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नेशनल हाईवे पर डेढ़ साल में तीसरी बार आई बड़ी दरार
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मुलाना (अंबाला)। 904 करोड़ रुपये की लागत से बने नेशनल हाईवे-344 फोरलेन मार्ग पर मुलाना में मारकंडा नदी पुल पर डेढ़ साल के भीतर तीसरी बार बड़ी दरार आ गई है। दरार के पास का हिस्सा धंसना तक शुरू हो गया हैै। इसकी वजह से मार्ग निर्माण करने वाली कंपनी ने वहां डायवर्जन बोर्ड भी लगाया है, ताकि कोई वाहन वहां से न गुजर सके। क्षेत्र के लोगों की ड्रीम सड़क की डेढ़ साल में पहले ही दो बार मरम्मत की जा चुकी है। वहीं वाहन चालक निर्माण कंपनी पर मार्ग निर्माण में निमभन सामग्री का प्रयोग करने के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में गंभीरता दिखाते हुए जांच करने की मांग की है।
मार्ग पर मुलाना में मारकंडा व बेगना नदी पर बने पुल पर निर्माण के 6 महीने भीतर ही दरार आने लगी थी, जिसे कंपनी अधिकारी पहले तो दरार मानने से ही इंकार करने लगे, लेकिन बाद में दरार को भरने के लिए मार्ग की मरम्मत करवा दी। इसके बाद फिर 2019 की शुरुआत में पुल पर बड़े हिस्से को तोड़ कर फिर से बनाया गया था। लोगों के अनुसार कंपनी इसे बार बार ठीक कर रही है। बावजूद इसके दरार आने का क्रम जारी है। इस मामले में प्रशासन को गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
हाईवे पर जगह-जगह पैचवर्क बने चर्चा का विषय
नेशनल हाईवे 344 को बनाने से पहले गुणवत्ता की दृष्टि से अति मजबूत मार्ग बताया जा रहा था, लेकिन इसकी पोल लगभग 6 महीने में ही खुलनी शुरू हो गई थी। मार्ग पर जगह जगह पर पैचवर्क व रिपेयर कार्य देखा जा सकता है। वाहन चालकों के अनुसार अभी तो नेशनल हाईवे को बने डेढ़ साल ही हुआ है और यह टूटने लगा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंदर हो रहे कार्य में लापरवाही होना हजम करने वाली बात नहीं है।
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एनएचआईए अधिकारियों से बात कर मार्ग को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। बार-बार यह समस्या क्यों आ रही है, इस पर अधिकारियों से बात की जाएगी। - भारत भूषण, एसडीएम, बराड़ा
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मार्ग पर मुलाना में मारकंडा व बेगना नदी पर बने पुल पर निर्माण के 6 महीने भीतर ही दरार आने लगी थी, जिसे कंपनी अधिकारी पहले तो दरार मानने से ही इंकार करने लगे, लेकिन बाद में दरार को भरने के लिए मार्ग की मरम्मत करवा दी। इसके बाद फिर 2019 की शुरुआत में पुल पर बड़े हिस्से को तोड़ कर फिर से बनाया गया था। लोगों के अनुसार कंपनी इसे बार बार ठीक कर रही है। बावजूद इसके दरार आने का क्रम जारी है। इस मामले में प्रशासन को गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
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हाईवे पर जगह-जगह पैचवर्क बने चर्चा का विषय
नेशनल हाईवे 344 को बनाने से पहले गुणवत्ता की दृष्टि से अति मजबूत मार्ग बताया जा रहा था, लेकिन इसकी पोल लगभग 6 महीने में ही खुलनी शुरू हो गई थी। मार्ग पर जगह जगह पर पैचवर्क व रिपेयर कार्य देखा जा सकता है। वाहन चालकों के अनुसार अभी तो नेशनल हाईवे को बने डेढ़ साल ही हुआ है और यह टूटने लगा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंदर हो रहे कार्य में लापरवाही होना हजम करने वाली बात नहीं है।
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एनएचआईए अधिकारियों से बात कर मार्ग को जल्द ठीक करवा दिया जाएगा। बार-बार यह समस्या क्यों आ रही है, इस पर अधिकारियों से बात की जाएगी। - भारत भूषण, एसडीएम, बराड़ा