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सरकारी फीस 600 रुपये, स्वास्थ्य विभाग करेगा सरप्राइज चेकिंग
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:15 AM IST
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एलाइजा टेस्ट की सरकारी फीस 600 रुपये, अधिक वसूल रही लैब की स्वास्थ्य विभाग करेगा सरप्राइज चेकिंग
फोटो नंबर :: 34
जिले में हैं 1350 लैब, नजर रखना होगा मुश्किल
डेंगू का डर : बारिश के बाद कॉलोनियों में जमा पानी में मच्छर पनपने से बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू के एलाइजा टेस्ट के लिए केवल एक मशीन, रिपोर्ट के लिए करना पड़ेगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डेंगू का डर दूर करने के लिए सरकार ने एलाइजा के लैब टेस्ट की फीस 600 रुपये तय की है लेकिन विभिन्न अस्पतालों व लैब में फीस एक हजार से बारह सौ रुपये तक वसूली जा रही है। कई लैब ऐसे हैं जो कार्ड टेस्ट करते हैं जिसे स्वास्थ्य विभाग डेंगू कनफर्मेशन नहीं मानता। जिले की करीब 1350 लैब पर नजर रखना विभाग के लिए चुनौती रहेगा। ऐसी स्थिति में विभाग मरीजों की शिकायतों पर तो कार्रवाई करेगा, साथ ही अपने स्तर पर विभिन्न लैब में अपने मरीज भेजकर भी चेकिंग करेगा। वहीं, बारिश के बाद कॉलोनियों में जमा पानी डेंगू व मलेरिया का खतरा पैदा कर रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास एलाइजा टेस्ट के लिए जिले भर में मात्र एक ही मशीन है, जिस पर टेस्ट होंगे। ऐसे में मरीज को रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
यह है स्थिति
जिले में अब तक डेंगू के दस केस रिपोर्ट हो चुके हैं, जबकि इनमें से छह केस तो सिटी वीटा कॉलोनी के ही हैं। बीते साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग के पास 325 केस सामने आए थे, जबकि 35 केस मलेरिया के सामने आए। विभाग का दावा है कि सारी व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं लेकिन स्थिति पर नजर डालें तो इलाज की व्यवस्था है, जबकि डेंगू कनफर्मेशन के लिए होने वाला एलाइजा टेस्ट के लिए मशीन सिर्फ अंबाला सिटी सिविल अस्पताल में है। ऐसे में जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों सहित सीएचसी, पीएचसी, स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को अपनी रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
बरसाती पानी बनेगा परेशानी
हाल ही में हुई बारिश के बाद कई कॉलोनियों के खाली प्लाटों में बरसाती पानी जमा हो चुका है, जिसकी निकासी नहीं है। ऐसी स्थिति में इसमें मच्छर पनपेंगे, जिससे मलेरिया व डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। कैंट बीडी फ्लोर मिल के पीछे रहने वाले लोगों में प्रदीप शर्मा, अशोक कुमार, राजीव, अजय कुमार, सोनू का कहना है कई प्लाट खाली हैं जिनमें पानी जमा है।
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कोट
डेंगू इलाज व टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पूरी व्यवस्था है। डेंगू टेस्ट के लिए सरकारी फीस 600 रुपये रखी है, जबकि प्राइवेट लैब पर भी सरप्राइज चेकिंग की जाएगी। निर्धारित फीस से अधिक वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी।
-डॉ. संत लाल, सीएमओ, अंबाला।
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फोटो नंबर :: 34
जिले में हैं 1350 लैब, नजर रखना होगा मुश्किल
डेंगू का डर : बारिश के बाद कॉलोनियों में जमा पानी में मच्छर पनपने से बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू के एलाइजा टेस्ट के लिए केवल एक मशीन, रिपोर्ट के लिए करना पड़ेगा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। डेंगू का डर दूर करने के लिए सरकार ने एलाइजा के लैब टेस्ट की फीस 600 रुपये तय की है लेकिन विभिन्न अस्पतालों व लैब में फीस एक हजार से बारह सौ रुपये तक वसूली जा रही है। कई लैब ऐसे हैं जो कार्ड टेस्ट करते हैं जिसे स्वास्थ्य विभाग डेंगू कनफर्मेशन नहीं मानता। जिले की करीब 1350 लैब पर नजर रखना विभाग के लिए चुनौती रहेगा। ऐसी स्थिति में विभाग मरीजों की शिकायतों पर तो कार्रवाई करेगा, साथ ही अपने स्तर पर विभिन्न लैब में अपने मरीज भेजकर भी चेकिंग करेगा। वहीं, बारिश के बाद कॉलोनियों में जमा पानी डेंगू व मलेरिया का खतरा पैदा कर रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास एलाइजा टेस्ट के लिए जिले भर में मात्र एक ही मशीन है, जिस पर टेस्ट होंगे। ऐसे में मरीज को रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
यह है स्थिति
जिले में अब तक डेंगू के दस केस रिपोर्ट हो चुके हैं, जबकि इनमें से छह केस तो सिटी वीटा कॉलोनी के ही हैं। बीते साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग के पास 325 केस सामने आए थे, जबकि 35 केस मलेरिया के सामने आए। विभाग का दावा है कि सारी व्यवस्थाएं पूरी की गई हैं लेकिन स्थिति पर नजर डालें तो इलाज की व्यवस्था है, जबकि डेंगू कनफर्मेशन के लिए होने वाला एलाइजा टेस्ट के लिए मशीन सिर्फ अंबाला सिटी सिविल अस्पताल में है। ऐसे में जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों सहित सीएचसी, पीएचसी, स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को अपनी रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
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बरसाती पानी बनेगा परेशानी
हाल ही में हुई बारिश के बाद कई कॉलोनियों के खाली प्लाटों में बरसाती पानी जमा हो चुका है, जिसकी निकासी नहीं है। ऐसी स्थिति में इसमें मच्छर पनपेंगे, जिससे मलेरिया व डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। कैंट बीडी फ्लोर मिल के पीछे रहने वाले लोगों में प्रदीप शर्मा, अशोक कुमार, राजीव, अजय कुमार, सोनू का कहना है कई प्लाट खाली हैं जिनमें पानी जमा है।
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कोट
डेंगू इलाज व टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पूरी व्यवस्था है। डेंगू टेस्ट के लिए सरकारी फीस 600 रुपये रखी है, जबकि प्राइवेट लैब पर भी सरप्राइज चेकिंग की जाएगी। निर्धारित फीस से अधिक वसूलने वालों पर कार्रवाई होगी।
-डॉ. संत लाल, सीएमओ, अंबाला।