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सोनी की शहादत को देश का सलाम
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:33 AM IST
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तेपला में राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ हुआ शहीद विक्रमजीत सिंह का अंतिम संस्कार
आलोक सिंह रघुवंशी
अंबाला कैंट। अपनी शहादत से देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाले सेना के जवान विक्रमजीत सिंह उर्फ सोनी को हजारों के जनसैलाब के बीच अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांव तेपला में देश के वीर सपूत का वीरवार को राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि पिता बलजीत सिंह ने दी तो सेना और पुलिस की टुकड़ी ने हथियार उल्टे करके, मातमी धुन बजाकर और हवा में गोलियां दागकर शहीद को सलामी दी।
जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर के 36 आरआर यूनिट में तैनात 26 वर्षीय विक्रमजीत सिंह आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान मंगलवार को शहीद हो गए थे। वह वर्ष 2013 में सेना में लांस नायक के पद पर भर्ती हुए थे। वीरवार सुबह आठ बजे फूलों से सजी हुई सेना की गाड़ी व अन्य वाहनों के काफिले के रूप में तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया गया। गांव के प्रवेश मार्ग पर ही हजारों लोग शहीद के सम्मान के लिए उपस्थित थे और काफिला पहुंचते ही पूरा वातावरण भारत माता की जय, विक्रमजीत सिंह अमर रहे और बोले सो निहाल सत श्री अकाल के गगनभेदी जयघोषों से गूंज उठा।
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मेरे सोनी को मुझसे मिला दो
विक्रमजीत का शव घर पहुंचते ही छह माह की गर्भवती पत्नी हरप्रीत कौर, मां कमलेश कौर और भाई मोनू सिंह का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्हें देखकर सभी के आंखों में आंसू झलक पड़े। पत्नी बार-बार यही कह रही थी कि मेरे सोनी को मुझसे मिला दो।
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पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे
शहीद का शव जैसे ही घर से अंतिम संस्कार के लिए निकला तो ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
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शहीद की पत्नी को दी जाएगी सरकारी नौकरी : विज
हरियाणा सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र भेंट करके श्रद्धांजलि दी और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने 8 अगस्त को ही शहीद की पत्नी हरप्रीत कौर, पिता बलजीत सिंह और माता कमलेश कौर के बैंक खाते में 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जमा करवा दी है। इस राशि में से 23.34 लाख पत्नी, 13.33 लाख पिता और 13.33 लाख रुपये माता के बैंक खाते में डाले गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार के निर्णय के तहत शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। इसके लिए डीसी शरणदीप कौर बराड़ व जिला सैनिक बोर्ड के सचिव को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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आलोक सिंह रघुवंशी
अंबाला कैंट। अपनी शहादत से देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाले सेना के जवान विक्रमजीत सिंह उर्फ सोनी को हजारों के जनसैलाब के बीच अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांव तेपला में देश के वीर सपूत का वीरवार को राजकीय और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि पिता बलजीत सिंह ने दी तो सेना और पुलिस की टुकड़ी ने हथियार उल्टे करके, मातमी धुन बजाकर और हवा में गोलियां दागकर शहीद को सलामी दी।
जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर के 36 आरआर यूनिट में तैनात 26 वर्षीय विक्रमजीत सिंह आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान मंगलवार को शहीद हो गए थे। वह वर्ष 2013 में सेना में लांस नायक के पद पर भर्ती हुए थे। वीरवार सुबह आठ बजे फूलों से सजी हुई सेना की गाड़ी व अन्य वाहनों के काफिले के रूप में तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया गया। गांव के प्रवेश मार्ग पर ही हजारों लोग शहीद के सम्मान के लिए उपस्थित थे और काफिला पहुंचते ही पूरा वातावरण भारत माता की जय, विक्रमजीत सिंह अमर रहे और बोले सो निहाल सत श्री अकाल के गगनभेदी जयघोषों से गूंज उठा।
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मेरे सोनी को मुझसे मिला दो
विक्रमजीत का शव घर पहुंचते ही छह माह की गर्भवती पत्नी हरप्रीत कौर, मां कमलेश कौर और भाई मोनू सिंह का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्हें देखकर सभी के आंखों में आंसू झलक पड़े। पत्नी बार-बार यही कह रही थी कि मेरे सोनी को मुझसे मिला दो।
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पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे
शहीद का शव जैसे ही घर से अंतिम संस्कार के लिए निकला तो ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
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शहीद की पत्नी को दी जाएगी सरकारी नौकरी : विज
हरियाणा सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र भेंट करके श्रद्धांजलि दी और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने 8 अगस्त को ही शहीद की पत्नी हरप्रीत कौर, पिता बलजीत सिंह और माता कमलेश कौर के बैंक खाते में 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जमा करवा दी है। इस राशि में से 23.34 लाख पत्नी, 13.33 लाख पिता और 13.33 लाख रुपये माता के बैंक खाते में डाले गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरकार के निर्णय के तहत शहीद की पत्नी को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। इसके लिए डीसी शरणदीप कौर बराड़ व जिला सैनिक बोर्ड के सचिव को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।