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बरनाला और मंडली गांव में बन सकता है एयर टर्मिनल
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बरनाला और मंडली गांव में बन सकता है एयर टर्मिनल
चंडीगढ़ से आई एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को सौंपी रिपोर्ट में इन गांवों में जमीन उपलब्ध होने की कही बात
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। अंबाला में सिविल एयर टर्मिनल बनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ से आई टीम को एयरफोर्स स्टेशन के साथ स्थित गांव मंडली और बरनाला की भूमि उपयुक्त लगी है। धनकौर गांव में आबादी ज्यादा होने से यहां पर एयर टर्मिनल बनाना उपयुक्त नहीं माना जा रहा है। अंबाला में किए गए सर्वे की रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ नॉर्दर्न रीजनल हेडक्वार्टर को सौंप दी गई है। अभी अथॉरिटी की टीम अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के अंदर अपना सर्वे नहीं कर सकी है और जल्द अनुमति मिलने पर यहां भी सर्वे आरंभ किया जाएगा। बता दें कि अंबाला में एयर टर्मिनल की मांग को मंत्री अनिल विज ने आगे बढ़ाया था जिस पर पर अब कार्रवाई की जा रही है।
12 से 15 एकड़ भूमि उपलब्ध मंडली गांव में
दो दिन पहले ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने अंबाला में सिविल एयर टर्मिनल के लिए सर्वे किया था। यह सर्वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील गोस्वामी, चंडीगढ़ एयरपोर्ट के मैनेजर एवं इंजीनियर दीपिश जोशी, कैंट तहसीलदार राजेश पूनिया एवं कानूनगो द्वारा किया गया था। सर्वे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रीजनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के निर्देश पर किया गया था। प्रदेश सरकार द्वारा अंबाला में डोमेस्टिक एवं कारगो के लिए एयर टर्मिनल बनाने की मांग की गई थी जिस पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई थी। टीम ने सर्वे के दौरान पाया कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के साथ गांव मंडली, धनकौर और बरनाला स्थित हैं। मंडली गांव में 12-15 एकड़ भूमि पाई गई। यह गांव अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे से महज पांच मिनट की दूरी पर है। यहां आबादी भी कम है। इसी तरह गांव बरनाला जोकि हाईवे से 15 से 20 मिनट की दूरी पर है यहां भी कई एकड़ भूमि उपलब्ध है जिसका इस्तेमाल एयर टर्मिनल के लिए किया जा सकता है। सर्वे के दौरान टीम को धनकौर गांव में भूमि नहीं मिली, क्योंकि इस गांव में काफी आबादी है।
अब एयरफोर्स स्टेशन के अंदर होगा सर्वे
दूसरी ओर टीम ने एयरफोर्स स्टेशन के अंदर अभी सर्वे नहीं किया है। हालांकि टीम ने एयरफोर्स के सीनियर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (सेटको) से संपर्क भी किया था, मगर अभी एयरफोर्स मुख्यालय द्वारा एयरफोर्स स्टेशन के अंदर सर्वे की अनुमति नहीं दी गई जिस वजह से अब आगामी दिनों में यह सर्वे होगा। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि एयरफोर्स स्टेशन का रनवे किस दिशा में है और यदि नया रनवे बनाना पड़ता है तो इसके लिए आसपास कौन-सा क्षेत्र एवं दिशा उपयुक्त होगी।
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यह होगा अंबाला को फायदा
अंबाला में डोमेस्टिक फ्लाइट्स एवं कारगो के लिए एयर टर्मिनल बनता है तो अंबाला एवं आसपास जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश के निवासियों को भी लाभ मिलेगा। यहां पर माल की ढुलाई हो सकेगी साथ ही विभिन्न शहरों के लिए अंबाला से सीधी फ्लाइट उपलब्ध होगी।
कोट्स
एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने गत दिनों सर्वे किया था और इसकी जानकारी दी गई है। अंबाला में एयर टर्मिनल बनने से यहां के निवासियों को लाभ मिलेगा और हमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
-अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।
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चंडीगढ़ से आई एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय को सौंपी रिपोर्ट में इन गांवों में जमीन उपलब्ध होने की कही बात
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। अंबाला में सिविल एयर टर्मिनल बनाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की चंडीगढ़ से आई टीम को एयरफोर्स स्टेशन के साथ स्थित गांव मंडली और बरनाला की भूमि उपयुक्त लगी है। धनकौर गांव में आबादी ज्यादा होने से यहां पर एयर टर्मिनल बनाना उपयुक्त नहीं माना जा रहा है। अंबाला में किए गए सर्वे की रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ नॉर्दर्न रीजनल हेडक्वार्टर को सौंप दी गई है। अभी अथॉरिटी की टीम अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के अंदर अपना सर्वे नहीं कर सकी है और जल्द अनुमति मिलने पर यहां भी सर्वे आरंभ किया जाएगा। बता दें कि अंबाला में एयर टर्मिनल की मांग को मंत्री अनिल विज ने आगे बढ़ाया था जिस पर पर अब कार्रवाई की जा रही है।
12 से 15 एकड़ भूमि उपलब्ध मंडली गांव में
दो दिन पहले ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने अंबाला में सिविल एयर टर्मिनल के लिए सर्वे किया था। यह सर्वे चंडीगढ़ एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील गोस्वामी, चंडीगढ़ एयरपोर्ट के मैनेजर एवं इंजीनियर दीपिश जोशी, कैंट तहसीलदार राजेश पूनिया एवं कानूनगो द्वारा किया गया था। सर्वे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रीजनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के निर्देश पर किया गया था। प्रदेश सरकार द्वारा अंबाला में डोमेस्टिक एवं कारगो के लिए एयर टर्मिनल बनाने की मांग की गई थी जिस पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई थी। टीम ने सर्वे के दौरान पाया कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के साथ गांव मंडली, धनकौर और बरनाला स्थित हैं। मंडली गांव में 12-15 एकड़ भूमि पाई गई। यह गांव अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे से महज पांच मिनट की दूरी पर है। यहां आबादी भी कम है। इसी तरह गांव बरनाला जोकि हाईवे से 15 से 20 मिनट की दूरी पर है यहां भी कई एकड़ भूमि उपलब्ध है जिसका इस्तेमाल एयर टर्मिनल के लिए किया जा सकता है। सर्वे के दौरान टीम को धनकौर गांव में भूमि नहीं मिली, क्योंकि इस गांव में काफी आबादी है।
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अब एयरफोर्स स्टेशन के अंदर होगा सर्वे
दूसरी ओर टीम ने एयरफोर्स स्टेशन के अंदर अभी सर्वे नहीं किया है। हालांकि टीम ने एयरफोर्स के सीनियर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (सेटको) से संपर्क भी किया था, मगर अभी एयरफोर्स मुख्यालय द्वारा एयरफोर्स स्टेशन के अंदर सर्वे की अनुमति नहीं दी गई जिस वजह से अब आगामी दिनों में यह सर्वे होगा। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि एयरफोर्स स्टेशन का रनवे किस दिशा में है और यदि नया रनवे बनाना पड़ता है तो इसके लिए आसपास कौन-सा क्षेत्र एवं दिशा उपयुक्त होगी।
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यह होगा अंबाला को फायदा
अंबाला में डोमेस्टिक फ्लाइट्स एवं कारगो के लिए एयर टर्मिनल बनता है तो अंबाला एवं आसपास जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश के निवासियों को भी लाभ मिलेगा। यहां पर माल की ढुलाई हो सकेगी साथ ही विभिन्न शहरों के लिए अंबाला से सीधी फ्लाइट उपलब्ध होगी।
कोट्स
एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने गत दिनों सर्वे किया था और इसकी जानकारी दी गई है। अंबाला में एयर टर्मिनल बनने से यहां के निवासियों को लाभ मिलेगा और हमें चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
-अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।