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- मामला सिटी के मॉडल टाउन बस अड्डे की दुकानों का
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:08 AM IST
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लोकायुक्त की टीम ने अंबाला नगर निगम का रिकॉर्ड खंगाला
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
चंडीगढ़ से आई लोकायुक्त की टीम ने वीरवार को अंबाला नगर निगम का रिकॉर्ड खंगाला। टीम ने नगर निगम के रेंट ब्रांच के रिकार्डों को जांचा। टीम में एसपी सुनील कुमार, डीएसपी कृष्ण कुमार और अन्य कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने निगम कमिश्नर सतेंद्र दूहन से बातचीत की और वहां सालों पुराने रिकॉर्ड की जांच की।
जानकारी मुताबिक एडवोकेट श्याम सुंदर गोयल ने साल 2015 में लोकायुक्त को एक शिकायत दी थी, जिसमें उनका कहना था कि मॉडल टाउन बस अड्डे के पीछे जो दुकानें बनी हैं, उनमें से कुछ दुकानें अवैध तौर पर स्थापित की गई हैैं। नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अवैध कब्जे किए गए हैं। शिकायत के आधार पर जांच के लिए वीरवार को लोकायुक्त की टीम करीब एक बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची। टीम ने रेंट ब्रांच के सारे रिकार्ड जांचे और अधिकारियों से पूछताछ की। यह टीम करीब तीन घंटे तक रही। हालांकि लोकायुक्त टीम ने मीडिया को कुछ खास जानकारी नहीं दी है। सूत्रों से पता चला है कि लोकायुक्त टीम ने पूरा रिकार्ड खंगालने के बाद जांच रिपोर्ट लोकायुक्त हरियाणा के समक्ष पेश करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट में यदि अधिकारियों की खामी पाई गई तो कार्रवाई होगी।
अंबाला में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई बार कष्ट निवारण समिति की बैठकों तथा सीएम विंडो पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें की जा चुकी है। लेकिन अधिकतर जांच पूरी तरह सिरे ही नहीं चढ़ पाती। टीम की आने की सूचना मिलते ही कई कर्मचारियों के पसीने छूट गए। जहां एक ओर टीम रिकॉर्ड खंगाल रही थी तो वही गेट पर निगम कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना था कि वह अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। ऐसे में शोर के बीच अधिकारी कई घंटे तक रिकॉर्ड खंगालते रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
चंडीगढ़ से आई लोकायुक्त की टीम ने वीरवार को अंबाला नगर निगम का रिकॉर्ड खंगाला। टीम ने नगर निगम के रेंट ब्रांच के रिकार्डों को जांचा। टीम में एसपी सुनील कुमार, डीएसपी कृष्ण कुमार और अन्य कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने निगम कमिश्नर सतेंद्र दूहन से बातचीत की और वहां सालों पुराने रिकॉर्ड की जांच की।
जानकारी मुताबिक एडवोकेट श्याम सुंदर गोयल ने साल 2015 में लोकायुक्त को एक शिकायत दी थी, जिसमें उनका कहना था कि मॉडल टाउन बस अड्डे के पीछे जो दुकानें बनी हैं, उनमें से कुछ दुकानें अवैध तौर पर स्थापित की गई हैैं। नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अवैध कब्जे किए गए हैं। शिकायत के आधार पर जांच के लिए वीरवार को लोकायुक्त की टीम करीब एक बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची। टीम ने रेंट ब्रांच के सारे रिकार्ड जांचे और अधिकारियों से पूछताछ की। यह टीम करीब तीन घंटे तक रही। हालांकि लोकायुक्त टीम ने मीडिया को कुछ खास जानकारी नहीं दी है। सूत्रों से पता चला है कि लोकायुक्त टीम ने पूरा रिकार्ड खंगालने के बाद जांच रिपोर्ट लोकायुक्त हरियाणा के समक्ष पेश करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट में यदि अधिकारियों की खामी पाई गई तो कार्रवाई होगी।
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अंबाला में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई बार कष्ट निवारण समिति की बैठकों तथा सीएम विंडो पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें की जा चुकी है। लेकिन अधिकतर जांच पूरी तरह सिरे ही नहीं चढ़ पाती। टीम की आने की सूचना मिलते ही कई कर्मचारियों के पसीने छूट गए। जहां एक ओर टीम रिकॉर्ड खंगाल रही थी तो वही गेट पर निगम कर्मचारी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना था कि वह अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। ऐसे में शोर के बीच अधिकारी कई घंटे तक रिकॉर्ड खंगालते रहे।
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