{"_id":"5bae7d56867a557f195f4b25","slug":"131538162006-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केमिस्ट हड़ताल : शहर में असर, कस्बों में बेअसर, दुकान बंद करवाने को हुई बहस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केमिस्ट हड़ताल : शहर में असर, कस्बों में बेअसर, दुकान बंद करवाने को हुई बहस
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केमिस्ट हड़ताल : शहर में असर, कस्बों में बेअसर, दुकान बंद करवाने को हुई बहस
अमर उजाला ब्यूरो
टीम अंबाला। ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ दवा विक्रेताओं की हड़ताल जहां शहर में थोड़ा असर दिखा गई, वहीं कस्बों में यह दुकानें बंद रहीं। अंबाला कैंट, सिटी व बराड़ा में जहां केमिस्ट शॉप बंद रहीं, वहीं साहा, शहजादपुर, नारायणगढ़ में हड़ताल का असर नहीं दिखाई दिया। हालांकि केमिस्ट एसोसिएशन का दावा है कि हड़ताल शत प्रतिशत रही और दवा विक्रेता ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ अपना संदेश सरकार तक पहुंचाने में कामयाब रहे।
कैंट के नगर निगम कार्यालय के सामने केमिस्ट शॉप खुली देख इसे बंद करवाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी पहुंच गए। पदाधिकारियों ने संचालक से दुकान बंद करने को कहा, जिस पर संचालक ने मना कर दिया। इसके बाद करीब आधे घंटे तक पदाधिकारियों और शॉप संचालक में बहसबाजी होती रही। बाद में केमिस्ट शॉप संचालक ने शॉप को बंद कर दिया, जिसके बाद यह पदाधिकारी चले गए। उधर, सुबह अधिकतर दुकानें बंद रहीं, जबकि गली-मोहल्लों में स्थित केमिस्ट शॉप्स खुली रहीं। अंबाला सिटी में भी यही हालात रहे, मुख्य मार्गों की केमिस्ट शॉप्स तो बंद रहीं, लेकिन भीतरी बाजारों में कुछ समय के बाद खुल गईं।
कस्बों में हड़ताल का असर नहीं
जिले के साहा, मुलाना, शहजादपुर, नारायणगढ़ में हड़ताल का असर देखने को नहीं मिला। चारों कस्बों में सुबह कुछ देर के बाद ही केमिस्ट शाप्स खुल गईं। हालांकि तय समय करीब एक घंटे के बाद यह दुकानें खुलती रहीं, जबकि इस दौरान मरीजों को खास परेशानियां झेलनी नहीं पड़ीं। दुकानदारों ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखा। हालांकि कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही।
विज्ञापन
ऑनलाइन दवाइयों की खरीद न हो : गुप्ता
कस्बा बराड़ा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल स्टोर बंद रहे। केमिस्ट एसोसिएशन बराड़ा के प्रधान प्रदीप गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन दवाइयों की खरीद न हो, आदि मांगों को लेकर सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। उगाला, अधोया, जलूबी व डेरा सलीमपुर में केमिस्टों ने दुकानें बंद रखी जिस कारण मरीज दवाइयां न मिलने के कारण परेशान रहे।
एसोसिएशन का दावा, हड़ताल सफल
हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सलाहकार राजकुमार शर्मा ने कहा कि अंबाला में इस हड़ताल को लेकर काम किया गया था। इसमें केमिस्ट शॉप्स संचालकों ने समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि जिलेभर में दवा विक्रेताओं ने कारोबार बंद रखा, जबकि नर्सिंग होम में खुली दवा की दुकानों को इससे छूट दी थी। इसके अलावा जिलेभर में पांच दुकानों को भी खोलने की इजाजत थी। उन्होंने कहा कि किसी ने इमरजेंसी में दुकान खोली हो तो कह नहीं सकते, जबकि यह हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
टीम अंबाला। ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ दवा विक्रेताओं की हड़ताल जहां शहर में थोड़ा असर दिखा गई, वहीं कस्बों में यह दुकानें बंद रहीं। अंबाला कैंट, सिटी व बराड़ा में जहां केमिस्ट शॉप बंद रहीं, वहीं साहा, शहजादपुर, नारायणगढ़ में हड़ताल का असर नहीं दिखाई दिया। हालांकि केमिस्ट एसोसिएशन का दावा है कि हड़ताल शत प्रतिशत रही और दवा विक्रेता ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ अपना संदेश सरकार तक पहुंचाने में कामयाब रहे।
कैंट के नगर निगम कार्यालय के सामने केमिस्ट शॉप खुली देख इसे बंद करवाने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी पहुंच गए। पदाधिकारियों ने संचालक से दुकान बंद करने को कहा, जिस पर संचालक ने मना कर दिया। इसके बाद करीब आधे घंटे तक पदाधिकारियों और शॉप संचालक में बहसबाजी होती रही। बाद में केमिस्ट शॉप संचालक ने शॉप को बंद कर दिया, जिसके बाद यह पदाधिकारी चले गए। उधर, सुबह अधिकतर दुकानें बंद रहीं, जबकि गली-मोहल्लों में स्थित केमिस्ट शॉप्स खुली रहीं। अंबाला सिटी में भी यही हालात रहे, मुख्य मार्गों की केमिस्ट शॉप्स तो बंद रहीं, लेकिन भीतरी बाजारों में कुछ समय के बाद खुल गईं।
विज्ञापन
कस्बों में हड़ताल का असर नहीं
जिले के साहा, मुलाना, शहजादपुर, नारायणगढ़ में हड़ताल का असर देखने को नहीं मिला। चारों कस्बों में सुबह कुछ देर के बाद ही केमिस्ट शाप्स खुल गईं। हालांकि तय समय करीब एक घंटे के बाद यह दुकानें खुलती रहीं, जबकि इस दौरान मरीजों को खास परेशानियां झेलनी नहीं पड़ीं। दुकानदारों ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखा। हालांकि कुछ दुकानें बंद रहीं, लेकिन इनकी संख्या काफी कम रही।
विज्ञापन
ऑनलाइन दवाइयों की खरीद न हो : गुप्ता
कस्बा बराड़ा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल स्टोर बंद रहे। केमिस्ट एसोसिएशन बराड़ा के प्रधान प्रदीप गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन दवाइयों की खरीद न हो, आदि मांगों को लेकर सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। उगाला, अधोया, जलूबी व डेरा सलीमपुर में केमिस्टों ने दुकानें बंद रखी जिस कारण मरीज दवाइयां न मिलने के कारण परेशान रहे।
एसोसिएशन का दावा, हड़ताल सफल
हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सलाहकार राजकुमार शर्मा ने कहा कि अंबाला में इस हड़ताल को लेकर काम किया गया था। इसमें केमिस्ट शॉप्स संचालकों ने समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि जिलेभर में दवा विक्रेताओं ने कारोबार बंद रखा, जबकि नर्सिंग होम में खुली दवा की दुकानों को इससे छूट दी थी। इसके अलावा जिलेभर में पांच दुकानों को भी खोलने की इजाजत थी। उन्होंने कहा कि किसी ने इमरजेंसी में दुकान खोली हो तो कह नहीं सकते, जबकि यह हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही है।