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देहांत के बाद अनुसंधान के लिए रूढा सिंह का शरीर किया दान
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:51 PM IST
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देहांत के बाद अनुसंधान के लिए रूढा सिंह का शरीर किया दान
फोटो नंबर : 13
गांव हलदरी के निवासी 98 वर्षीय रूढा सिंह शरीर दान की जता चुके थे इच्छा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ब्लॉक केसरी के गांव हलदरी निवासी 98 वर्षीय रूढा सिंह इन्सां का देहांत हो गया। परिवार वालों ने उनका शरीर एमएम मेडिकल कॉलेज मुलाना को दान दे दिया। रूढा सिंह की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शरीर को अनुसंधान के लिए मेडिकल कॉलेज को दे दिया जाए।
रूढा सिंह के पुत्र कर्म सिंह इन्सां ने बताया कि उनके पिता ने कई बार यह इच्छा जताई थी जिसे पूरा किया गया है। उनके भतीजे डॉ. हरबंस ने बताया कि रूढा सिंह ने नाम लेने के बाद से ही सेवा आरंभ कर दी थी और सिरसा में करीब 25 वर्ष तक उन्होंने सेवा की। वह भक्ति में लीन रहते थे और शनिवार मृत्यु से पूर्व भी उन्होंने सिमरण किया था और बाद में बुखार के कारण उनकी तबीयत खराब हुई और इसके कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर भंगीदास बलराम, हरबंस, कंवर सिंह, राज कुमार, कश्मीर सिंह, दर्शन सिंह, जसवंत, गुलजार मौजूद रहे।
बेटियों व बहनों ने दिया अर्थी को कंधा
रूढा सिंह की अर्थी को कंधा उसकी दोनों बेटियों, गुरदेव कौर व राज रानी ने दिया। रूढा सिंह परिवार में तीन पुत्र नायब सिंह, कर्म सिंह, लखविंद्र सिंह एवं पौत्र-पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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फोटो नंबर : 13
गांव हलदरी के निवासी 98 वर्षीय रूढा सिंह शरीर दान की जता चुके थे इच्छा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ब्लॉक केसरी के गांव हलदरी निवासी 98 वर्षीय रूढा सिंह इन्सां का देहांत हो गया। परिवार वालों ने उनका शरीर एमएम मेडिकल कॉलेज मुलाना को दान दे दिया। रूढा सिंह की इच्छा थी कि उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शरीर को अनुसंधान के लिए मेडिकल कॉलेज को दे दिया जाए।
रूढा सिंह के पुत्र कर्म सिंह इन्सां ने बताया कि उनके पिता ने कई बार यह इच्छा जताई थी जिसे पूरा किया गया है। उनके भतीजे डॉ. हरबंस ने बताया कि रूढा सिंह ने नाम लेने के बाद से ही सेवा आरंभ कर दी थी और सिरसा में करीब 25 वर्ष तक उन्होंने सेवा की। वह भक्ति में लीन रहते थे और शनिवार मृत्यु से पूर्व भी उन्होंने सिमरण किया था और बाद में बुखार के कारण उनकी तबीयत खराब हुई और इसके कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस अवसर पर भंगीदास बलराम, हरबंस, कंवर सिंह, राज कुमार, कश्मीर सिंह, दर्शन सिंह, जसवंत, गुलजार मौजूद रहे।
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बेटियों व बहनों ने दिया अर्थी को कंधा
रूढा सिंह की अर्थी को कंधा उसकी दोनों बेटियों, गुरदेव कौर व राज रानी ने दिया। रूढा सिंह परिवार में तीन पुत्र नायब सिंह, कर्म सिंह, लखविंद्र सिंह एवं पौत्र-पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
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