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शहीद उधम सिंह चौक का नामकरण, भड़के पूर्व सांसद के परिजन
Updated Sat, 29 Jul 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा।
अधोया में शहीद उधम सिंह के नाम पर चौक का नामकरण करने पर पूर्व कांग्रेस सांसद राम प्रकाश के परिवार के सदस्य भड़क गए और हंगामा खड़ा कर दिया। शहीद उधम सिंह चौक पर शहीद के चित्र का अनावरण मंत्री कृष्ण बेदी, कर्ण देव कंबोज सहित विधायक संतोष सारवान ने किया। भड़के परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों व सरपंच ने समारोह स्थल पर पहुंच विरोध जताना चाहा, मगर पुलिस फोर्स ने उन्हें बीच में ही रोक लिया। ग्रामीणों ने तहसीलदार को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा, वहीं कहा कि यदि चौक का नाम पूर्व सांसद राम प्रकाश के नाम से हटाया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाया।
यह है विवाद का कारण
पूर्व सांसद रामप्रकाश के परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस चौक का नाम पहले से ही पूर्व सांसद रामप्रकाश के नाम पर है और पूर्व सरकार द्वारा इसे तय किया गया था तो फिर कैसे सरकार द्वारा इसे बदला जा सकता है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि राम प्रकाश कई बार अंबाला से सांसद रह चुके हैं। आज उनका नाम हटा देने से परिजनों व गांव के लोगों में भारी रोष है। ऐसा नहीं है कि वह शहीद उधम सिंह का विरोध कर रहे हैं लेकिन उनके नाम से कोई अन्य चौक का नामकरण होना चाहिए। पूर्व एमपी के परिवार से उनके पुत्र की पत्नी राजबाला, जेठानी जसवंती देवी, संदीप कुमार, पंकज, कमल, सुशील कुमार, राजू, अजय, प्रमोद कुमार, संदीप, सरपंच अनिल कुमार व अवनीश के अलावा ग्रामीणों ने भी कहा कि यदि चौक का नाम नहीं हटाया गया, तो धरने प्रदर्शन किए जाएंगे।
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नामकरण से पहले बिगड़ा मामला
जिस समय मंत्री कृष्ण बेदी, कर्ण देव कंबोज, विधायक संतोष चौहान सारवान अधोया चौक पर शहीद उधम सिंह के चित्र का अनावरण करने पहुंचने वाले थे, उस दौरान पुलिस को सूचना मिल गई थी कि पूर्व सांसद रामप्रकाश के परिवार वाले इसका विरोध कर रहे हैं और मौके पर एकत्रित होंगे। इसी पर डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार, बराड़ा थाना प्रभारी सुनील कुमार, मुलाना प्रभारी मेहर चंद व साहा प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने चौक की घेराबंदी कर दी। वहीं थाना छप्पर से आने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात हो गई। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस दल बल तैनात रहा।
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परिजनों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
अधोया गांव के बाद पूर्व एमपी के परिजन एसडीएम बराड़ा कार्यालय पहुंचे जहां प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर जम कर नारेबाजी की। परिजनों ने तहसीलदार पुण्यदीप को सीएम हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा। एमपी के परिजन व सरपंच अनिल कुमार ने कहा कि सांसद चौ. राम प्रकाश की मृत्यु साल 1994 में हुई थी। तत्कालीन सीएम भजन लाल ने अधोया चौक का नाम रामप्रकाश के नाम पर रखा था। परिजनों ने कहा कि शुक्रवार को जब पता चला कि इस चौक पर उधम सिंह का एक बोर्ड लगा दिया गया, तो गांव वालों में रोष व्याप्त हो गया। गांव के लोगों ने मांग की है कि इस चौक को रामप्रकाश के नाम पर ही रहने दिया जाए, जबकि शहीद उधम सिंह के नाम कहीं और चौक कर दिया जाए। इस मौके पर राज बाला, जसविंद्र, पकंज, जसवंती देवी, संदीप कुमार, पंकज, कमल, सुशील कुमार, राजू, अजय, प्रमोद कुमार, संदीप, अधोया सरपंच अनिल कुमार व महिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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वर्जन
- बीते वर्ष सीएम ने कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हर मुख्य रोड पर एक चौराहे का नामकरण शहीद उधम ङ्क्षसह करने की घोषणा की थी। इसी के अनरूप मुख्य मार्ग पर अधोया चौक का नामकरण शहीद उधम सिंह किया गया है। इस चौक पर सांसद रामप्रकाश का नाम नहीं था, न ही पूर्व में किसी ने इस पर कोई आपत्ति जताई। सांसद राम प्रकाश जी सम्मानीय नेता थे और किसी अन्य चौराहे का नामकरण उनके नाम पर किया जा सकता है।
