद 48 घंटे के अंदर सूचना देनी होती है लेकिन आप लेट हो चुके हो। यह बात सुनते हुए किसान परेशान हो गए और उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर रोष जताया। इसके बाद किसान डीसी कार्यालय अपनी फरियाद लेकर पहुंच गए। यहां उन्होंने उपायुक्त महोदय से मिलने की गुहार लगाई लेकिन डीसी के कार्यालय में न होने पर सभी किसान एडीसी दफ्तर पहुंचे। जहां भी उन्हें मीटिंग चलने की बात कही गई लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद किसानों से अपनी समस्या के बारे में एडीसी को जानकारी दी। इस बारे में पता चलने के बाद एडीसी शक्ति सिंह ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए सभी विभाग में पहुंचे हुए किसानों का फार्म लेने के लिए कहा। इसके पश्चात ही किसानों ने अपने फार्म विभाग में जमा करवाए और राहत की सांस ली। मुआवजे के लिए अब तक करीब 900 से अधिक किसानों के आवेदन कृषि विभाग द्वारा पहुंच चुके हैं।
यह लगाए आरोप किसानों ने
विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को गुमराह कर रहा है। वह सुबह से कार्यालय में खड़े हैं, मगर उनके फार्म भरे नहीं जा रहे हैं। एक तो बारिश की मार ने उनकी फसल को तबाह कर दिया है और दूसरी ओर विभाग उनके मुआवजे को लेकर फार्म नहीं ले रहा है। ऐसा तब है जब सरकार ने फार्म जमा कराने के निर्देश जारी किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली से वह परेशान हैं। सरकार उन्हें मुआवजा देना चाहती है, मगर कृषि विभागीय अधिकारी उनके फार्म लेने से इंकार कर रहे हैं जोकि सही नहीं है। मायूस हुए किसानों ने एडीसी को अपनी आपबीती सुनवाई। किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें 48 घंटे तक अपने फार्म जमा कराने को कहा जा रहा है जबकि 48 घंटे का समय काफी कम है और यह समय सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए।
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यह किसान पहुंचे थे विभाग
हरजिंद्र सिंह गांव मिजोपुर से 10 एकड़, सतपाल सिंह गांव दुखेड़ी से 6 एकड़, हरवंश गांव मोडी से 7 एकड़, परविंद्र गांव बाड़ा से 9 एकड़, धनश्याम गांव दुखेड़ी से 2 एकड़, गुरनेल गांव कंगवाल से 5 एकड़, बृजपाल गांव दुखेड़ी से 7 एकड़, महेंद्र पाल गांव न्यासी से 3 एकड़, अवतार सिंह गांव मालवा से 5 एकड़, तेज सिंह गांव मोखा माजरा से 3 एकड़, निर्मल सिंह कोट कछुआ से 4 एकड़, परविंद्र कोट कछुआ से 2 एकड़, बलवीर गांव खास पुरा से 2 एकड़, तरपाल गांव बाबोखेड़ी से 4 एकड़, गणेशदास गांव नयारसी से 4 एकड़, बहादुर गांव दराली से 10 एकड़, कौशल कुमार गांव न्यारसी से 4 एकड़ व अन्य किसान भी फसल का मुआवजा लेने के लिए विभाग पर पहुंचे थे।
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किसानों की शिकायत आने के तुरंत बाद ही विभाग को किसानों के फार्म जमा करने के लिए निर्देश दे दिए गए थे और किसानों के फार्म जमा करवा दिए गए है। किसानों को नियम अनुसार मुआवजा राशि मिलेगी।
-शक्ति सिंह, एडीसी, अंबाला।
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