फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   150 सालों की सात लाख फाइलों का रिकार्ड कभी भी हो सकता है दफन

150 सालों की सात लाख फाइलों का रिकार्ड कभी भी हो सकता है दफन

Sun, 16 Sep 2018 01:25 AM IST
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
150 सालों की सात लाख फाइलों का रिकार्ड कभी भी हो सकता है दफन
तरूण अग्रवाल
विज्ञापन

अंबाला सिटी। अंग्रेजों के जमाने से यहां के रिकार्ड रूम में रखी फाइलें धूल फांक रही हैं। अंबाला और पंचकूला के लोगों से जुड़े 150 सालों की सात लाख फाइलों का रिकार्ड कभी भी दफन हो सकता है। इस रिकार्ड को ऐसी जगह पर रखा गया है, जिसकी बिल्डिंग कभी भी धराशायी हो सकती है। इससे न केवल जरूरी काम बाधित हो जाएंगे, बल्कि जान का नुकसान भी हो सकता है। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन की ओर से पुराने रिकार्ड को संभालने के लिए दफ्तर में केवल एक व्यक्ति तैनात है, जोकि चोटिल हो रखा है। बिल्डिंग की छत भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो रही है, जिस कारण आए दिन छत से ईंटें गिरती रहती हैं। खिड़कियों पर शीशे न लगे होने के कारण बारिश के समय में पानी की बौछारें रिकार्ड रूम तक पहुंच जाती हैं, जिस कारण सारा कागजी रिकार्ड खराब होने लग गया है। बिल्डिंग में कई जगह लाइट की व्यवस्था न होने के कारण कई बार अंधेरे में ही संचालक को फाइलें ढूंढनी पड़ती हैं। बता दें कि गत दिनों अदालत में एक पुरानी फाइल की जरूरत पड़ी थी और यह फाइल रिकार्ड रूम से गायब मिली। इसपर अपराधिक मामला सीटीएम द्वारा दर्ज कराया गया था। अब सवाल है कि रखरखाव के अभाव में और भी फाइलें यहां से गुम होने का खतरा है।

पूरी तरह गल गई हैं लकड़ियों की कड़ियां
जिन लकड़ियों की कड़ियों पर पुराने रिकार्ड की बोरियों को रखा गया है, उन्हें सींक ने खाकर पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति फाइल ढूंढने के लिए उन कड़ियों पर चलता है तो वह कई जगह से टूट जाती हैं, जिस कारण कोई भी व्यक्ति कभी भी किसी बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। ऊपर से वहां पर बिजली की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अंधेरे में कुछ दिखाई भी नहीं देखा है, जिस कारण फाइल ढूंढने में परेशानी होती है। वहीं अपनी फाइल के लिए आने वाले वकीलों ने भी बताया कि कई वहां पर काम करने वाले कर्मचारी कई बार कड़ियां टूटने के कारण घायल हो चुके हैं।
विज्ञापन


लगभग 14 सालों से कंडम घोषित है बिल्डिंग
जानकारी के अनुसार इस बिल्डिंग को लगभग 14 साल पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। इसके बाद इस बिल्डिंग में लगभग 150 साल पुराना रिकार्ड रखा हुआ है। इस रिकार्ड रूम में अभी भी डीसी, एसडीएम, डीपीओ, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों से जुड़ी फाइलों को इसी रिकार्ड रूम में जमा किया जाता है। फिर भी इस रिकार्ड रूम के सुधार व इसे बदलने के लिए किसी भी तरह का कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले दिनों गुम हुई थी फाइल
पिछले दिनों अंबाला सिटी थाना में सीटीएम की ओर से फाइल गुम होने की शिकायत दी गई थी। यह फाइल स्वरूप सिंह बनाम जय सिंह की थी, जिसका फैसला 21 जुलाई 1962 में हुआ था। फाइल पुरानी होने के कारण नहीं मिल सकी और रिकार्ड रूम की तरफ से फाइल गुम होने की एफआईआर दर्ज करवाई गई। ऐसे ही एक और फाइल की एफआईआर भी थाने में हो सकती है, जोकि मिल नहीं रही है। जानकारी के अनुसार यह फाइल जयंती देवनी बनाम प्रहलाद है, जिसका फैसला 12 अगस्त 1969 को हुआ था।

गठड़ियों में से निकलते हैं सांप
गठड़ियों में से फाइल निकालते समय कई बार सांप व अन्य जहरीले जीव निकलते हैं। साथ ही खिड़कियां टूटने के कारण बाहर से कुत्ते व अन्य जानवर गंदगी करके चले जाते हैं. जिसकी बाद में उन्हें ही सफाई करनी होती है।

कई साल पहले लगी थी आग, कई फाइलें हुई थी खाक
जानकारी के अनुसार कई साल पहले इस स्टोर रूम में आग लग गई थी, जिसमें कई जगाधरी यमुनानगर से संबंधित काफी दस्तावेज खाक होने का अनुमान लगाया गया था। इसके बाद वहां के सारा रिकार्ड को यमुनानगर में ही शिफ्ट कर दिया गया था।


सिक्योरिटी की नहीं है व्यवस्था
रिकार्ड रूम में न तो किसी तरह के कोई फायर सुरक्षा के यंत्र लगे हुए हैं और न ही कोई सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है क्योंकि आए दिन लोगों और कर्मचारियों में बहस हो जाती है, जिसे अन्य स्टाफ की मदद से काफी मुश्किल से सुलझाया जाता है। इससे पूर्व भी एक बाद इस रिकार्ड रूम में आग लग चुकी है जिसके बाद भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है।

रिकार्ड रूम में खास
- लगभग वर्ष 1854 से जमा किया गया रिकार्ड
- लगभग 10 हजार फाइलों की गठड़ियां
- 7 लाख से अधिक फाइलें
- उर्दू, अंग्रेजी, हिंदी की हैं फाइलें
- ज्यूडिशरी से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण फैसलों से संबंधित फाइलें हैं मौजूद
- अंग्रेजों के जमाने में हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों की फाइलें
- 1962 तक कोर्ट के फैसले की फाइलें
................
सीटीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। जल्द उसकी व्यवस्था को देखकर कार्यवाही की जाएगी।
-शरणदीप कौर बराड़, उपायुक्त, अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed