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- कैंटोनमेंट बोर्ड पार्षद समेत कर्मचारियों ने रक्षा मंत्रालय के खिलाफ लगाए नारे

Sun, 06 Aug 2017 11:24 PM IST
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:24 PM IST
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- कैंटोनमेंट बोर्ड पार्षद समेत कर्मचारियों ने रक्षा मंत्रालय के खिलाफ लगाए नारे
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पार्षद समेत कर्मचारियों ने निकाला रोष मार्च, मंत्री को सौंपा ज्ञापन
- कैंटोनमेंट बोर्ड पार्षद समेत कर्मचारियों ने रक्षा मंत्रालय के खिलाफ लगाए नारे
- बाजारों से रोष मार्च निकालने के बाद मंत्री के आवास के बाहर की नारेबाजी
- रक्षा मंत्रालय, आर्मी चीफ सहित अन्य अधिकारियों के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मिलिट्री फार्म को तीन माह के अंदर बंद कर देने के फैसले के बाद मिलिट्री फार्म कर्मचारियों और उनके परिवार ने रक्षा मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुस्साए कर्मचारी परिवार सहित सड़कों पर उतर आए और बाजारों से रोष मार्च निकालते हुए स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज के निवास स्थान पर पहुंचे। कर्मचारियों सहित परिजनों व कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद व पूर्व वाइस प्रेसिडेंट सुरेंद्र तिवारी सहित सभी मिलिट्री फार्म बंद करने का विरोध जताया, वहीं नारेबाजी कर मंत्री की कालोनी के बाहर की जमीन पर बैठ गए।
यह रोष मार्च सैन्य क्षेत्र स्थित मिलिट्री फार्म के मुख्य गेट से आरंभ होकर आर्मी एरिया, कैपिटल चौक, राय मार्केट, मच्छी मोहल्ला से होता हुआ मंत्री अनिल विज की कालोनी के बाहर पहुंचा था। इस दौरान कर्मचारियों ने रक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की और पशुओं पर अत्याचार करने को लेकर रोष जता रहे थे। हालांकि गोल चक्कर पर कर्मचारियों व पुलिस के बीच रूट डायवर्ट करने को लेकर बहस हुई, परंतु पुलिस ने हाइवे पर जाम के कारण उन्हें बाजारों से गुजरने को कहा। वहीं, कालोनी के बाहर तैनात पुलिस बल ने कर्मचारियों को शंात करवाकर छह लोगों की टीम को मंत्री से मुलाकात करने के लिए भेजा। टीम में मौजूदा सदस्यों ने अपनी मांगो को मंत्री के समक्ष रखा और उन्हें रक्षामंत्रालय, रक्षा मंत्री, आर्मी चीफ व अन्य आलाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि सेना मिलिट्री फार्म को बंद करने के फैसले को वापस लें, ताकि सैकड़ों कर्मचारियों के परिवारों पर रोजगार का संकट न गहरा सकते और फार्म में मौजूद पशुओं को भी फार्म में रखा जा सके।
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उधर, मंत्री विज ने ज्ञापन लेकर कर्मचारियों को उनकी मांगों को रक्षामंत्रालय के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद कर्मचारी शांत होकर घरों को लौट गए। मिलिट्री डेयरी फार्म के जनरल सेक्रेटरी मैनेजर अनिल गुप्ता, सुपरिंटेंडेंट हरदीप सिंह का कहना है कि सेना ने जो देशभर के 39 मिलिट्री फार्म के अंदर अंबाला के मिलिट्री फार्म को बंद करने का फैसला लिया है। इससे फार्म में मौजूदा 2500 पशुओं के लिए संकट गहरा गया है। उन्हें पशुओं को गोशालाओं में छोड़ने के लिए बोला जा रहा है और पहले से ही गोशालाएं भरी हुई हैं। अब इन पशुओं को कहां रखा जाएगा, जबकि उन्हें तीन माह के अंदर फार्म बंद करने का नोटिस दिया हुुआ है। वहीं सैकड़ों कच्चे कर्मचारियों पर भी रोजगार की तलवार लटक गई है।
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ये हैं सेना के निर्देश
भारतीय सेना की ओर से तीन माह के अंदर देशभर के 39 मिलिट्री फार्म को बंद करने का फैसला लिया है। दरअसल, भारतीय सेना की ओर से संचालित मिलिट्री फार्म को कई सालों से बंद करने की कवायद की जा रही थी और अब जाकर सेना मुख्यालय ने 14 जुलाई को मिलिट्री फार्म अंबाला में बाकायदा तीन माह का नोटिस जारी कर दिया गया है। इन निर्देशों के बाद फार्म के अंदर सभी प्रकार की एक्टिविटी को भी बंद कर दिया और विभाग पशुओं को निकलने की तैयारी करने में लगा हुआ है।

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मिलिट्री फार्म को बंद करने का फैसला रक्षा मंत्रालय से जुड़ा है और जो फैसला लिया है वो सोच समझ कर लिया होगा। मिलिट्री फार्म के कर्मचारी फार्म को बंद करने पर विरोध जता रहे हैं तो उन्हें मांग पत्र को रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा।
- अनिल विज, स्वास्थ्य व खेल मंत्री
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