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Ambala News: पांच साल में अंबाला लोकसभा में बढ़े सवा लाख मतदाता
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रामकिशन गुर्ज्जर
अंबाला। बीते पांच वर्षों में अंबाला लोकसभा क्षेत्र (अनुसूचित जाति आरक्षित) में एक लाख 25 हजार 828 मतदाता बढ़ गए। इस बढ़ोतरी के साथ ही अंबाला प्रदेश में सबसे अधिक मतदाताओं वाले लोकसभा क्षेत्रों में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
अंबाला लोकसभा क्षेत्र में अब कुल 19 लाख 78 हजार 278 मतदाता हैं, जबकि पांच वर्ष पूर्व मई, 2019 में जब 17वीं लोकसभा आम चुनाव हुए थे, तब अंबाला लोकसभा सीट पर 18 लाख 53 हजार मतदाता थे। इस प्रकार गत पांच वर्षों में अंबाला संसदीय सीट पर 1 लाख 25 हजार 828 मतदाता बढ़े हैं। वहीं, गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल लोकसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या में अंबाला से आगे हैं।
लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा हलकों की स्थिति पर गौर करें तो अंबाला लोकसभा क्षेत्र में अंबाला जिले के चार विधानसभा हलकों में अंबाला शहर, अंबाला कैंट, नारायणगढ़ और मुलाना, पंचकूला जिले के दो कालका और पंचकूला और यमुनानगर जिले के जगाधरी, यमुनानगर, साढ़ौरा हलके शामिल हैं। इसमें भी शहर 2.56 लाख मतदाताओं के साथ सबसे बड़ा हलका है तो 1.92 लाख के साथ नारायणगढ़ में सबसे कम मतदाता वाला हलका है।
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लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की स्थिति
अंबाला जिला-- -- -- -- -- पुरुष महिला तृतीय लिंग कुल
नारायणगढ़- 101286 89986 08 191280
अंबाला छावनी- 104410 945301 12 198953
अंबाला सिटी- 134029 122228 22 256279
मुलाना (अनुसूचित जाति) 117768 103524 04 221296
पंचकूला जिला
कालका- 103258 93912 18 197198
पंचकूला- 120897 108321 08 229226
यमुनानगर जिला-
सढौरा (अनुसूचित जाति) 118508 102441 00 221049 जगाधरी- 121912 106795 02 228709
यमुनानगर- 125519 109318 01 234838
कुल- 1047697 931056 75 1978828
बुजुर्ग वोटरों की स्थिति
अंबाला लोकसभा क्षेत्र में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 1735 मतदाता है तो वहीं 80 से अधिक उम्र के 62288 मतदाता हैं। जिसमें सबसे अधिक बुजुर्ग मतदाता अंबाला सिटी व कालका में हैं। अंबाला जिला के विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो 80 से अधिक उम्र के 5501 और 100 से अधिक उम्र के 204 मतदाता हैं। इसी प्रकार अंबाला सिटी में 5491 और 117 मतदाता हैं। अंबाला सिटी में 8814 और 330 मतदाता हैं। वहीं, मुलाना में 5201 और 170 बुजुर्ग मतदाता हैं। इसी प्रकार पंचकूला जिला के कालका विधानसभा हल्के की बात करें तो यहां 80 से अधिक उम्र के 12787 और 100 से अधिक उम्र के 293 मतदाता हैं। वहीं, पंचकूला में 5022 और 152 मतदाता हैं। वहीं, यमुनानगर के साढ़ौरा में 6090 और 144, जगाधरी में 6219 और 149, यमुनानगर में 7163 और 176 मतदाता हैं।
26680 युवा मतदाता पहली बार करेंगे वोट
अंबाला लोकसभा क्षेत्र में इस बार 18 व 19 वर्ष के 26680 मतदाता पहली बार अपने मताधिकारों का प्रयोग करेंगे, जिसमें सबसे अधिक युवा मतदाता पंचकूला में हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पंचकूला के कालका में 3384, पंचकूला में 3451, अंबाला के नारायणगढ़ में 2456, अंबाला छावनी में 2253, अंबाला सिटी में 2748, मुलाना में 3387, यमुनानगर के साढ़ौरा में 3189, जगाधरी में 3204, यमुनानगर में 2608 युवा मतदाता हैं। वहीं, दिव्यांग मतदाताओं की बात करें तो 13539 मतदाता हैं। जिसमें कालका में 1141, पंचकूला में 1192, नारायणगढ़ में 1146, अंबाला छावनी में 1288, अंबाला सिटी में 1784, मुलाना में 1940, यमुनानगर के साढ़ौरा में 2371, जगाधरी में 1452, यमुनानगर में 1185 दिव्यांग मतदाता हैं।
इस विधानसभा क्षेत्र में घटे और बढ़े वोटर
अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख 56 हजार 279 मतदाता हैं, जबकि दो वर्ष पहले 2022 में दो लाख 67 हजार 917 मतदाता थे। इस प्रकार पिछले दो वर्षों में 11 हजार 638 मतदाता कम हुए हैं। इसी प्रकार अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र में दो वर्ष पहले दो लाख 08 हजार 99 मतदाता थे, जबकि अब एक लाख 98 हजार 953 मतदाता बचे हैं। 9146 मतदाता कम हुए हैं। इसी प्रकार नारायणगढ़ में एक लाख 97 हजार 011 मतदाता दो वर्ष पहले थे, जबकि अब 1 लाख 91 हजार 280 मतदाता रह गए हैं, यहां पांच हजार 731 मतदाता कम हो गए हैं। वहीं, मुलाना हल्के की बात करें तो यहां दो वर्ष पहले दो लाख 31 हजार 236 मतदाता थे, जबकि दो लाख 21 हजार 296 मतदाता रह गए हैं। ऐसे नौ हजार 940 मतदाता घटे हैं।
पिछली लोकसभा चुनाव में था रोमांचक मुकाबला
अंबाला लोकसभा सीट पर 2019 का चुनाव रोचक रहा था। इस सीट पर तब भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच टक्कर थी। तब भाजपा ने यह सीट जीती थी। उस दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था और कांग्रेस ने भी कुमारी सैलजा के चेहरे पर दांव खेला था। तब केंद्र सरकार के कार्यों को लेकर लोगों में एक लहर भी थी। जिसका भाजपा को फायदा मिला था और दिवंगत रतनलाल कटारिया अच्छे मतों से जीते थे। इस बार फिर इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस पार्टियों के अलावा अन्य पार्टियों का इस सीट पर प्रभाव कम दिखाई दे रहा है।
वर्जन
फोटो- 62
अभी तक हम एक-एक जिले में व्यक्तिगत कार्यक्रमों के तहत जा रहे थे। अब रविवार से अंबाला चुनाव कार्यालय पर कार्य शुरू हो जाएगा। पार्टी के शेड्यूल के अनुसार लोगों के बीच मुद्दे लेकर जाएंगे।
बंतो कटारिया, भाजपा प्रत्याशी।
फोटो- 61
पार्टी में टिकट के लिए 40 आवेदन आए हैं। उनमें से कोई अच्छा प्रत्याशी हो सकती है। मैंने कभी मुलाना से बाहर किसी भी हलके में एक बैठक तक नहीं की है ऐसे में लोकसभा चुनाव में कैसे उतर सकता हूं। अभी विधानसभा चुनाव पर ही नजर है। आगामी समय में अगर समय से पहले चुनाव लड़ने का पार्टी निर्देश देगी तो कोशिश भी करेंगे। अंबाला में और भी मजबूत प्रत्याशी हैं जो पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं।
-वरुण मुलाना, संभावित कांग्रेस प्रत्याशी
फोटो- 64
क्षेत्र में लोगों के बीच हम अपने मुद्दे लेकर जा रहे हैं। चुनाव को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। अभी तक टिकट फाइनल नहीं हुआ, पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसी के आधार पर काम करेंगे-
डॉ.कपूर सिंह, संभावित कांग्रेस प्रत्याशी
फोटो- 60
पार्टी प्रत्याशियों को लेकर मंथन कर रही है। लोकसभा चुनाव में अंबाला से मजबूत प्रत्याशी ही उतारा जाएगा। हम जहां भी जा रहे हैं लोग भाजपा से परेशान हैं और बदलाव चाहते हैं।
-रामकिशन गुर्जर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
फोटो- 63
लोकसभा चुनावों को लेकर बिगुल बज गया है। अब चुनाव कार्यालय में लोकसभा क्षेत्र के तहत एक सिस्टम के तहत कार्य होगा। प्रत्याशी के लिए शेड्यूल, मुद्दे आदि व कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में भेजने के कार्य किए जाएंगे।
-मंदीप राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा, अंबाला
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अंबाला लोकसभा क्षेत्र में अब कुल 19 लाख 78 हजार 278 मतदाता हैं, जबकि पांच वर्ष पूर्व मई, 2019 में जब 17वीं लोकसभा आम चुनाव हुए थे, तब अंबाला लोकसभा सीट पर 18 लाख 53 हजार मतदाता थे। इस प्रकार गत पांच वर्षों में अंबाला संसदीय सीट पर 1 लाख 25 हजार 828 मतदाता बढ़े हैं। वहीं, गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल लोकसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या में अंबाला से आगे हैं।
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लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा हलकों की स्थिति पर गौर करें तो अंबाला लोकसभा क्षेत्र में अंबाला जिले के चार विधानसभा हलकों में अंबाला शहर, अंबाला कैंट, नारायणगढ़ और मुलाना, पंचकूला जिले के दो कालका और पंचकूला और यमुनानगर जिले के जगाधरी, यमुनानगर, साढ़ौरा हलके शामिल हैं। इसमें भी शहर 2.56 लाख मतदाताओं के साथ सबसे बड़ा हलका है तो 1.92 लाख के साथ नारायणगढ़ में सबसे कम मतदाता वाला हलका है।
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लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की स्थिति
अंबाला जिला
नारायणगढ़- 101286 89986 08 191280
अंबाला छावनी- 104410 945301 12 198953
अंबाला सिटी- 134029 122228 22 256279
मुलाना (अनुसूचित जाति) 117768 103524 04 221296
पंचकूला जिला
कालका- 103258 93912 18 197198
पंचकूला- 120897 108321 08 229226
यमुनानगर जिला-
सढौरा (अनुसूचित जाति) 118508 102441 00 221049 जगाधरी- 121912 106795 02 228709
यमुनानगर- 125519 109318 01 234838
कुल- 1047697 931056 75 1978828
बुजुर्ग वोटरों की स्थिति
अंबाला लोकसभा क्षेत्र में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 1735 मतदाता है तो वहीं 80 से अधिक उम्र के 62288 मतदाता हैं। जिसमें सबसे अधिक बुजुर्ग मतदाता अंबाला सिटी व कालका में हैं। अंबाला जिला के विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो 80 से अधिक उम्र के 5501 और 100 से अधिक उम्र के 204 मतदाता हैं। इसी प्रकार अंबाला सिटी में 5491 और 117 मतदाता हैं। अंबाला सिटी में 8814 और 330 मतदाता हैं। वहीं, मुलाना में 5201 और 170 बुजुर्ग मतदाता हैं। इसी प्रकार पंचकूला जिला के कालका विधानसभा हल्के की बात करें तो यहां 80 से अधिक उम्र के 12787 और 100 से अधिक उम्र के 293 मतदाता हैं। वहीं, पंचकूला में 5022 और 152 मतदाता हैं। वहीं, यमुनानगर के साढ़ौरा में 6090 और 144, जगाधरी में 6219 और 149, यमुनानगर में 7163 और 176 मतदाता हैं।
26680 युवा मतदाता पहली बार करेंगे वोट
अंबाला लोकसभा क्षेत्र में इस बार 18 व 19 वर्ष के 26680 मतदाता पहली बार अपने मताधिकारों का प्रयोग करेंगे, जिसमें सबसे अधिक युवा मतदाता पंचकूला में हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो पंचकूला के कालका में 3384, पंचकूला में 3451, अंबाला के नारायणगढ़ में 2456, अंबाला छावनी में 2253, अंबाला सिटी में 2748, मुलाना में 3387, यमुनानगर के साढ़ौरा में 3189, जगाधरी में 3204, यमुनानगर में 2608 युवा मतदाता हैं। वहीं, दिव्यांग मतदाताओं की बात करें तो 13539 मतदाता हैं। जिसमें कालका में 1141, पंचकूला में 1192, नारायणगढ़ में 1146, अंबाला छावनी में 1288, अंबाला सिटी में 1784, मुलाना में 1940, यमुनानगर के साढ़ौरा में 2371, जगाधरी में 1452, यमुनानगर में 1185 दिव्यांग मतदाता हैं।
इस विधानसभा क्षेत्र में घटे और बढ़े वोटर
अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख 56 हजार 279 मतदाता हैं, जबकि दो वर्ष पहले 2022 में दो लाख 67 हजार 917 मतदाता थे। इस प्रकार पिछले दो वर्षों में 11 हजार 638 मतदाता कम हुए हैं। इसी प्रकार अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र में दो वर्ष पहले दो लाख 08 हजार 99 मतदाता थे, जबकि अब एक लाख 98 हजार 953 मतदाता बचे हैं। 9146 मतदाता कम हुए हैं। इसी प्रकार नारायणगढ़ में एक लाख 97 हजार 011 मतदाता दो वर्ष पहले थे, जबकि अब 1 लाख 91 हजार 280 मतदाता रह गए हैं, यहां पांच हजार 731 मतदाता कम हो गए हैं। वहीं, मुलाना हल्के की बात करें तो यहां दो वर्ष पहले दो लाख 31 हजार 236 मतदाता थे, जबकि दो लाख 21 हजार 296 मतदाता रह गए हैं। ऐसे नौ हजार 940 मतदाता घटे हैं।
पिछली लोकसभा चुनाव में था रोमांचक मुकाबला
अंबाला लोकसभा सीट पर 2019 का चुनाव रोचक रहा था। इस सीट पर तब भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच टक्कर थी। तब भाजपा ने यह सीट जीती थी। उस दौरान भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था और कांग्रेस ने भी कुमारी सैलजा के चेहरे पर दांव खेला था। तब केंद्र सरकार के कार्यों को लेकर लोगों में एक लहर भी थी। जिसका भाजपा को फायदा मिला था और दिवंगत रतनलाल कटारिया अच्छे मतों से जीते थे। इस बार फिर इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस पार्टियों के अलावा अन्य पार्टियों का इस सीट पर प्रभाव कम दिखाई दे रहा है।
वर्जन
फोटो- 62
अभी तक हम एक-एक जिले में व्यक्तिगत कार्यक्रमों के तहत जा रहे थे। अब रविवार से अंबाला चुनाव कार्यालय पर कार्य शुरू हो जाएगा। पार्टी के शेड्यूल के अनुसार लोगों के बीच मुद्दे लेकर जाएंगे।
बंतो कटारिया, भाजपा प्रत्याशी।
फोटो- 61
पार्टी में टिकट के लिए 40 आवेदन आए हैं। उनमें से कोई अच्छा प्रत्याशी हो सकती है। मैंने कभी मुलाना से बाहर किसी भी हलके में एक बैठक तक नहीं की है ऐसे में लोकसभा चुनाव में कैसे उतर सकता हूं। अभी विधानसभा चुनाव पर ही नजर है। आगामी समय में अगर समय से पहले चुनाव लड़ने का पार्टी निर्देश देगी तो कोशिश भी करेंगे। अंबाला में और भी मजबूत प्रत्याशी हैं जो पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं।
-वरुण मुलाना, संभावित कांग्रेस प्रत्याशी
फोटो- 64
क्षेत्र में लोगों के बीच हम अपने मुद्दे लेकर जा रहे हैं। चुनाव को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। अभी तक टिकट फाइनल नहीं हुआ, पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसी के आधार पर काम करेंगे-
डॉ.कपूर सिंह, संभावित कांग्रेस प्रत्याशी
फोटो- 60
पार्टी प्रत्याशियों को लेकर मंथन कर रही है। लोकसभा चुनाव में अंबाला से मजबूत प्रत्याशी ही उतारा जाएगा। हम जहां भी जा रहे हैं लोग भाजपा से परेशान हैं और बदलाव चाहते हैं।
-रामकिशन गुर्जर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
फोटो- 63
लोकसभा चुनावों को लेकर बिगुल बज गया है। अब चुनाव कार्यालय में लोकसभा क्षेत्र के तहत एक सिस्टम के तहत कार्य होगा। प्रत्याशी के लिए शेड्यूल, मुद्दे आदि व कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में भेजने के कार्य किए जाएंगे।
-मंदीप राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा, अंबाला

रामकिशन गुर्ज्जर

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रामकिशन गुर्ज्जर