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Ambala News: पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर कर डाकखाने से निकाले 16.12 लाख, दो संपत्तियां भी बेची
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अंबाला। कनाडा में रहने वाली पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर पति ने अपने पिता के साथ मिलकर डाकखाने से 16.12 लाख रुपये निकलवा लिए, वहीं दिल्ली सहित फरीदाबाद में खरीदी संपत्ति को भी बेच दिया।
पुलिस ने पटियाला निवासी ससुर देविंदर सिंह की शिकायत पर छावनी के हाउसिंग बोर्ड निवासी दामाद अर्शदीप सिंह सहित उसके पिता कुलविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। देविंदर सिंह ने बताया कि बेटी इंद्रपीत कौर और बेटा गुरकमल सिंह कनाडा के निवासी हैं और वह खुद रोपड़ थर्मल प्लांट से सेवानिवृत अधिकारी हैं।
उन्होंने डाकखाने में अपनी बेटी का खाता खोला था, लेकिन अर्शदीप सिंह से शादी के बाद यह खाता अंबाला छावनी में ट्रांसफर करवा दिया गया। उनकी बेटी और दामाद दिल्ली में नौकरी करते थे, इसलिए दोनों ने संयुक्त फंड से उन्होंने दिल्ली और फरीदाबाद में एक-एक फ्लैट खरीदा था। 27 अगस्त 2017 को दोनों कनाडा चले गए। कुछ समय बाद अर्शदीप सिंह ने बेटी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करना शुरू कर दिया और इसके अर्शदीप बेटी पर तलाक देने का दबाव बनाने लगा। इस दौरान अर्शदीप कई बार बेटी को जानकारी दिए बिना भारत आया और बेटी के डाकखाने में पड़े 16 लाख 12 हजार 883 रुपये 16 मई 2024 को फर्जी हस्ताक्षर कराकर निकलवा लिए।
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इसके बाद उसने फर्जी हस्ताक्षर करके दिल्ली और फरीदाबाद के फ्लैट भी बेच दिए और इसकी भनक बेटी को भी नहीं लगने दी। देविंदर सिंह ने बताया कि यह काम एक सोची-समझी साजिश के तहत अर्शदीप व उसके पिता कुलविंदर सिंह ने मिलकर किया है और डाकखाने से रुपये निकलवाने के मामले में कोई अंदर का कर्मचारी भी संलिप्त है।
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पुलिस ने पटियाला निवासी ससुर देविंदर सिंह की शिकायत पर छावनी के हाउसिंग बोर्ड निवासी दामाद अर्शदीप सिंह सहित उसके पिता कुलविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। देविंदर सिंह ने बताया कि बेटी इंद्रपीत कौर और बेटा गुरकमल सिंह कनाडा के निवासी हैं और वह खुद रोपड़ थर्मल प्लांट से सेवानिवृत अधिकारी हैं।
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उन्होंने डाकखाने में अपनी बेटी का खाता खोला था, लेकिन अर्शदीप सिंह से शादी के बाद यह खाता अंबाला छावनी में ट्रांसफर करवा दिया गया। उनकी बेटी और दामाद दिल्ली में नौकरी करते थे, इसलिए दोनों ने संयुक्त फंड से उन्होंने दिल्ली और फरीदाबाद में एक-एक फ्लैट खरीदा था। 27 अगस्त 2017 को दोनों कनाडा चले गए। कुछ समय बाद अर्शदीप सिंह ने बेटी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करना शुरू कर दिया और इसके अर्शदीप बेटी पर तलाक देने का दबाव बनाने लगा। इस दौरान अर्शदीप कई बार बेटी को जानकारी दिए बिना भारत आया और बेटी के डाकखाने में पड़े 16 लाख 12 हजार 883 रुपये 16 मई 2024 को फर्जी हस्ताक्षर कराकर निकलवा लिए।
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इसके बाद उसने फर्जी हस्ताक्षर करके दिल्ली और फरीदाबाद के फ्लैट भी बेच दिए और इसकी भनक बेटी को भी नहीं लगने दी। देविंदर सिंह ने बताया कि यह काम एक सोची-समझी साजिश के तहत अर्शदीप व उसके पिता कुलविंदर सिंह ने मिलकर किया है और डाकखाने से रुपये निकलवाने के मामले में कोई अंदर का कर्मचारी भी संलिप्त है।