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जिले से सिर्फ 24 हजार खिलाड़ियों की एंट्री
अंबाला
Updated Thu, 21 Nov 2013 04:43 PM IST
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स्पैट में इस बार खिलाड़ियों का जोश ठंडा पड़ता दिखाई पड़ रहा है। पहले दौर में मात्र 24 हजार खिलाड़ियों ने अपनी एंट्री दी है।
वह भी तब जब खेल विभाग ने स्पैट रजिस्ट्रेशन की तिथि को 15 दिनों के लिए बढ़ाया। खेल विभाग का दावा था कि स्कूलों से करीब 50 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे लेकिन विभाग के दावे के महज पचास फीसदी बच्चों ने ही एंट्री ली।
स्पैट का पहला संस्करण सिर्फ 1750 खिलाड़ियों से शुरू हुआ था, जो बाद में 45 हजार के आंकड़े को भी पार कर गया। इसी से उत्साहित खेल विभाग को उम्मीद थी कि शिक्षा विभाग स्कूलों से कम से कम 50 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। लेकिन इस बार मायूसी इस कदर हुई कि आंकड़ा 24 हजार पर आकर ठहर गया। यह 24 हजार खिलाड़ी जिला के छह ब्लाकों से आए हैं।
स्कूल प्रिंसिपलों पर था दारोमदार
इस बार खेल विभाग की मीटिंग में भी यह तय किया गया था कि स्कूल स्तर पर खिलाड़ियों की शत प्रतिशत भागीदारी की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपलों की रहेगी।
प्रिंसिपलों ने ही तय करना था कि सभी बच्चे इसमें भाग लें। लेकिन हैरानी की बात कि प्रिंसिपल भी यह सुनिश्चित नहीं कर पाये कि सभी पात्र बच्चे स्पैट के पहले दौर में अपने को रजिस्टर्ड करवाएं।
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पहले ही दौर में खेल विभाग की यह प्लानिंग धरी की धरी रह गई, जबकि जिला के 800 स्कूलों से सिर्फ 24 हजार ने ही स्पैट के पहले दौर के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया।
अंबाला में स्पैट फाइनल की स्थिति
अभी तक के हुए स्पैट के ट्रायलों में अंबाला की स्थिति काफी खराब रही है। अभी तक स्पैट के हुए चार ट्रायलों में अब तक अंबाला के 34 खिलाड़ी ही फाइनल ट्रायल को क्लीयर कर स्कालरशिप की दावेदारी कर चुके हैं। लेकिन यह आंकड़ा काफी कम है और तत्कालीन खेल निदेशक भी इस पर चिंता जता चुके हैं।
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वह भी तब जब खेल विभाग ने स्पैट रजिस्ट्रेशन की तिथि को 15 दिनों के लिए बढ़ाया। खेल विभाग का दावा था कि स्कूलों से करीब 50 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे लेकिन विभाग के दावे के महज पचास फीसदी बच्चों ने ही एंट्री ली।
स्पैट का पहला संस्करण सिर्फ 1750 खिलाड़ियों से शुरू हुआ था, जो बाद में 45 हजार के आंकड़े को भी पार कर गया। इसी से उत्साहित खेल विभाग को उम्मीद थी कि शिक्षा विभाग स्कूलों से कम से कम 50 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। लेकिन इस बार मायूसी इस कदर हुई कि आंकड़ा 24 हजार पर आकर ठहर गया। यह 24 हजार खिलाड़ी जिला के छह ब्लाकों से आए हैं।
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स्कूल प्रिंसिपलों पर था दारोमदार
इस बार खेल विभाग की मीटिंग में भी यह तय किया गया था कि स्कूल स्तर पर खिलाड़ियों की शत प्रतिशत भागीदारी की जिम्मेदारी स्कूल प्रिंसिपलों की रहेगी।
प्रिंसिपलों ने ही तय करना था कि सभी बच्चे इसमें भाग लें। लेकिन हैरानी की बात कि प्रिंसिपल भी यह सुनिश्चित नहीं कर पाये कि सभी पात्र बच्चे स्पैट के पहले दौर में अपने को रजिस्टर्ड करवाएं।
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पहले ही दौर में खेल विभाग की यह प्लानिंग धरी की धरी रह गई, जबकि जिला के 800 स्कूलों से सिर्फ 24 हजार ने ही स्पैट के पहले दौर के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया।
अंबाला में स्पैट फाइनल की स्थिति
अभी तक के हुए स्पैट के ट्रायलों में अंबाला की स्थिति काफी खराब रही है। अभी तक स्पैट के हुए चार ट्रायलों में अब तक अंबाला के 34 खिलाड़ी ही फाइनल ट्रायल को क्लीयर कर स्कालरशिप की दावेदारी कर चुके हैं। लेकिन यह आंकड़ा काफी कम है और तत्कालीन खेल निदेशक भी इस पर चिंता जता चुके हैं।