- संतोष सारवान, विधायक, मुलाना
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बराड़ा।
अधोया में शहीद उधम सिंह के नाम पर चौक का नामकरण करने पर पूर्व कांग्रेस सांसद राम प्रकाश के परिवार के सदस्य भड़क गए और हंगामा खड़ा कर दिया। शहीद उधम सिंह चौक पर शहीद के चित्र का अनावरण मंत्री कृष्ण बेदी, कर्ण देव कंबोज सहित विधायक संतोष सारवान ने किया। भड़के परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों व सरपंच ने समारोह स्थल पर पहुंच विरोध जताना चाहा, मगर पुलिस फोर्स ने उन्हें बीच में ही रोक लिया। ग्रामीणों ने तहसीलदार को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा, वहीं कहा कि यदि चौक का नाम पूर्व सांसद राम प्रकाश के नाम से हटाया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर काबू पाया।
यह है विवाद का कारण
पूर्व सांसद रामप्रकाश के परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस चौक का नाम पहले से ही पूर्व सांसद रामप्रकाश के नाम पर है और पूर्व सरकार द्वारा इसे तय किया गया था तो फिर कैसे सरकार द्वारा इसे बदला जा सकता है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि राम प्रकाश कई बार अंबाला से सांसद रह चुके हैं। आज उनका नाम हटा देने से परिजनों व गांव के लोगों में भारी रोष है। ऐसा नहीं है कि वह शहीद उधम सिंह का विरोध कर रहे हैं लेकिन उनके नाम से कोई अन्य चौक का नामकरण होना चाहिए। पूर्व एमपी के परिवार से उनके पुत्र की पत्नी राजबाला, जेठानी जसवंती देवी, संदीप कुमार, पंकज, कमल, सुशील कुमार, राजू, अजय, प्रमोद कुमार, संदीप, सरपंच अनिल कुमार व अवनीश के अलावा ग्रामीणों ने भी कहा कि यदि चौक का नाम नहीं हटाया गया, तो धरने प्रदर्शन किए जाएंगे।
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नामकरण से पहले बिगड़ा मामला
जिस समय मंत्री कृष्ण बेदी, कर्ण देव कंबोज, विधायक संतोष चौहान सारवान अधोया चौक पर शहीद उधम सिंह के चित्र का अनावरण करने पहुंचने वाले थे, उस दौरान पुलिस को सूचना मिल गई थी कि पूर्व सांसद रामप्रकाश के परिवार वाले इसका विरोध कर रहे हैं और मौके पर एकत्रित होंगे। इसी पर डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार, बराड़ा थाना प्रभारी सुनील कुमार, मुलाना प्रभारी मेहर चंद व साहा प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने चौक की घेराबंदी कर दी। वहीं थाना छप्पर से आने वाले रास्ते पर पुलिस तैनात हो गई। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस दल बल तैनात रहा।
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परिजनों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
अधोया गांव के बाद पूर्व एमपी के परिजन एसडीएम बराड़ा कार्यालय पहुंचे जहां प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर जम कर नारेबाजी की। परिजनों ने तहसीलदार पुण्यदीप को सीएम हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा। एमपी के परिजन व सरपंच अनिल कुमार ने कहा कि सांसद चौ. राम प्रकाश की मृत्यु साल 1994 में हुई थी। तत्कालीन सीएम भजन लाल ने अधोया चौक का नाम रामप्रकाश के नाम पर रखा था। परिजनों ने कहा कि शुक्रवार को जब पता चला कि इस चौक पर उधम सिंह का एक बोर्ड लगा दिया गया, तो गांव वालों में रोष व्याप्त हो गया। गांव के लोगों ने मांग की है कि इस चौक को रामप्रकाश के नाम पर ही रहने दिया जाए, जबकि शहीद उधम सिंह के नाम कहीं और चौक कर दिया जाए। इस मौके पर राज बाला, जसविंद्र, पकंज, जसवंती देवी, संदीप कुमार, पंकज, कमल, सुशील कुमार, राजू, अजय, प्रमोद कुमार, संदीप, अधोया सरपंच अनिल कुमार व महिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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वर्जन
- बीते वर्ष सीएम ने कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हर मुख्य रोड पर एक चौराहे का नामकरण शहीद उधम ङ्क्षसह करने की घोषणा की थी। इसी के अनरूप मुख्य मार्ग पर अधोया चौक का नामकरण शहीद उधम सिंह किया गया है। इस चौक पर सांसद रामप्रकाश का नाम नहीं था, न ही पूर्व में किसी ने इस पर कोई आपत्ति जताई। सांसद राम प्रकाश जी सम्मानीय नेता थे और किसी अन्य चौराहे का नामकरण उनके नाम पर किया जा सकता है।
- संतोष सारवान, विधायक, मुलाना