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Ambala News: जिले के 151 गांवों की होगी परीक्षा तभी मिलेगा टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा
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अंबाला सिटी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत राज्य टीम को जिले की 151 पंचायतों के नाम भेजे गए हैं। इन पंचायतों की अब राज्य की टीम की ओर से जांच की जाएगी। राज्य टीम के मानक पूरे करने वाली पंचायतों को ही टीबी मुक्त घोषित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष अंबाला की 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को जागरूक करने में जुटा हुआ है। विभाग की टीमें अब प्रत्येक गांव में जाकर टीबी के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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इन मानकों पर होगी ग्राम पंचायतों की पुष्टि
- टीबी मुक्त प्रमाण पत्र के लिए ग्राम पंचायत में एक या एक से कम मरीज होने चाहिए।
- ग्राम पंचायत में एक हजार लोगों में कम से कम 30 लोगों की बलगम की जांच अनिवार्य है।
- एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक 85 फीसदी ट्रीटमेंट सक्सेस रेट होना चाहिए। यानि की 85 प्रतिशत मरीजों का उपचार पूरा होना चाहिए।
- डीबीटी के तहत पोषण योजना का लाभ टीबी मरीजों को मिलना अनिवार्य है।
- यूनिवर्सल ड्रग्स सेंसिटिविटी टेस्ट भी अनिवार्य है।
इन सभी इंडिकेटर्स को पूरा करने वाली पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए घोषित किया जाएगा।
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अगले वर्ष के लिए भी लक्ष्य निर्धारित
वर्ष 2025 के लिए विभाग को 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य मिला। जिला अंबाला में करीब 400 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 44 को पहले ही टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। वहीं निदेशालय की ओर से वर्ष 2026 का भी लक्ष्य सौंप दिया गया है। जिसके तहत जिले की 90 प्रतिशत पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रहेगा।
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जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डॉ राकेश सहल और डीटीओ डॉ सीमा के निर्देशन में टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते 151 ग्राम पंचायतों के नाम राज्य टीम को भेजे गए हैं।
-- -- - डॉ पल्लवी, एमओ टीबी विभाग अंबाला।
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जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष अंबाला की 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को जागरूक करने में जुटा हुआ है। विभाग की टीमें अब प्रत्येक गांव में जाकर टीबी के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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इन मानकों पर होगी ग्राम पंचायतों की पुष्टि
- टीबी मुक्त प्रमाण पत्र के लिए ग्राम पंचायत में एक या एक से कम मरीज होने चाहिए।
- ग्राम पंचायत में एक हजार लोगों में कम से कम 30 लोगों की बलगम की जांच अनिवार्य है।
- एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक 85 फीसदी ट्रीटमेंट सक्सेस रेट होना चाहिए। यानि की 85 प्रतिशत मरीजों का उपचार पूरा होना चाहिए।
- डीबीटी के तहत पोषण योजना का लाभ टीबी मरीजों को मिलना अनिवार्य है।
- यूनिवर्सल ड्रग्स सेंसिटिविटी टेस्ट भी अनिवार्य है।
इन सभी इंडिकेटर्स को पूरा करने वाली पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के लिए घोषित किया जाएगा।
अगले वर्ष के लिए भी लक्ष्य निर्धारित
वर्ष 2025 के लिए विभाग को 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य मिला। जिला अंबाला में करीब 400 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 44 को पहले ही टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। वहीं निदेशालय की ओर से वर्ष 2026 का भी लक्ष्य सौंप दिया गया है। जिसके तहत जिले की 90 प्रतिशत पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रहेगा।
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जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डॉ राकेश सहल और डीटीओ डॉ सीमा के निर्देशन में टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है। इसी के चलते 151 ग्राम पंचायतों के नाम राज्य टीम को भेजे गए हैं।