फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   रोडवेज का चक्का जाम आज, नहीं चलेंगी सरकारी बसें, यात्री होंगे परेशान

रोडवेज का चक्का जाम आज, नहीं चलेंगी सरकारी बसें, यात्री होंगे परेशान

Tue, 13 Jun 2017 12:55 AM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
रोडवेज का चक्का जाम आज, नहीं चलेंगी सरकारी बसें, यात्री होंगे परेशान
अंबाला कैंट। सरकार और रोडवेज यूनियन के बीच परिवहन पालिसी व टाइम टेबल को लेकर चल रही खींचतान के चलते प्रदेश भर में 13 जून को चक्का जाम रहेगा। अंबाला में सोमवार रोडवेज जीएम और एडीसी के साथ तीन दौर की बातचीत में कोई हल नहीं निकला जबकि रोडवेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सभी यूनियनें एकजुट हो चुकी हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार बार-बार अपने वायदे से मुकर रही है, जबकि जिला स्तर पर भी अधिकारी कुछ नहीं सुन रहे हैं। इसी को लेकर अब तेरह जून को चक्का जाम रहेगा।
विज्ञापन

यह है विवाद
रोडवेज यूनियनों की मानें, तो 2016-17 की पॉलिसी के तहत बार-बार समिति की बसों को चलाने की कोशिश की जा रही है। सरकार यूनियनों के साथ समझौता करती हैं कि कोई भी समिति की बस 2016-17 की पॉलिसी में नहीं चलेगी, लेकिन सरकार अपने ही फैसले से पलट रही हैं। इसी तरह बिना टाइम टेबल के ही इन प्राइवेट बसों को चलाया जा रहा है, जबकि रोडवेज विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है। यही विवाद पिछले काफी समय से चल रहा है, जिसके बाद अब प्रदेश स्तर पर चक्का जाम किया जा रहा है।
विज्ञापन

यात्रियों को झेलनी पड़ेगी परेशानियां
रोडवेज यूनियनों की प्रदेश व्यापी चक्का जाम के चलते अंबाला में यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। जिला अंबाला के रोडवेज डिपो (सब डिपो नारायणगढ़ समेत) 210 बसों का बेड़ा है। इसके अलावा परिवहन समिति की करीब 52 बसें हैं। चक्का जाम की स्थिति में दैनिक यात्रियों सहित अन्य यात्रियों को दिक्कतें होंगी। अंबाला रोडवेज विभाग से करीब 10 हजार बस पास यात्री हैं, जो स्कूलों, कालेजों अथवा नौकरी पर अन्य हिस्सों में आते-जाते हैं। हालांकि स्कूलों में अवकाश चल रहे हैं, जबकि अन्य बस पास धारकों को चक्का जाम के कारण वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाशनी होंगी। इसके अलावा जिला के 430 गांवों सहित छह ब्लाकों के अरबन एरिया में भी यही दिक्कतें सामने आएंगी। सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में रहेंगी, जहां पहले ही बसों की सर्विस काफी कम है, जबकि चक्का जाम के कारण पूरी तरह से प्राइवेट वाहनों पर ही निर्भरता रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरे राज्यों की बसों में बढ़ेगी भीड़
रोडवेज यूनियनों की चक्का जाम की घोषणा के बाद दूसरे राज्यों की बसों में भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में कैंट बस स्टैंड से होकर गुजरने वाली इन दूसरे राज्यों की बसों पर ही यात्रियों की निर्भरता रहेगी। इस हड़ताल के चलते जहां रोडवेज विभाग को नुकसान होगा, वहीं अन्य राज्यों की चांदी होगी, जबकि प्राइवेट कामर्शियल वाहनों की भी चांदी रहेगी। दूसरी ओर शार्ट रूट तक सफर करने वालों के लिए दूसरा विकल्प रेलवे रहेगा। इस दौरान छोटी दूरी तक सफर करने वालों के लिए ट्रेन भी विकल्प रहेगा, जिससे रेलवे स्टेशन पर भी अच्छी खासी भीड़ रहेगी।
रोडवेज कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, नहीं चलने दी बसेें, यात्री परेशान
नई परिवहन नीति 2016-17 के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का विरोध सोमवार तीसरे दिन भी जारी रहा। हरियाणा रोडवेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी पूरा दिन अंबाला डिपो के बाहर धरने पर बैठे रहे और जमकर सरकार को कोसा। इस दौरान कर्मचारियों ने अंबाला डिपो से एक भी बस बाहर नहीं निकलने दी और गेट बंद कर जमकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता सभी संगठनों के प्रधानों सरबजीत सिंह, चरनजीत सिंह, रामप्रकाश, राकेश बत्रा ने की ओर संचालन महावीर पाई व रणधीर ने किया। यूनियन नेताओ ने सोमवार को प्रशासन के साथ हुई सभी तीन दौर की वार्ता को विफल बताया। साथ ही कहा कि प्रशासन ओछे हथकंडे अपना कर हड़ताल तुड़वाने की कोशिश कर रहा है। धरना स्थल पर मौजूद राज्य कमेटी के वरिष्ठ नेताओं इंदर सिंह बधाना, विजेंद्र जांगड़ा, सुंदर लाल ने बताया कि राज्य कमेटी के आह्वान पर अंबाला डिपो के समर्थन में रात 12 बजे से राज्य व्यापी हड़ताल का बिगुल बज चुका है। उधर अंबाला डिपो की बसे नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। अन्य बसों में सामान्य की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही।
वायदे से मुकर रही है सरकार
- सरकार बार-बार अपने वायदे से मुकर रही है, जबकि यूनियन हर बार सरकार से बातचीत कर मामला सुलझाना चाहती है। साल 2016-17 पॉलिसी के तहत समिति अथवा प्राइवेट बसों को चलने नहीं दिया जाएगा। इसी को लेकर अब 13 जून को चक्का जाम किया जा रहा है।
- जयवीर सिंह, प्रवक्ता, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
तीन दौर में हुई बातचीत
रोडवेज यूनियन पदाधिकारियों से अंबाला में जीएम रोडवेज और एडीसी के साथ तीन दौर की बातचीत हुई है। इस बातचीत में यूनियन पदाधिकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है। इसी को लेकर अब 13 जून को एक दिन के लिए प्रदेश भर में चक्का जाम किया जा रहा है।

- राजेंद्र सोलंकी, सचिव कर्मचारी महासंघ, रोडवेज डिपो अंबाला
प्राइवेट बसे चलेगी
जिले में प्राइवेट बसे चलेगी, जबकि रोडवेज यूनियनों की हड़ताल है। अंबाला में दिन भर यूनियन पदाधिकारियों से बातचीत होती रही जिसपर कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। अब सरकार पर है कि वह क्या निर्णय लेगी।
- कुलधीर सिंह, जीएम रोडवेज अंबाला डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed