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ढाई घंटे जीटी रोड जाम, बेबस रहा प्रशासन
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:33 AM IST
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ढाई घंटे जीटी रोड जाम, बेबस रहा प्रशासन
अंबाला कैंट। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों किसानों ने शुक्रवार दोपहर बुहावा अनाज मंडी के समक्ष जीटी रोड पर जाम लगा दिया। हालात बेकाबू न हो इसलिए पुलिस व प्रशासन ढाई घंटे तक बेबस बना रहा। डीसी और एसपी प्रदर्शनकारियों से महज 100 मीटर दूर जीटी रोड किनारे कुर्सियों पर बैठ हालात पर नजर जमाए बैठे रहे। ढाई घंटे जीटी रोड जाम रहने से हजारों वाहन चालकों पर इसका असर पड़ा। वाहनों को शाहबाद-जगाधरी रोड से निकाला गया। इस बीच प्रदर्शन पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हाेंने मंदसौर में किसानों पर हमले का विरोध जताया। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व किसानों के कर्ज माफी की मांग उठाई गई।
सुबह नौ बजे से बुहावा स्थित अनाज मंडी में किसान इकट्ठा होना आरंभ हो गए थे। किसान नेताओं ने यहां पर किसानों को संबोधित किया और इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। अंबाला के अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर से सैकड़ों किसान यहां पहुंचे थे। करीब पौने बारह बजे मंडी में किसान यूनियन की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य व यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उनके आते ही किसानों ने नारेबाजी तेज कर दी। ठीक बारह बजे किसानों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। ट्रैक्टर-ट्रालियां रोड के बीच लगाई गईं। रोड की दोनों लेन के अलावा सर्विस लेन पर भी ट्रालियां खड़ी कर दी गईं। कुछ मिनट नारेबाजी के बाद रोड पर दरियां बिछाकर किसान बैठ गए। प्रदर्शनकारियों से करीब 100 मीटर दूरी पर डीसी, एसपी सहित सैकड़ों की संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे। मगर प्रदर्शनकारियों को रोड से हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच कई एंबुलेंस निकली जिन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा जाने दिया जा रहा था। दोपहर ढाई बजे किसान यूनियन ने जाम खोलने की घोषणा की, जिसके बाद रोड पर यातायात पूरी तरह से सुचारु हो सका।
21 जून को किसान करेंगे मरण आसन : चढूनी
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वायदा चुनाव से पहले किया था। मगर अब सरकार अदालत में हल्फनामा देकर इस वायदे से मुकर गई है। यूनियन की मांग है कि इस रिपोर्ट को लागू किया जाए। इसके अलावा फसल की सही कीमत मंडी में नहीं मिल रही है। इस वजह से किसानों पर बढ़ा कर्ज माफ किया जाए। 19 जून को दिल्ली में किसान यूनियन कोर कमेटी की बैठक है जिसमें संघर्ष की रूपरेखा तय होगी। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देश में किसान एक घंटे के तक मरण आसन कर सरकार का विरोध जताएंगे।
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मप्र जैसे न हो हालात, इसलिए प्रशासन रहा मौन
किसान अनाज मंडी में इकट्ठा हुए। इसके बाद नारेबाजी करते जीटी रोड पर बैठ गए। प्रशासन व पुलिस इस आंदोलन को उग्र होने नहीं देना चाहती थी। प्रदर्शनकारियों को यदि रोका जाता तो हालात मध्य प्रदेश जैसे बिगड़ सकते थे। यही वजह रही की प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से दूरी बनाए रखी।
इस तरह चला घटनाक्रम
- सुबह नौ बजे से किसान अनाज मंडी में इकट्ठा होना शुरू हुए।
- 11 बजे किसानों ने मंडी में सभा आरंभ की।
- पौने बारह बजे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष चढूनी मंडी पहुंचे।
- दोपहर ठीक बारह बजे जीटी रोड पर जाम लगाया गया।
- सवा बारह डीसी व एसपी फोर्स सहित मंडी के निकट पहुंच हालात का जायजा लेने लगे।
- 12.20, 12.25, 12.45 व दो बजे मरीजों को लेकर अलग-अलग एंबुलेंस निकली जिन्हें किसानों ने ट्रालियां हटाकर रास्ता दिया।
