फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   - जर्जर ईमारत में कार्य करने को मजबूर कर्मचारी

- जर्जर ईमारत में कार्य करने को मजबूर कर्मचारी

Thu, 27 Jul 2017 01:04 AM IST
Updated Thu, 27 Jul 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
- जर्जर ईमारत में कार्य करने को मजबूर कर्मचारी
तरुण अग्रवाल
विज्ञापन

अंबाला सिटी।
पुराने सिविल अस्पताल परिसर में ईएसआई औषधालय में कार्य कर रहे डॉक्टर और कर्मचारियों को मजबूरन तीन वर्ष पहले कंडम हुए भवन में कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। विभाग की ओर से अभी तक कर्मचारियों व मरीजों की सुविधा के लिए कोई नए भवन का प्रबंध नहीं किया गया है। अनहोनी का अंदेशा यहां सदैव बना रहता है। 2014 में इस भवन को कंडम घोषित कर दिया था परंतु 2017 के आने पर भी कर्मचारियों को कार्य करने के लिए नई इमारत उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
इमारत का पलस्तर उखड़ा व दरारें
आलम तो यहां तक है कि इमारत के अंदर की दीवारों पर किया गया पलस्तर भी उखड़कर नीचे गिरने लगा है इमारत के पिछली तरफ बनी दिवारों में दरारें आ गई है और आए दिन छत से भी सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते है। इससे कभी भी कोई मरीज व कर्मचारी जख्मी हो सकता है। खिड़की और दरवाजों को भी खंभों की सहायता से व अन्य जुगाड़ करके फंसाया गया है ताकि दरवाजे व खिड़कियां अचानक से नीचे न गिर जाएं। डाक्टर के कक्ष की खिड़कियां भी पूर्ण रूप क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं अन्य कर्मियों को भी इमारत में जर्जर भवन में कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। उधर जर्जर भवन में आने वाले मरीजों को भी इससे खतरा है।
विज्ञापन

टेंडर कैंसल होने से बड़ी परेशानी
जर्जर इमारत में कार्य कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि वह कितनी ही बार विभाग को पत्र लिख चुके है और एक दो बार तो टेंडर भी जारी किए जा चुके है, परंतु फिर टेंडर कैंसल होने के कारण मामला आगे ही नहीं बढ़ पाता है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व एक दो इमारतों को इस विभाग को शिफ्ट करने के लिए देखा गया था परंतु खामियां मिलने के कारण आफिस शिफ्ट नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्र भेजा गया है मंजूरी नहीं मिली
करनाल व फरीदाबाद स्थित विभागीय अधिकारियों को कई बार ईएसआई आफिस व अस्पताल नए भवन में शिफ्ट करने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। मगर अभी मंजूरी नहीं मिली है जिस कारण उन्हें मजबूरी में ही इस पुराने भवन में कार्य करना पड़ रहा है।
- डॉ. एस मेनवाल, ईएसआई, अंबाला सिटी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed