{"_id":"5c2bc35abdec2256f74c4e93","slug":"121546371930-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर परिवार का बनेगा पहचान पत्र, अब तक 42000 परिवारों का डाटा किया जा चुका है अपलोड : उपायुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर परिवार का बनेगा पहचान पत्र, अब तक 42000 परिवारों का डाटा किया जा चुका है अपलोड : उपायुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर परिवार का बनेगा पहचान पत्र, 42000 परिवारों का डाटा अपलोड : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले के सभी परिवारों का पहचान पत्र बनाने के लिए डाटा अपलोड किया जा रहा है। अब तक 42000 परिवारों का डाटा अपलोड किया जा चुका है और जनवरी में एक लाख अन्य परिवारों का डाटा अपलोड किया जाना है। परिवारों के पहचान पत्र तैयार करके भविष्य में इस डाटा के आधार पर सरकार की योजनाओं का निर्धारण होगा और लोगों को सरकारी सेवाओं व योजनाओं का लाभ बेहतर व प्रभावी तरीके से सुनिश्चित हो सकेगा।
बराड़ मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस कार्यक्रम से संबंधित जिले की जानकारी देने के बाद अधिकारियों से चर्चा कर रही थीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अधिकारियों को परिवार पहचान पत्र के लिए डाटा अपलोड करने के कार्य को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक जिले के एडीसी नोडल अधिकारी होंगे।
डीसी ने कहा कि इस डाटा का लाभ सभी विभागों को होगा और कोई भी विभाग नई योजना व कार्यक्रम आरंभ करते समय इन आंकड़ों को आधार बनाकर योजनाओं का निर्धारण कर सकेगा। यही नहीं इससे नागरिकों की सही संख्या का आंकड़ा मिलने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर भी विचार कर रही है कि भविष्य में परिवार में किसी नए सदस्य के आगमन तथा मृत्यु होने पर परिवार की संख्या में कमी होने की व्यवस्था को भी ऑटोमेटिक सिस्टम से जोड़ा जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने नगर निगम, एडीसी कार्यालय, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग सहित ऐसे सभी विभागों, जिनमें लोगों का आवागमन अधिक है, के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आने वाले लोगों के परिवार की जानकारी मौके पर ही प्राप्त करके उसे अपलोड करवाएं। इसके अलावा गैस एजेंसी संचालकों को भी डाटा अपडेशन के कार्य के साथ जोड़ें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति गैस सिलिंडर के लिए इन एजेंसियों के संपर्क में रहता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के पास अलग-अलग योजनाओं के तहत उपलब्ध पारिवारिक सदस्यों के आंकड़े को भी इस कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, निगम आयुक्त सत्येंद्र सिवाच, सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा, डीईओ उमा शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले के सभी परिवारों का पहचान पत्र बनाने के लिए डाटा अपलोड किया जा रहा है। अब तक 42000 परिवारों का डाटा अपलोड किया जा चुका है और जनवरी में एक लाख अन्य परिवारों का डाटा अपलोड किया जाना है। परिवारों के पहचान पत्र तैयार करके भविष्य में इस डाटा के आधार पर सरकार की योजनाओं का निर्धारण होगा और लोगों को सरकारी सेवाओं व योजनाओं का लाभ बेहतर व प्रभावी तरीके से सुनिश्चित हो सकेगा।
बराड़ मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस कार्यक्रम से संबंधित जिले की जानकारी देने के बाद अधिकारियों से चर्चा कर रही थीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अधिकारियों को परिवार पहचान पत्र के लिए डाटा अपलोड करने के कार्य को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक जिले के एडीसी नोडल अधिकारी होंगे।
विज्ञापन
डीसी ने कहा कि इस डाटा का लाभ सभी विभागों को होगा और कोई भी विभाग नई योजना व कार्यक्रम आरंभ करते समय इन आंकड़ों को आधार बनाकर योजनाओं का निर्धारण कर सकेगा। यही नहीं इससे नागरिकों की सही संख्या का आंकड़ा मिलने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था पर भी विचार कर रही है कि भविष्य में परिवार में किसी नए सदस्य के आगमन तथा मृत्यु होने पर परिवार की संख्या में कमी होने की व्यवस्था को भी ऑटोमेटिक सिस्टम से जोड़ा जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने नगर निगम, एडीसी कार्यालय, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग सहित ऐसे सभी विभागों, जिनमें लोगों का आवागमन अधिक है, के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आने वाले लोगों के परिवार की जानकारी मौके पर ही प्राप्त करके उसे अपलोड करवाएं। इसके अलावा गैस एजेंसी संचालकों को भी डाटा अपडेशन के कार्य के साथ जोड़ें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति गैस सिलिंडर के लिए इन एजेंसियों के संपर्क में रहता है। उन्होंने विभिन्न विभागों के पास अलग-अलग योजनाओं के तहत उपलब्ध पारिवारिक सदस्यों के आंकड़े को भी इस कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, निगम आयुक्त सत्येंद्र सिवाच, सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा, डीईओ उमा शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।