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Ambala News: वित्त विभाग का वेतन कोड पर 30 फीस कट
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अंबाला सिटी। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में कई प्राइमरी अध्यापकों का वेतन लटक गया है। इसका कारण वित्त विभाग की ओर से वेतन कोड पर 30 फीसद कट लगाना बताया जा रहा है। 30 प्रतिशत कट लगने से अध्यापकों का फरवरी माह का वेतन मार्च माह आधा निकलने के बाद भी नहीं मिला है।
इससे अध्यापकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। प्रदेश की बात करें तो ऐसे कई राजकीय स्कूलों के अध्यापक हैं, जिनका वेतन लटका है। वहीं, दूसरी तरफ वित्त विभाग की ओर से 30 प्रतिशत कट लगाने का मामला शिक्षा विभाग अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आया है। इसको लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि प्राइमरी अध्यापकों का वेतन लटकने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। संघ इस समस्या के समाधान के लिए निदेशालय से मिलेगा।
स्कूलों में पहले नहीं लगा ऐसा कट
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि राजकीय स्कूलों को अप्रैल में बजट अलाॅट किया जाता है। यह बजट पूरे वर्ष के लिए क्वार्टर वाइस दिया जाता है और सरकार द्वारा अलॉट किया गया बजट एक क्वार्टर में 25 प्रतिशत ही खर्च कर सकते हैं। राजकीय स्कूलों में अलग-अलग तरह का बजट दिया जाता है। हर बजट का एक कोड होता है। इसमें वेतन कोड भी शामिल होता है। पहले विभिन्न कोड पर वित्त विभाग की ओर से कट लगाया जाता था, मगर पिछले कुछ वर्ष में पहली बार ऐसा हुआ है कि वेतन कोड पर 30 प्रतिशत कट लग गया। जिससे राजकीय स्कूलों में प्राइमरी अध्यापकों का वेतन लटक गया है। 30 प्रतिशत कट लगने से ज्यादातर प्राइमरी शिक्षक प्रभावित हुए हैं। ऐसे में बहुत से जिलों के प्राइमरी अध्यापकों का वेतन नहीं निकला है। अंबाला जिले में भी पुलिस लाइन सीआरसी, माॅडल टाउन, सात नंबर सहित अन्य खंड में भी स्कूल शामिल है।
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वर्जन
जिले के राजकीय स्कूलों में प्राइमरी अध्यापकों का वेतन रुकने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं आई है। अगर इस बारे में कोई जानकारी मिलती है तो निदेशालय को सूचित किया जाएगा।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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इससे अध्यापकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। प्रदेश की बात करें तो ऐसे कई राजकीय स्कूलों के अध्यापक हैं, जिनका वेतन लटका है। वहीं, दूसरी तरफ वित्त विभाग की ओर से 30 प्रतिशत कट लगाने का मामला शिक्षा विभाग अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आया है। इसको लेकर राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा ने बताया कि प्राइमरी अध्यापकों का वेतन लटकने से उनके सामने परेशानी खड़ी हो गई है। संघ इस समस्या के समाधान के लिए निदेशालय से मिलेगा।
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स्कूलों में पहले नहीं लगा ऐसा कट
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रधान अमित छाबड़ा ने बताया कि राजकीय स्कूलों को अप्रैल में बजट अलाॅट किया जाता है। यह बजट पूरे वर्ष के लिए क्वार्टर वाइस दिया जाता है और सरकार द्वारा अलॉट किया गया बजट एक क्वार्टर में 25 प्रतिशत ही खर्च कर सकते हैं। राजकीय स्कूलों में अलग-अलग तरह का बजट दिया जाता है। हर बजट का एक कोड होता है। इसमें वेतन कोड भी शामिल होता है। पहले विभिन्न कोड पर वित्त विभाग की ओर से कट लगाया जाता था, मगर पिछले कुछ वर्ष में पहली बार ऐसा हुआ है कि वेतन कोड पर 30 प्रतिशत कट लग गया। जिससे राजकीय स्कूलों में प्राइमरी अध्यापकों का वेतन लटक गया है। 30 प्रतिशत कट लगने से ज्यादातर प्राइमरी शिक्षक प्रभावित हुए हैं। ऐसे में बहुत से जिलों के प्राइमरी अध्यापकों का वेतन नहीं निकला है। अंबाला जिले में भी पुलिस लाइन सीआरसी, माॅडल टाउन, सात नंबर सहित अन्य खंड में भी स्कूल शामिल है।
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जिले के राजकीय स्कूलों में प्राइमरी अध्यापकों का वेतन रुकने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं आई है। अगर इस बारे में कोई जानकारी मिलती है तो निदेशालय को सूचित किया जाएगा।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।