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चार दिन बाद खुले जिले के स्कूल व कालेज
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
डेरामुखी को हुई सजा के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए जिले में चार दिनों तक कर्फ्यू जैसे हालात रहे। कई सेवाएं प्रभावित हुई, मगर मंगलवार से सुधरे हालातों से जिंदगी पटरी पर लौट गई। चार दिनों बाद जिले के स्कूल व कालेज खुले। बच्चों से लेकर स्टाफ तक की जुबान पर बीते चार दिनों में हुआ घटनाक्रम था। रेल और बस सेवा भी आरंभ होने से यात्रियों को राहत मिली। हालांकि पैसेंजर ट्रेनों के मंगलवार नहीं चलने से कुछ दिक्कतें भी हुई। दूसरी ओर इंटरनेट सेवा कुछ समय के लिए खुली जिसके बाद इसे पुन: बंद कर दिया गया। सुरक्षा को लेकर अलर्ट मंगलवार भी जारी रहा। कई स्थानों पर पुलिस की टीम एहतियात के तौर पर तैनात रही। शरारती तत्व कहीं उत्पात न मचाए इसके लिए गश्त भी बाजारों व अन्य स्थानों पर होती रही। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अभी धारा 144 खत्म करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं जिस कारण सुरक्षा के लिए पूरी चौकसी बरती जा रही है। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कई टीमें तैनात रही। हालांकि यात्रियों के लिए बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के द्वार मंगलवार से खोल दिए गए जिसके बाद हजारों यात्री सफर करने के लिए उमड़े। पांच दिनों बाद रोडवेज ने बसों का परिचालन आरंभ किया। अंबाला-दिल्ली, अंबाला-चंडीगढ़, अंबाला-यमुनानगर व अन्य रुटों पर बसें दौड़ाई गई। सुबह से ही बस सेवा आरंभ कर दी गई थी। इसी तरह रेलवे ने भी ट्रेनें चलाई मगर पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। रेलवे द्वारा पंजाब की ओर जाने वाली आधा दर्जन से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें मंगलवार भी रद्द की गई जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
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नामचर्चा घर पर की जांच
दूसरी ओर जिला पुलिस ने गांव बलाना में स्थित नामचर्चा घर में वीडियोग्राफी की। यहां पर अक्तूबर 2015 से लैंड रोवर गाड़ी व डेरामुखी की पौशाक प्रदर्शनी के लिए रखी गई थी। गत दिनों प्रशासन ने नामचर्चा घर पर अपना ताला जड़ दिया था। अब मंगलवार को नग्गल थाने के एसएचओ व अन्य स्टाफ ने इसकी वीडियोग्राफी करवाई है। बता दें कि जिला प्रशासन डेरा व नामचर्चा घरों की संपत्ति का आकलन भी कर रहा है।
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मुआवजे के लिए एडीसी को ब्यौरा दें : डीसी
डीसी शरणदीप कौर बराड ने कहा कि हाल ही में न्यायालय द्वारा डेरा सच्चा सौदा मामले को लेकर सुनाए गए फैसले के उपरांत डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा उत्पात मचाते हुए सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। अदालत ने नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने कहा कि इस आकलन के लिए एडीसी को नोडल अधिकारी बनाया है। एडीसी आरके सिंह ने कहा कि जिला में यदि किसी भी सरकारी, सार्वजनिक व निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है तो उसके मुआवजे के लिए विस्तृत ब्यौरे व प्रमाण सहित पंद्रह दिन के अंदर एडीसी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
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कालोनियों में गेट खुले, राहत
ट्विन सिटी की विभिन्न कालोनियों में सुरक्षा को देखते हुए मुख्य गेट भी 25 अगस्त से बंद कर दिए गए थे। सिटी में हुड्डा सेक्टरों पर विभिन्न गेट के अलावा, राजेंद्र नगर, हाउसिंग बोर्ड, आर्य नगर, शास्त्री कालोनी आदि क्षेत्रों के सभी गेट मंगलवार सुबह से लोगों के लिए खोल दिए गए। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। 25 अगस्त से ही कालोनियों के गेटों पर निजी सुरक्षा कर्मी रेजिडेंस सोसाइटियों द्वारा तैनात कर दिए गए थे और इस दौरान हर आने-जाने वाले से पूछताछ के बाद ही उसे आगे जाने दिया जा रहा था।