- 12.45 पर मंच से दो किसानों की जेबें कटने की जानकारी दी गई।
ढाई बजे चाय की चुस्कियों के साथ उठे किसान
किसानों ने जीटी रोड पर ही चूल्हा जलाकर चाय बनाई। इस बीच प्रदेशाध्यक्ष चढूनी ने किसानों के धरने-प्रदर्शन को सफल बताया और कहा कि अभी सरकार को केवल चेतावनी दी गई है। मांगें नहीं पूरी हुई तो आगे और विकराल प्रदर्शन होगा। उन्होंने धरने को समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद किसानों को चाय दी गई। इससे पहले धरने पर बैठे किसानों के लिए विभिन्न गुरुद्वारों से लंगर, लस्सी व मीठा जल प्रदर्शन स्थल पर लाकर बांटा गया। किसानों के अलावा ड्यूटी पर डटे पुलिस मुलाजिमों ने भी लंगर व मीठे पानी का आनंद लिया।
प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल
हालात से निपटने के लिए प्रशासन व पुलिस पहले से अलर्ट थी। अंबाला के अलावा यमुनानगर, कुरुक्षेत्र के अलावा पंचकूला से भी फोर्स मंगवाई गई थी। सीआरपीएफ जवान भी तैनात थे जबकि जीआरपी और आरपीएफ को भी प्रदर्शन स्थल पर बुला लिया गया था। करीब पांच सौ प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल विभिन्न जगहों पर तैनात रहा था।
कोट्स
किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार था। किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। यदि इन्हें रोकने का प्रयास किया जाता तो हालात बेकाबू हो सकते थे और जान-माल का नुकसान संभव था। ढाई घंटे शाहबाद से अंबाला कैंट तक जीटी रोड जाम थी और इस दौरान शाहबाद-जगाधरी रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कानून जो कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी।
प्रभजोत सिंह, डीसी, अंबाला।
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राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने ट्वीट करके केंद्र सरकार की ओर से किसानों के हित में लागू की जा रही योजनाओं का समर्थन किया है। विपक्ष भोले-भाले किसानों को गुमराह करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।
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अंबाला कैंट। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों किसानों ने शुक्रवार दोपहर बुहावा अनाज मंडी के समक्ष जीटी रोड पर जाम लगा दिया। हालात बेकाबू न हो इसलिए पुलिस व प्रशासन ढाई घंटे तक बेबस बना रहा। डीसी और एसपी प्रदर्शनकारियों से महज 100 मीटर दूर जीटी रोड किनारे कुर्सियों पर बैठ हालात पर नजर जमाए बैठे रहे। ढाई घंटे जीटी रोड जाम रहने से हजारों वाहन चालकों पर इसका असर पड़ा। वाहनों को शाहबाद-जगाधरी रोड से निकाला गया। इस बीच प्रदर्शन पर बैठे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्हाेंने मंदसौर में किसानों पर हमले का विरोध जताया। इसके अलावा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने व किसानों के कर्ज माफी की मांग उठाई गई।
सुबह नौ बजे से बुहावा स्थित अनाज मंडी में किसान इकट्ठा होना आरंभ हो गए थे। किसान नेताओं ने यहां पर किसानों को संबोधित किया और इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। अंबाला के अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर से सैकड़ों किसान यहां पहुंचे थे। करीब पौने बारह बजे मंडी में किसान यूनियन की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य व यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उनके आते ही किसानों ने नारेबाजी तेज कर दी। ठीक बारह बजे किसानों ने जीटी रोड पर जाम लगा दिया। ट्रैक्टर-ट्रालियां रोड के बीच लगाई गईं। रोड की दोनों लेन के अलावा सर्विस लेन पर भी ट्रालियां खड़ी कर दी गईं। कुछ मिनट नारेबाजी के बाद रोड पर दरियां बिछाकर किसान बैठ गए। प्रदर्शनकारियों से करीब 100 मीटर दूरी पर डीसी, एसपी सहित सैकड़ों की संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे। मगर प्रदर्शनकारियों को रोड से हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच कई एंबुलेंस निकली जिन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा जाने दिया जा रहा था। दोपहर ढाई बजे किसान यूनियन ने जाम खोलने की घोषणा की, जिसके बाद रोड पर यातायात पूरी तरह से सुचारु हो सका।
