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%श्रीराम का वजूद है, बाबरी मस्जिद का इतिहास कोई नहीं गाता’
Updated Mon, 03 Dec 2018 01:07 AM IST
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- अंबाला में विहिप के विराट हिंदू सम्मेलन में संतों के तीखे तेवर -
श्रीराम का वजूद है, बाबरी मस्जिद का इतिहास कोई नहीं गाता
कहा- सत्ता मिलने के बाद भूल गए श्रीराम को तो कैसे होगा बेड़ा पार
अंबा की धरती से मंदिर निर्माण का आह्वान कर राम भक्तों में जोश भर गए संत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। विश्व हिंदू परिषद द्वारा सिटी अनाज मंडी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में जहां अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर तेवर तल्ख दिखाई दिए, वहीं अंबा की धरती (अंबाला) से मंदिर निर्माण का आह्वान कर संतों ने रामभक्तों में जोश भर दिया। करीब ढाई घंटे चले हिंदू सम्मेलन में संतों ने जहां सरकार को मंदिर निर्माण करवाने के लिए चेतावनी दी, वहीं रामभक्तों को भी हनुमान बनकर राम मंदिर बनाने का आह्वान किया।
विश्व परमार्थ फाउंडेशन संस्थापक एवं अग्नि अखाड़ा के सचिव स्वामी ब्रह्मचारी संपूर्णानंद महाराज ने कहा कि अंबा (अंबाला) की धरती से मंदिर निर्माण का आह्वान हो रहा है और हरियाणा से ही न्याय धर्म की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि संत और सत्ता यदि एक साथ आ जाएं तो श्रीराम मंदिर का निर्माण असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के वजूद पर सवाल उठाने वालों को सबक तो मिलेगा, जबकि राम का वजूद तो है, लेकिन बाबरी मस्जिद का कोई इतिहास नहीं मिलेगा। भक्तों का काम है कि राम मंदिर बनाना, जिसे पूरा करके ही रहेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राम मंदिर बनवाया जाए, नहीं तो सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे। कोई और यदि मंदिर की बात करता है तो हम उसके साथ हैं।
उधर, संतों ने इस सम्मेलन के जरिये साफ किया कि राम मंदिर के लिए अब समय आ गया कि सभी भक्त एकजुट हो जाएं। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल खुद तो महल में रहते हैं और प्रभु राम के लिए मंदिर बनाने में रोड़े अटकाते हैं। साध्वी डॉ. अमृता ने कहा कि यह समय चुनावों का नहीं है, जबकि भक्तों को अब चुनाव करना होगा।
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अंबाला का हर रास्ता गूंजा जय श्री राम से
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित यह सम्मेलन जहां राम भक्तों की भावनाओं को जागृत कर गया, वहीं हर रास्ता जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा। शायद ही कोई संत ऐसा हो, जिसने यह जयघोष मंच पद संबोधन से पहले और बाद में न बोला हो। अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर (लोकसभा क्षेत्र अंबाला) से करीब पांच हजार की भीड़ इस आयोजन में उमड़ी।
विहिप ने भी अपनी मौजूदगी का कराया अहसास
इस विराट हिंदू सम्मेलन के जरिये विश्व हिंदू परिषद ने भी अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया है। सम्मेलन के जरिये जहां संतों ने एकजुट होकर रामभक्तों को एक साथ मिलकर राम मंदिर का आह्वान किया, वहीं विहिप ने अपनी मौजूदगी प्रभावी ढंग से दिखाई है।
झांकी ने किया आकर्षित
सम्मेलन अभी शुरू होने को ही था कि श्रीराम व हनुमान की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। जैसे ही यह झांकी आयोजन स्थल पर पहुंची, मौजूद सभी लोगों ने जय श्रीराम के जयघोष लगा दिए। इसके साथ ही सिर पर कलश धारण किए महिलाओं ने भी इस आयोजन में भागीदारी की।
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श्रीराम का वजूद है, बाबरी मस्जिद का इतिहास कोई नहीं गाता
कहा- सत्ता मिलने के बाद भूल गए श्रीराम को तो कैसे होगा बेड़ा पार
अंबा की धरती से मंदिर निर्माण का आह्वान कर राम भक्तों में जोश भर गए संत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। विश्व हिंदू परिषद द्वारा सिटी अनाज मंडी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में जहां अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर तेवर तल्ख दिखाई दिए, वहीं अंबा की धरती (अंबाला) से मंदिर निर्माण का आह्वान कर संतों ने रामभक्तों में जोश भर दिया। करीब ढाई घंटे चले हिंदू सम्मेलन में संतों ने जहां सरकार को मंदिर निर्माण करवाने के लिए चेतावनी दी, वहीं रामभक्तों को भी हनुमान बनकर राम मंदिर बनाने का आह्वान किया।
विश्व परमार्थ फाउंडेशन संस्थापक एवं अग्नि अखाड़ा के सचिव स्वामी ब्रह्मचारी संपूर्णानंद महाराज ने कहा कि अंबा (अंबाला) की धरती से मंदिर निर्माण का आह्वान हो रहा है और हरियाणा से ही न्याय धर्म की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि संत और सत्ता यदि एक साथ आ जाएं तो श्रीराम मंदिर का निर्माण असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के वजूद पर सवाल उठाने वालों को सबक तो मिलेगा, जबकि राम का वजूद तो है, लेकिन बाबरी मस्जिद का कोई इतिहास नहीं मिलेगा। भक्तों का काम है कि राम मंदिर बनाना, जिसे पूरा करके ही रहेंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राम मंदिर बनवाया जाए, नहीं तो सरकार को सत्ता से बाहर कर देंगे। कोई और यदि मंदिर की बात करता है तो हम उसके साथ हैं।
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उधर, संतों ने इस सम्मेलन के जरिये साफ किया कि राम मंदिर के लिए अब समय आ गया कि सभी भक्त एकजुट हो जाएं। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल खुद तो महल में रहते हैं और प्रभु राम के लिए मंदिर बनाने में रोड़े अटकाते हैं। साध्वी डॉ. अमृता ने कहा कि यह समय चुनावों का नहीं है, जबकि भक्तों को अब चुनाव करना होगा।
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अंबाला का हर रास्ता गूंजा जय श्री राम से
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित यह सम्मेलन जहां राम भक्तों की भावनाओं को जागृत कर गया, वहीं हर रास्ता जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा। शायद ही कोई संत ऐसा हो, जिसने यह जयघोष मंच पद संबोधन से पहले और बाद में न बोला हो। अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर (लोकसभा क्षेत्र अंबाला) से करीब पांच हजार की भीड़ इस आयोजन में उमड़ी।
विहिप ने भी अपनी मौजूदगी का कराया अहसास
इस विराट हिंदू सम्मेलन के जरिये विश्व हिंदू परिषद ने भी अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया है। सम्मेलन के जरिये जहां संतों ने एकजुट होकर रामभक्तों को एक साथ मिलकर राम मंदिर का आह्वान किया, वहीं विहिप ने अपनी मौजूदगी प्रभावी ढंग से दिखाई है।
झांकी ने किया आकर्षित
सम्मेलन अभी शुरू होने को ही था कि श्रीराम व हनुमान की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। जैसे ही यह झांकी आयोजन स्थल पर पहुंची, मौजूद सभी लोगों ने जय श्रीराम के जयघोष लगा दिए। इसके साथ ही सिर पर कलश धारण किए महिलाओं ने भी इस आयोजन में भागीदारी की।