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अब नहीं होगी एंबुलेंस सेवा प्रभावित, विभाग को मिली नई 11 एंबुलेंस

Sun, 23 Dec 2018 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 01:08 AM IST
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अब नहीं होगी एंबुलेंस सेवा प्रभावित, विभाग को मिली नई 11 एंबुलेंस
स्वास्थ्य विभाग को मिलीं 11 नई एंबुलेंस
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पुरानी एंबुलेंस की जगह किया जाएगा रिप्लेस
मरीजों को दूसरे अस्पताल में रेफर के दौरान देरी नहीं होने का दावा
फोटो नंबर - 48
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अब मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर के दौरान देरी नहीं होने का दावा किया जा रहा है, क्योंकि अब नई एंबुलेंस सड़कों पर सरपट दौड़ती नजर आएंगी। शनिवार को जिले के स्वास्थ्य विभाग को 11 नई एंबुलेंस मिली हैं जिन्हें जल्द ही बेड़े में शामिल कर पुरानी एंबुलेंस की जगह रिप्लेस किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि एक माह के भीतर नई एंबुलेंस फंक्शनल हो जाएंगी। इसका सीधा फायदा मरीजों को होगा।
अकसर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर व जिले में एक से दूसरे अस्पताल जाते वक्त कई एंबुलेंस बीच रास्ते खराब हो जाती थीं जो कि कई-कई महीने वर्कशॉप में खड़ी रहती थीं। इस कारण एंबुलेंस सेवा प्रभावित होती थी। इसी के चलते मुख्यालय में अधिकारियों ने नई एंबुलेंस का प्रस्ताव भेजा था जिसे स्वीकृत करते हुए 11 एंबुलेंस अंबाला को दे दी गई हैं। इसके बाद मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस रास्ते में खराब नहीं होंगी।
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जिले में कुल 22 एंबुलेंस
जिले में इस समय कुल 22 एंबुलेंस हैं। इसमें सिटी में तीन, कैंट में तीन, नारायणगढ़ में तीन, शहजादपुर में एक, चौड़मस्तपुर में एक, नग्गल में एक, माजरी में एक, बराड़ा में एक, साहा में एक, मुलाना में एक, कुराली में एक समेत कई अन्य स्थानों पर हैं। इनमें से दो एंबुलेंस जो अच्छी हालात में थीं उन्हें सरकारी आदेश पर कुरुक्षेत्र भेज दिया है। हालात यह हैं कि जिले की करीब 10 एंबुलेंस अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं। इसमें से 8 घोषित तौर पर कंडम करने वाली हो गई हैं। जो करीब तीन लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं।
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महीने बाद वर्कशॉप से आती है एंबुलेंस
जिले में अकसर एंबुलेंस खराब होती रहती हैं। इसकी जानकारी होने के बावजूद इन्हें दौड़ाया जा रहा है। नतीजा आए दिन यह रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। एंबुलेंस से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि एक बार जो गाड़ी खराब होकर वर्कशॉप जाती है वह जल्द वहां से ठीक होकर नहीं आती। वहां करीब 5 से 10 दिन का समय लग ही जाता है। कई एंबुलेंस तो ऐसी हैं जिन्हें महीने से भी ज्यादा हो जाता है।
शेड नहीं, धूप में तपती हैं एंबुलेंस
सिटी सिविल अस्पताल को मिली तीन नई एंबुलेंस में एसी की सुविधा है। बाकी की तमाम गाड़ियों में यह सुविधा नहीं है। हालात यह है कि यह गाड़ियां खुले में धूप में खड़ी रहती हैं। नतीजा यह धूप से तप जाती हैं और अंदर का माहौल बेहद गर्म होता है। जिनमें एसी है उन गाड़ियों में कूलिंग कम से कम 10 मिनट चलने के बाद शुरू होती है। शेड की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कोट्स
नई एंबुलेंस के लिए प्रस्ताव बना कर मुख्यालय भेजा गया था। शनिवार को 11 नई एंबुलेंस मिल गई हैं। इनकी दस्तावेज प्रकिया पूरी होने के बाद पुरानी एंबुलेंस के स्थान पर रिप्लेस कर दिया जाएगा।
-अंजलि शर्मा, फलीट मैनेजर, अंबाला।
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