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- सोमवार टीम ने शाहपुर स्थित केंद्र में किया दौरा अनियमितताएं मिली
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:08 AM IST
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केंद्र में रह रहे नौ मरीज परिजनों को सौंपने के निर्देश, रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
शाहपुर स्थित नई किरण नशा मुक्ति केंद्र से 13 मरीजों के भागने के मामले में आखिरकार प्रशासन ने जागते हुए केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। जिला समाज कल्याण अधिकारी के निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर केंद्र में रह रहे नौ मरीजों को परिजनों को सौंपे जाने के निर्देश दिए गए। वहीं समाज कल्याण अधिकारी द्वारा केंद्र का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति (सिफारिश) की गई है। सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा अन्य विभागों ने भी केंद्र का मुआयना किया। इस दौरान टीम को यहां कई खामियां मिली। केंद्र में अभी भी नौ मरीज रह रहे हैं जिन्हें अब उनके परिजनों के सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए हैं। नशा मुक्ति केंद्र के पास आगामी जुलाई माह तक रजिस्ट्रेशन था।
यह मिलीं खामियां : सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर और अन्य टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया और इस दौरान कई खामियां मिली। केंद्र में खाना बेहतर माहौल में तैयार नहीं हो रहा था। इसके अलावा केंद्र में व्यापक ट्रैन्ड स्टाफ भी नहीं था। समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर ने बताया कि इससे पहले भी शाहपुर स्थित केंद्र का दौरा किया गया था तो यहां पर कुछ कमियां मिली थी और ट्रैन्ड स्टाफ उपलब्ध नहीं मिला था। इसकी रिपोर्ट भी समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय को भेजी गई है। सोमवार किए गए निरीक्षण के दौरान केंद्र में नौ मरीज मिले जिन्होंने वापस अपने घरों को जाने की इच्छा जताई है और केंद्र संचालक को निर्देश दिए गए हैं कि वह मरीजों को अब वापस भेजे। मौके पर ही मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की गई और उन्हें यहां से ले जाने को कहा गया है। आगामी एक दो दिनों में सभी मरीज यहां से वापस भेज दिए जाएंगे।
बता दें कि शुक्रवार मध्य रात नशा मुक्ति केंद्र से 13 मरीज भाग गए थे जिनमें से एक मरीज की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यहां से भागे शेष मरीज अपने-अपने घरों में पहुंच चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया था।
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नारायणगढ़ में पकड़ा बिना अनुमति चल रहा केंद्र
नारायणगढ़। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी और पुलिस टीम ने जिले में विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया। जिले में इस समय केवल चार अधिकृत नशा मुक्ति केंद्र है। विभाग को सूचना मिली थी कि नारायणगढ़ में एक केंद्र बिना अनुमति चल रहा है। इसपर समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने नारायणगढ़ के वार्ड पांच में स्थित नशा मुक्ति केंद्र का दौरा किया जिसे टीम ने बंद पाया। जिस मकान में नशा मुक्ति केन्द्र चलाने की खबर प्रशासन को मिली थी उस मकान पर ताले लगे थे। बाहर भैरव चैरिटेबल ट्रस्ट नशा मुक्ति केंद्र और मोबाइल नंबर लिखा था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हरियाणा से लाइसेंस जारी होता है। नारायणगढ़ में किसी भी नाम से किसी नशा मुक्ति केंद्र को विभाग द्वारा लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से यह केंद्र चल रहा है जिसपर कार्रवाई होगी। इस दौरान टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बिमला आंनद, समाज कल्याण विभाग के इंवेस्टिगेटर मदन लाल और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
शाहपुर स्थित नई किरण नशा मुक्ति केंद्र से 13 मरीजों के भागने के मामले में आखिरकार प्रशासन ने जागते हुए केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची। जिला समाज कल्याण अधिकारी के निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर केंद्र में रह रहे नौ मरीजों को परिजनों को सौंपे जाने के निर्देश दिए गए। वहीं समाज कल्याण अधिकारी द्वारा केंद्र का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की संस्तुति (सिफारिश) की गई है। सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा अन्य विभागों ने भी केंद्र का मुआयना किया। इस दौरान टीम को यहां कई खामियां मिली। केंद्र में अभी भी नौ मरीज रह रहे हैं जिन्हें अब उनके परिजनों के सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए हैं। नशा मुक्ति केंद्र के पास आगामी जुलाई माह तक रजिस्ट्रेशन था।
यह मिलीं खामियां : सोमवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर और अन्य टीम ने केंद्र का निरीक्षण किया और इस दौरान कई खामियां मिली। केंद्र में खाना बेहतर माहौल में तैयार नहीं हो रहा था। इसके अलावा केंद्र में व्यापक ट्रैन्ड स्टाफ भी नहीं था। समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर ने बताया कि इससे पहले भी शाहपुर स्थित केंद्र का दौरा किया गया था तो यहां पर कुछ कमियां मिली थी और ट्रैन्ड स्टाफ उपलब्ध नहीं मिला था। इसकी रिपोर्ट भी समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय को भेजी गई है। सोमवार किए गए निरीक्षण के दौरान केंद्र में नौ मरीज मिले जिन्होंने वापस अपने घरों को जाने की इच्छा जताई है और केंद्र संचालक को निर्देश दिए गए हैं कि वह मरीजों को अब वापस भेजे। मौके पर ही मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की गई और उन्हें यहां से ले जाने को कहा गया है। आगामी एक दो दिनों में सभी मरीज यहां से वापस भेज दिए जाएंगे।
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बता दें कि शुक्रवार मध्य रात नशा मुक्ति केंद्र से 13 मरीज भाग गए थे जिनमें से एक मरीज की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। यहां से भागे शेष मरीज अपने-अपने घरों में पहुंच चुके हैं। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया था।
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नारायणगढ़ में पकड़ा बिना अनुमति चल रहा केंद्र
नारायणगढ़। वहीं जिला समाज कल्याण अधिकारी और पुलिस टीम ने जिले में विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया। जिले में इस समय केवल चार अधिकृत नशा मुक्ति केंद्र है। विभाग को सूचना मिली थी कि नारायणगढ़ में एक केंद्र बिना अनुमति चल रहा है। इसपर समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने नारायणगढ़ के वार्ड पांच में स्थित नशा मुक्ति केंद्र का दौरा किया जिसे टीम ने बंद पाया। जिस मकान में नशा मुक्ति केन्द्र चलाने की खबर प्रशासन को मिली थी उस मकान पर ताले लगे थे। बाहर भैरव चैरिटेबल ट्रस्ट नशा मुक्ति केंद्र और मोबाइल नंबर लिखा था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरजीत कौर ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हरियाणा से लाइसेंस जारी होता है। नारायणगढ़ में किसी भी नाम से किसी नशा मुक्ति केंद्र को विभाग द्वारा लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से यह केंद्र चल रहा है जिसपर कार्रवाई होगी। इस दौरान टीम में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बिमला आंनद, समाज कल्याण विभाग के इंवेस्टिगेटर मदन लाल और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।