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अंबाला कैंट।
डेरामुखी को हुई सजा के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए जिले में चार दिनों तक कर्फ्यू जैसे हालात रहे। कई सेवाएं प्रभावित हुई, मगर मंगलवार से सुधरे हालातों से जिंदगी पटरी पर लौट गई। चार दिनों बाद जिले के स्कूल व कालेज खुले। बच्चों से लेकर स्टाफ तक की जुबान पर बीते चार दिनों में हुआ घटनाक्रम था। रेल और बस सेवा भी आरंभ होने से यात्रियों को राहत मिली। हालांकि पैसेंजर ट्रेनों के मंगलवार नहीं चलने से कुछ दिक्कतें भी हुई। दूसरी ओर इंटरनेट सेवा कुछ समय के लिए खुली जिसके बाद इसे पुन: बंद कर दिया गया। सुरक्षा को लेकर अलर्ट मंगलवार भी जारी रहा। कई स्थानों पर पुलिस की टीम एहतियात के तौर पर तैनात रही। शरारती तत्व कहीं उत्पात न मचाए इसके लिए गश्त भी बाजारों व अन्य स्थानों पर होती रही। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अभी धारा 144 खत्म करने के आदेश जारी नहीं किए गए हैं जिस कारण सुरक्षा के लिए पूरी चौकसी बरती जा रही है। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर पुलिस की कई टीमें तैनात रही। हालांकि यात्रियों के लिए बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के द्वार मंगलवार से खोल दिए गए जिसके बाद हजारों यात्री सफर करने के लिए उमड़े। पांच दिनों बाद रोडवेज ने बसों का परिचालन आरंभ किया। अंबाला-दिल्ली, अंबाला-चंडीगढ़, अंबाला-यमुनानगर व अन्य रुटों पर बसें दौड़ाई गई। सुबह से ही बस सेवा आरंभ कर दी गई थी। इसी तरह रेलवे ने भी ट्रेनें चलाई मगर पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। रेलवे द्वारा पंजाब की ओर जाने वाली आधा दर्जन से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें मंगलवार भी रद्द की गई जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
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नामचर्चा घर पर की जांच
दूसरी ओर जिला पुलिस ने गांव बलाना में स्थित नामचर्चा घर में वीडियोग्राफी की। यहां पर अक्तूबर 2015 से लैंड रोवर गाड़ी व डेरामुखी की पौशाक प्रदर्शनी के लिए रखी गई थी। गत दिनों प्रशासन ने नामचर्चा घर पर अपना ताला जड़ दिया था। अब मंगलवार को नग्गल थाने के एसएचओ व अन्य स्टाफ ने इसकी वीडियोग्राफी करवाई है। बता दें कि जिला प्रशासन डेरा व नामचर्चा घरों की संपत्ति का आकलन भी कर रहा है।
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मुआवजे के लिए एडीसी को ब्यौरा दें : डीसी
डीसी शरणदीप कौर बराड ने कहा कि हाल ही में न्यायालय द्वारा डेरा सच्चा सौदा मामले को लेकर सुनाए गए फैसले के उपरांत डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों द्वारा उत्पात मचाते हुए सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। अदालत ने नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने कहा कि इस आकलन के लिए एडीसी को नोडल अधिकारी बनाया है। एडीसी आरके सिंह ने कहा कि जिला में यदि किसी भी सरकारी, सार्वजनिक व निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है तो उसके मुआवजे के लिए विस्तृत ब्यौरे व प्रमाण सहित पंद्रह दिन के अंदर एडीसी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है।
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कालोनियों में गेट खुले, राहत
ट्विन सिटी की विभिन्न कालोनियों में सुरक्षा को देखते हुए मुख्य गेट भी 25 अगस्त से बंद कर दिए गए थे। सिटी में हुड्डा सेक्टरों पर विभिन्न गेट के अलावा, राजेंद्र नगर, हाउसिंग बोर्ड, आर्य नगर, शास्त्री कालोनी आदि क्षेत्रों के सभी गेट मंगलवार सुबह से लोगों के लिए खोल दिए गए। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। 25 अगस्त से ही कालोनियों के गेटों पर निजी सुरक्षा कर्मी रेजिडेंस सोसाइटियों द्वारा तैनात कर दिए गए थे और इस दौरान हर आने-जाने वाले से पूछताछ के बाद ही उसे आगे जाने दिया जा रहा था।