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हरियाणा सरकार पर शहीद की पत्नी ने लगाया अनदेखी का आरोप
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:25 AM IST
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हरियाणा सरकार पर शहीद की पत्नी ने लगाया अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शहादत के समय सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कुछ समय बाद सब भूल जाती है। यह आरोप तेपला गांव के शहीद विनोद सिंह की पत्नी रजनी देवी ने लगाए हैं। उनका कहना है कि सेना की तरफ से मुआवजा तो मिल गया, लेकिन प्रदेश सरकार ने हमारे लिए कुछ नहीं किया।
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 23 मई 2013 को ड्यूटी पर तैनात विनोद सिंह (32 साल) की पहाड़ से पैर फिसलने पर मौत हो गई थी। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ था। उस समय प्रशासन की तरफ से पहुंचे अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। उन्हें शहीद का दर्जा मिला, लेकिन जो सुविधाएं प्रदेश सरकार की ओर से मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। उनके दो बच्चे हैं। बड़ी लड़की निष्ठा अब 12 साल और लड़का रेहान सात साल का है। उनका पालन-पोषण करने में कठिनाई आती है। इसको लेकर वह सैनिक बोर्ड अंबाला भी गई थी, लेकिन वहां बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से न कोई मुआवजा मिला है और न ही कोई सुविधा। हार मानकर वह चुप बैठ गई।
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मेजर के स्मारक स्थल पर बिखरीं फूलमालाएं
तेपला गांव के ही कारगिल युद्ध में शहीद मेजर गुरप्रीत सिंह का स्मारक स्थल रोड पर ही बनाया गया है। लेकिन, वहां पर अव्यवस्था का आलम है। फूलमालाएं कई दिन पहले लगाई गई थीं और वह भी बिखरी हुई थीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। शहादत के समय सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कुछ समय बाद सब भूल जाती है। यह आरोप तेपला गांव के शहीद विनोद सिंह की पत्नी रजनी देवी ने लगाए हैं। उनका कहना है कि सेना की तरफ से मुआवजा तो मिल गया, लेकिन प्रदेश सरकार ने हमारे लिए कुछ नहीं किया।
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 23 मई 2013 को ड्यूटी पर तैनात विनोद सिंह (32 साल) की पहाड़ से पैर फिसलने पर मौत हो गई थी। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ था। उस समय प्रशासन की तरफ से पहुंचे अधिकारियों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। उन्हें शहीद का दर्जा मिला, लेकिन जो सुविधाएं प्रदेश सरकार की ओर से मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली। उनके दो बच्चे हैं। बड़ी लड़की निष्ठा अब 12 साल और लड़का रेहान सात साल का है। उनका पालन-पोषण करने में कठिनाई आती है। इसको लेकर वह सैनिक बोर्ड अंबाला भी गई थी, लेकिन वहां बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से न कोई मुआवजा मिला है और न ही कोई सुविधा। हार मानकर वह चुप बैठ गई।
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मेजर के स्मारक स्थल पर बिखरीं फूलमालाएं
तेपला गांव के ही कारगिल युद्ध में शहीद मेजर गुरप्रीत सिंह का स्मारक स्थल रोड पर ही बनाया गया है। लेकिन, वहां पर अव्यवस्था का आलम है। फूलमालाएं कई दिन पहले लगाई गई थीं और वह भी बिखरी हुई थीं।
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