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डाक्टर साहिबा आ रही हैं, लिफ्ट तीसरी मंजिल पर ही रुकेगी

Sat, 29 Sep 2018 12:47 AM IST
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:47 AM IST
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डाक्टर साहिबा आ रही हैं, लिफ्ट तीसरी मंजिल पर ही रुकेगी
डॉक्टर साहिबा आ रही हैं, लिफ्ट तीसरी मंजिल पर ही रुकेगी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। स्थान : सिविल अस्पताल, समय : करीब नौ बजे। ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए पांच-छह बुजुर्ग व अन्य मरीज लिफ्ट में चढ़े। किसी को पहली तो किसी को दूसरी मंजिल पर जाना था। तभी एक महिला डॉक्टर ने भी लिफ्ट में प्रवेश किया और लिफ्ट संचालक से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए कहा। सभी लोग अपनी मंजिल का इंतजार कर रहे थे, लेकिन लिफ्ट सीधे तीसरी मंजिल पर रुकी। मरीजों ने समझा कि उनकी मंजिल आ गई है। ऐसे में सभी बाहर निकलने लगे तो महिला डॉक्टर उन पर चिल्लाईं। तभी किसी ने लिफ्ट संचालक से पूछा कि आपने तीसरी मंजिल पर लिफ्ट क्यों रोकी तो उसने कहा कि स्टाफ है, आप इस बारे में एसएमओ से बात करो। वहीं मरीज का परिजन जब एसएमओ से मिला तो उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की।
कैंट सिविल अस्पताल में महिला डॉक्टर व लिफ्ट संचालक की मनमानी सामने आई है। शंकर पार्क, अंबाला कैंट निवासी 62 वर्षीय प्रीतो देवी ने बताया कि उसकी एक आंख खराब है और दूसरी के दो आपरेशन हो चुके हैं। काउंटर से पर्ची कटवाने के बाद वह दूसरी मंजिल पर स्थित आई ओपीडी में जाने के लिए लिफ्ट पर चढ़ी। उनका बेटा भी साथ था। लिफ्ट में काफी लोग थे। डॉ. पूजा गुप्ता भी लिफ्ट में थीं। वह दरवाजे पर खड़ी थीं। लिफ्ट संचालक से कहने के बाद भी उसने लिफ्ट तीसरी मंजिल पर रोकी। मैंने सोचा कि यहीं उतरना है, तभी महिला डॉक्टर ने बदतमीजी से बात की। लिफ्ट संचालक से पूछने पर उसने स्टाफ होने का हवाला दिया। वहीं 65 वर्षीय अजमेर कौर ने बताया कि लिफ्ट में महिला डॉक्टर ने बदतमीजी की। मुझे दूसरी मंजिल पर जाना था, लेकिन तीसरी मंजिल पर ले जाया गया। फिर दोबारा लिफ्ट से दूसरी मंजिल पर पहुंचीं।
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मंत्री के क्षेत्र में यह है हाल
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के क्षेत्र में बने सिविल अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं के लिए 1 जनवरी 2017 को लिफ्ट का निर्माण हुआ था। लेकिन, लगता है कि यहां के स्टाफ ने वीआईपी कल्चर अपनाया हुआ है। मरीजों का दर्द न देखकर अपनी सुविधा देखी जा रही है।
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कोट
महिला डॉक्टर को मैंने ही तुरंत बुलवाया था। वह गर्भवती हैं। लिफ्ट रुकने पर मरीजों ने धक्का दिया तभी उन्होंने डांटा। स्टाफ के लिए अलग से लिफ्ट की व्यवस्था नहीं है। जल्द ही उनके लिए यह व्यवस्था हो जाएगी। ऊपर से आदेश हैं कि अगर कोई गंभीर केस नहीं है तो स्टाफ को जहां जाना है उसके अनुसार लिफ्ट रुकेगी।
-सतीश कुमार, एसएमओ, सिविल अस्पताल कैंट।
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