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माल रोड बंद करने पर अब बोर्ड जारी करेगा अधिसूचना
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। तीन माह बाद हुई कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में माल रोड बंद करने का मुद्दा सदन में उठा। इस दौरान तय किया कि रोड को बंद करने के लिए बोर्ड अधिसूचना जारी कर दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेगा। इसके बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। करीब सवा घंटा चली बैठक के दौरान विकास के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आचार संहिता की वजह से जिन विकास कार्यों के लिए बजट अलॉट नहीं हो सका था, उन कार्यों को सदन में पास किया गया। बोर्ड की बैठक अध्यक्ष एवं ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू के नेतृत्व में हुई, जिसमें सचिव एवं सीईओ वरुण कालिया, उपाध्यक्ष अजय बवेजा एवं अन्य पार्षद मौजूद रहे।
इसलिए किया जा रहा माल रोड का एक हिस्सा बंद
सेना द्वारा माल रोड पर खड्ग कोर मुख्यालय के समक्ष रोड का एक हिस्सा बंद किया जाना है। बिना बोर्ड सदन की मंजूरी के यह नहीं हो सकता। पूर्व की बैठक में जब सेना ने इस मुद्दे को उठाया तो पार्षदों ने इसका विरोध किया था। उनका तर्क था कि स्थानीय लोगों को इससे आने-जाने में परेशानी होगी। विरोध के चलते सदन में मुद्दा पारित नहीं हो सका था। इस मुद्दे को आगामी राय के लिए बोर्ड ने वेस्टर्न कमांड को भेजा था। अब वेस्टर्न कमांड के जीओसी-इन-सी की ओर से कहा गया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और बोर्ड को राष्ट्रीय सुरक्षा पर विचार करना चाहिए। इस बारे में जनता के सुझाव जानने के लिए माल रोड बंद करने की अब अधिसूचना निकाली जाएगी, जिसमें क्षेत्रवासियों के दावे एवं आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। इसके बाद यदि सदन का अनुमोदन हुआ तो रोड बंद होगा। सदन में पार्षद विरोध जताएंगे तो माल रोड को सेना के लिए बंद करवाना संभव नहीं हो सकेगा।
अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी
सदन में माल रोड स्थित बंगला नंबर 108 और स्टाफ रोड पर बंगला नंबर 31 में अवैध निर्माण हटाने को लेकर नोटिस जारी करने पर चर्चा हुई। सीईओ ने सदन को बताया कि पूर्व में अवैध निर्माण पर नोटिस दिए गए थे, जिसके बाद कब्जाधारकों ने अपील की थी। मगर अपील खारिज होने पर अब अवैध निर्माण गिराने के अब नोटिस दिए जाएंगे। इसके अलावा तोपखाना परेड में भी अवैध निर्माण के 13 मामलों में नोटिस जारी बोर्ड द्वारा किए जाएंगे।
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अलग-अलग वार्डों में विकास कार्य पास
चुनाव के दौरान लंबी आचार संहिता लगने के कारण विकास कार्य रुक गए थे। अब मीटिंग में विभिन्न वार्डों में लाखों की लागत से विकास कार्य शुरू होंगे। इसके लिए सदन में बजट अलॉट किया गया। विकास कार्यों में स्टाफ क्वार्टरों का नवीनीकरण, इंटरलाकिंग टाइल्स युक्त सड़क व फुटपाथ बनाना, रोड की मरम्मत, पार्कों की हालत सुधारना एवं अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर ओपन जिम भी स्थापित किए जाएंगे।
झील का रखरखाव निजी एजेंसी करेगी
सदन में तोपखाना के निकट झील का रखरखाव निजी एजेंसी को देने पर चर्चा हुई। कुछ पार्षदों ने इसपर विरोध भी जताया। बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा व पार्षद तिवारी ने कहा कि झील के रखरखाव पर एजेंसी को बोर्ड करीब 12 लाख रुपये दे रहा है। इससे बेहतर बोर्ड अपना स्टाफ ही लगाकर कम खर्च में कार्य कर सकता है। मगर सीईओ वरुण कालिया ने सदन को बताया कि यह तकनीकी कार्य है और इसमें अलग-अलग उपकरणों का इस्तेमाल होना है। साथ ही रखरखाव के साथ झील में लाइफ गार्ड भी एजेंसी द्वारा चौबीस घंटे तैनात किया जाएगा। झील पर बोटिंग की सुविधा भी निजी एजेंसी को देने पर चर्चा हुई। मुख्य एजेंडे में कुल 42 प्वाइंट रखे गए, जिन्हें पास किया गया, इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
सीईओ का तबादला, अब बरेली जाएंगे
बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया का बरेली में तबादला हो गया है। बतौर सीईओ वीरवार उनकी अंतिम बोर्ड बैठक थी। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष व ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू ने सीईओ के कार्य की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीईओ ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में काफी विकास कार्य किए, जिससे सभी को लाभ हुआ है। उन्होंने भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दीं। वहीं सीईओ ने सभी पार्षदों व सैन्य सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग की वजह से वह अंबाला में बेहतर तरीके से कई कार्यों को क्रियान्वित कर सके।
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अंबाला कैंट। तीन माह बाद हुई कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में माल रोड बंद करने का मुद्दा सदन में उठा। इस दौरान तय किया कि रोड को बंद करने के लिए बोर्ड अधिसूचना जारी कर दावे और आपत्तियां आमंत्रित करेगा। इसके बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। करीब सवा घंटा चली बैठक के दौरान विकास के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आचार संहिता की वजह से जिन विकास कार्यों के लिए बजट अलॉट नहीं हो सका था, उन कार्यों को सदन में पास किया गया। बोर्ड की बैठक अध्यक्ष एवं ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू के नेतृत्व में हुई, जिसमें सचिव एवं सीईओ वरुण कालिया, उपाध्यक्ष अजय बवेजा एवं अन्य पार्षद मौजूद रहे।
इसलिए किया जा रहा माल रोड का एक हिस्सा बंद
सेना द्वारा माल रोड पर खड्ग कोर मुख्यालय के समक्ष रोड का एक हिस्सा बंद किया जाना है। बिना बोर्ड सदन की मंजूरी के यह नहीं हो सकता। पूर्व की बैठक में जब सेना ने इस मुद्दे को उठाया तो पार्षदों ने इसका विरोध किया था। उनका तर्क था कि स्थानीय लोगों को इससे आने-जाने में परेशानी होगी। विरोध के चलते सदन में मुद्दा पारित नहीं हो सका था। इस मुद्दे को आगामी राय के लिए बोर्ड ने वेस्टर्न कमांड को भेजा था। अब वेस्टर्न कमांड के जीओसी-इन-सी की ओर से कहा गया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और बोर्ड को राष्ट्रीय सुरक्षा पर विचार करना चाहिए। इस बारे में जनता के सुझाव जानने के लिए माल रोड बंद करने की अब अधिसूचना निकाली जाएगी, जिसमें क्षेत्रवासियों के दावे एवं आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। इसके बाद यदि सदन का अनुमोदन हुआ तो रोड बंद होगा। सदन में पार्षद विरोध जताएंगे तो माल रोड को सेना के लिए बंद करवाना संभव नहीं हो सकेगा।
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अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी
सदन में माल रोड स्थित बंगला नंबर 108 और स्टाफ रोड पर बंगला नंबर 31 में अवैध निर्माण हटाने को लेकर नोटिस जारी करने पर चर्चा हुई। सीईओ ने सदन को बताया कि पूर्व में अवैध निर्माण पर नोटिस दिए गए थे, जिसके बाद कब्जाधारकों ने अपील की थी। मगर अपील खारिज होने पर अब अवैध निर्माण गिराने के अब नोटिस दिए जाएंगे। इसके अलावा तोपखाना परेड में भी अवैध निर्माण के 13 मामलों में नोटिस जारी बोर्ड द्वारा किए जाएंगे।
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अलग-अलग वार्डों में विकास कार्य पास
चुनाव के दौरान लंबी आचार संहिता लगने के कारण विकास कार्य रुक गए थे। अब मीटिंग में विभिन्न वार्डों में लाखों की लागत से विकास कार्य शुरू होंगे। इसके लिए सदन में बजट अलॉट किया गया। विकास कार्यों में स्टाफ क्वार्टरों का नवीनीकरण, इंटरलाकिंग टाइल्स युक्त सड़क व फुटपाथ बनाना, रोड की मरम्मत, पार्कों की हालत सुधारना एवं अन्य कार्य शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर ओपन जिम भी स्थापित किए जाएंगे।
झील का रखरखाव निजी एजेंसी करेगी
सदन में तोपखाना के निकट झील का रखरखाव निजी एजेंसी को देने पर चर्चा हुई। कुछ पार्षदों ने इसपर विरोध भी जताया। बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा व पार्षद तिवारी ने कहा कि झील के रखरखाव पर एजेंसी को बोर्ड करीब 12 लाख रुपये दे रहा है। इससे बेहतर बोर्ड अपना स्टाफ ही लगाकर कम खर्च में कार्य कर सकता है। मगर सीईओ वरुण कालिया ने सदन को बताया कि यह तकनीकी कार्य है और इसमें अलग-अलग उपकरणों का इस्तेमाल होना है। साथ ही रखरखाव के साथ झील में लाइफ गार्ड भी एजेंसी द्वारा चौबीस घंटे तैनात किया जाएगा। झील पर बोटिंग की सुविधा भी निजी एजेंसी को देने पर चर्चा हुई। मुख्य एजेंडे में कुल 42 प्वाइंट रखे गए, जिन्हें पास किया गया, इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
सीईओ का तबादला, अब बरेली जाएंगे
बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया का बरेली में तबादला हो गया है। बतौर सीईओ वीरवार उनकी अंतिम बोर्ड बैठक थी। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष व ब्रिगेडियर एसएस सिद्धू ने सीईओ के कार्य की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सीईओ ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में काफी विकास कार्य किए, जिससे सभी को लाभ हुआ है। उन्होंने भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दीं। वहीं सीईओ ने सभी पार्षदों व सैन्य सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग की वजह से वह अंबाला में बेहतर तरीके से कई कार्यों को क्रियान्वित कर सके।