गर्भावस्था में रखें ध्यान, तो सही रहेगा बच्चे का अपगार स्कोर

Rohtak Bureau Updated Mon, 05 Feb 2018 12:49 AM IST
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- बच्चे के जन्म पर अपगार स्कोर बताएगा बच्चा कितना स्वस्थ है
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गर्भावस्था में रखें ध्यान, तो सही रहेगा बच्चे का अपगार स्कोर
- अपगार स्कोर नहीं हुआ सही, तो बढ़ेंगी सेहत संबंधी दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
यदि गर्भावस्था में सही ध्यान न रखा गया, तो जन्म के बाद बच्चे का कम अपगार स्कोर उसके लिए परेशानी बढ़ाएगा। हालांकि अधिकतर मामलों में अभिभावकों को पता नहीं रहता कि अपगार स्कोर है क्या? जबकि कई मामलों में इसे नजरंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
चिकित्सकों की मानें, तो गर्भावस्था के दौरान यदि लापरवाही बरती जाती है, तो बच्चे के जन्म के समय दिक्कतें आ सकती हैं। जन्म के समय किया जाने वाला अपगार स्कोर ही बता देता है कि बच्चा स्वस्थ है या नहीं। गर्भावस्था के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण ही जन्म के समय अपगार स्कोर में गड़बड़ी आ सकती है। अधिकतर अभिभावकों को पता ही नहीं रहता कि उसके बच्चे का अपगार स्कोर कितना रहा है और न ही वे चिकित्सक से इस बारे में जानकारी लेते हैं। अधिकतर मामलों में चिकित्सक भी अपगार स्कोर के बारे में अभिभावकों को नहीं बताते। हां, सिर्फ इतना जरूर बताया जाता है कि बच्चा स्वस्थ या नहीं और यदि नहीं, तो उसका इलाज किया जा रहा है।
यह है अपगार
अपगार स्कोर पांच अक्षरों - एपीजीएआर से बना है। इसमें हर एल्फाबेट के दो नंबर हैं। बच्चे के जन्म के समय अपीयरेंस यानी स्किन कलर, पल्स यानी हार्ट रेट, ग्रीमेस रिस्पॉन्स यानी रिफ्लेक्स, एक्टिविटी यानी मसल टोन, रेस्पिरेशन यानी सांस लेना और कोशिश शामिल हैं। यह टेस्ट बच्चे के जन्म के एक मिनट, पांच मिनट और दस मिनट पर किया जाता है। पहले टेस्ट में यह स्कोर सात और दूसरे में नौ रहना अवश्य है। यही स्कोर तय करता है कि बच्चा कितना तंदुरुस्त है और उसे कहीं तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट चाहिए या नहीं।
सुविधाओं की कमी बन सकती है परेशानी
डिलीवरी के बाद बच्चे का अपगार स्कोर यदि कम है, तो जरूरी है कि अस्पताल में बच्चे के इलाज के लिए सुविधाएं हों। यदि अस्पताल में सुविधाएं पूरी नहीं होंगी, तो बच्चे के लिए परेशानी आ सकती है। अपगार स्कोर कम होने की स्थिति में बच्चे को तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट चाहिए होता है या फिर कुछ समय के अंतराल पर जरूरी है।
कोट्स---
बच्चे का अपगार स्कोर करना जरूरी है, जिससे बच्चे की स्थिति का पता चल जाता है। ऐसे में तुरंत ही बच्चे की आवश्यकता अनुसार तैयारी की जाती है, जबकि गर्भावस्था के दौरान पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। यदि लापरवाही बरती जाती है, तो अपगार स्कोर कम रह सकता है।
- डा. अर्ल गगनजोत, पीडिएट्रीशियन अंबाला

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