{"_id":"5c68671abdec22737548bb1e","slug":"181550346010-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लावारिस पशुओं को पकडने की मुहिम जारी, रोजाना 15 पशु को पकडने का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लावारिस पशुओं को पकडने की मुहिम जारी, रोजाना 15 पशु को पकडने का लक्ष्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अंबाला कैंट। नगर निगम की तरफ से लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान जारी है। इस दौरान सड़कों व गलियों में हादसों का कारण बने पशुओं को पकड़ा जा रहा है। रोजाना सिटी व कैंट में 15 पशुओं को पकड़ा जा रहा है और उन्हें सुरक्षित गोशालाओं में भेजा जा रहा है। वहीं श्रीकृष्ण गोसेवा समिति व जियो गीता युवा चेतना परिवार के सदस्यों ने जरूरत पड़ने पर नगर निगम कर्मियों से आह्वान किया है कि वे इस अभियान को लगातार चलाएं, ताकि इस समस्या का समाधान हो सके। लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए वे तैयार हैं। जब तक जरूरत पड़ेगी, वे आएंगे।
बता दें कि अमर उजाला समाचार पत्र ने लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसों को लेकर अभियान शुरू किया था। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने सिटी व कैंट में अलग-अलग टीमों का गठन किया था। दो ट्रालियों में पशुओं को पकड़ा जा रहा है। कैंट से पकड़े लावारिस पशुओं को रामबाग गोशाला तो सिटी में सुल्लर गोशाला में रखा जा रहा है। हालांकि गोशालाओं में पहले से ज्यादा पशु हैं, लेकिन इस अभियान का संचालक भी समर्थन कर रहे हैं। नगर निगम ने रोजाना 15 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर मंगलवार से लगातार अभियान चलाया गया। रोजाना कैंट और सिटी में 15 पशुओं को पकड़ा जा रहा है। इसको लेकर लोगों में भी खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस अभियान से लंबे समय से लावारिस पशुओं का दंश झेलते आ रहे शहरवासियों को इनसे निजात मिलने की उम्मीद जाग गई है। बता दें कि सड़कों के अलावा गलियों, बाजारों व मोहल्लों में घूमते लावारिस पशु शहरवासियों के लिए ही नहीं बल्कि किसानों के लिए भी मुसीबत बन गए थे।
श्रीकृष्ण गोसेवा समिति के सदस्य नगर निगम प्रशासन को हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार हैं। मैंने नगर निगम अधिकारी से बात की और बोला है कि जब भी जरूरत पड़े, समिति के सदस्य कैंट व सिटी में लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
- अजय चावला उर्फ मोनू, प्रधान, श्रीकृष्ण गोसेवा समिति
बता दें कि अमर उजाला समाचार पत्र ने लावारिस पशुओं के कारण हो रहे हादसों को लेकर अभियान शुरू किया था। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने सिटी व कैंट में अलग-अलग टीमों का गठन किया था। दो ट्रालियों में पशुओं को पकड़ा जा रहा है। कैंट से पकड़े लावारिस पशुओं को रामबाग गोशाला तो सिटी में सुल्लर गोशाला में रखा जा रहा है। हालांकि गोशालाओं में पहले से ज्यादा पशु हैं, लेकिन इस अभियान का संचालक भी समर्थन कर रहे हैं। नगर निगम ने रोजाना 15 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर मंगलवार से लगातार अभियान चलाया गया। रोजाना कैंट और सिटी में 15 पशुओं को पकड़ा जा रहा है। इसको लेकर लोगों में भी खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस अभियान से लंबे समय से लावारिस पशुओं का दंश झेलते आ रहे शहरवासियों को इनसे निजात मिलने की उम्मीद जाग गई है। बता दें कि सड़कों के अलावा गलियों, बाजारों व मोहल्लों में घूमते लावारिस पशु शहरवासियों के लिए ही नहीं बल्कि किसानों के लिए भी मुसीबत बन गए थे।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण गोसेवा समिति के सदस्य नगर निगम प्रशासन को हरसंभव सहायता करने के लिए तैयार हैं। मैंने नगर निगम अधिकारी से बात की और बोला है कि जब भी जरूरत पड़े, समिति के सदस्य कैंट व सिटी में लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
- अजय चावला उर्फ मोनू, प्रधान, श्रीकृष्ण गोसेवा समिति