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21 जून को किसान करेंगे मरण आसन : चढूनी
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वायदा चुनाव से पहले किया था। मगर अब सरकार अदालत में हल्फनामा देकर इस वायदे से मुकर गई है। यूनियन की मांग है कि इस रिपोर्ट को लागू किया जाए। इसके अलावा फसल की सही कीमत मंडी में नहीं मिल रही है। इस वजह से किसानों पर बढ़ा कर्ज माफ किया जाए। 19 जून को दिल्ली में किसान यूनियन कोर कमेटी की बैठक है जिसमें संघर्ष की रूपरेखा तय होगी। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देश में किसान एक घंटे के तक मरण आसन कर सरकार का विरोध जताएंगे।
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मप्र जैसे न हो हालात, इसलिए प्रशासन रहा मौन
किसान अनाज मंडी में इकट्ठा हुए। इसके बाद नारेबाजी करते जीटी रोड पर बैठ गए। प्रशासन व पुलिस इस आंदोलन को उग्र होने नहीं देना चाहती थी। प्रदर्शनकारियों को यदि रोका जाता तो हालात मध्य प्रदेश जैसे बिगड़ सकते थे। यही वजह रही की प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से दूरी बनाए रखी।
इस तरह चला घटनाक्रम
- सुबह नौ बजे से किसान अनाज मंडी में इकट्ठा होना शुरू हुए।
- 11 बजे किसानों ने मंडी में सभा आरंभ की।
- पौने बारह बजे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष चढूनी मंडी पहुंचे।
- दोपहर ठीक बारह बजे जीटी रोड पर जाम लगाया गया।
- सवा बारह डीसी व एसपी फोर्स सहित मंडी के निकट पहुंच हालात का जायजा लेने लगे।
- 12.20, 12.25, 12.45 व दो बजे मरीजों को लेकर अलग-अलग एंबुलेंस निकली जिन्हें किसानों ने ट्रालियां हटाकर रास्ता दिया।
- 12.45 पर मंच से दो किसानों की जेबें कटने की जानकारी दी गई।
ढाई बजे चाय की चुस्कियों के साथ उठे किसान
किसानों ने जीटी रोड पर ही चूल्हा जलाकर चाय बनाई। इस बीच प्रदेशाध्यक्ष चढूनी ने किसानों के धरने-प्रदर्शन को सफल बताया और कहा कि अभी सरकार को केवल चेतावनी दी गई है। मांगें नहीं पूरी हुई तो आगे और विकराल प्रदर्शन होगा। उन्होंने धरने को समाप्त करने की घोषणा की। इसके बाद किसानों को चाय दी गई। इससे पहले धरने पर बैठे किसानों के लिए विभिन्न गुरुद्वारों से लंगर, लस्सी व मीठा जल प्रदर्शन स्थल पर लाकर बांटा गया। किसानों के अलावा ड्यूटी पर डटे पुलिस मुलाजिमों ने भी लंगर व मीठे पानी का आनंद लिया।
प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल
हालात से निपटने के लिए प्रशासन व पुलिस पहले से अलर्ट थी। अंबाला के अलावा यमुनानगर, कुरुक्षेत्र के अलावा पंचकूला से भी फोर्स मंगवाई गई थी। सीआरपीएफ जवान भी तैनात थे जबकि जीआरपी और आरपीएफ को भी प्रदर्शन स्थल पर बुला लिया गया था। करीब पांच सौ प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस बल विभिन्न जगहों पर तैनात रहा था।
कोट्स
किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार था। किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। यदि इन्हें रोकने का प्रयास किया जाता तो हालात बेकाबू हो सकते थे और जान-माल का नुकसान संभव था। ढाई घंटे शाहबाद से अंबाला कैंट तक जीटी रोड जाम थी और इस दौरान शाहबाद-जगाधरी रोड पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। कानून जो कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी।
प्रभजोत सिंह, डीसी, अंबाला।
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राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन ने ट्वीट करके केंद्र सरकार की ओर से किसानों के हित में लागू की जा रही योजनाओं का समर्थन किया है। विपक्ष भोले-भाले किसानों को गुमराह करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।