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Ambala News: तहसीलों में 120 इंतकाल अटके
Sat, 07 Feb 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 07 Feb 2026 01:44 AM IST
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अंबाला। प्रदेशभर में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल का असर अंबाला जिले में भी देखने को मिला। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अधिकारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने के कारण जिले की सभी तहसीलों व उप तहसीलों में सन्नाटा पसरा रहा। हड़ताल से करीब 250 रजिस्ट्रियां और 120 से अधिक इंतकाल लटक गए हैं।
अधिकारियों की अनुपस्थिति में लीनचार्ज, विवाह पंजीकरण और कोर्ट केस की सुनवाई जैसे कार्य भी पूरी तरह प्रभावित रहे। काम नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए दूर-दराज से आए लोग दिनभर अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। गुरुग्राम और रायपुररानी में तहसीलदारों के निलंबन के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं। अब दो दिन बाद तहसील खुलेगी तब ही लोगों के लंबित कार्य हो सकेंगे। अगर सोमवार को भी अधिकारी हड़ताल पर रहे तो लोगों को बड़ी परेशानी होने वाली है। हालांकि अभी तक अधिकारियों द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है कि सोमवार को काम होगा या नहीं।
अंबाला शहर, छावनी, शहजादपुर और बराड़ा तहसीलों में सुबह के वक्त काम की उम्मीद में लोग पहुंचे थे, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों ने अधिकारियों के न होने की सूचना दी। दोपहर होते-होते तहसीलों की चहल-पहल सन्नाटे में बदल गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए बुजुर्गों और किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं, जिन्हें जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए घंटों इंतजार के बाद वापस जाना पड़ा। महेश नगर से राजकुमार ने बताया कि वह दो दिन से इंतकाल कराने के लिए भटक रहे हैं मगर कोई समाधान नहीं मिल रहा। वहीं गोविंद नगर से सर्वेश असीजा ने बताया कि पहले पटवारियों के कारण काम नहीं हो सका अब अधिकारी भी नहीं मिल रहे हैं। तहसीलदार का कक्ष खाली मिला।
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अधिकारियों की अनुपस्थिति में लीनचार्ज, विवाह पंजीकरण और कोर्ट केस की सुनवाई जैसे कार्य भी पूरी तरह प्रभावित रहे। काम नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए दूर-दराज से आए लोग दिनभर अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन शाम को मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। गुरुग्राम और रायपुररानी में तहसीलदारों के निलंबन के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल पर हैं। अब दो दिन बाद तहसील खुलेगी तब ही लोगों के लंबित कार्य हो सकेंगे। अगर सोमवार को भी अधिकारी हड़ताल पर रहे तो लोगों को बड़ी परेशानी होने वाली है। हालांकि अभी तक अधिकारियों द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है कि सोमवार को काम होगा या नहीं।
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अंबाला शहर, छावनी, शहजादपुर और बराड़ा तहसीलों में सुबह के वक्त काम की उम्मीद में लोग पहुंचे थे, लेकिन वहां तैनात कर्मचारियों ने अधिकारियों के न होने की सूचना दी। दोपहर होते-होते तहसीलों की चहल-पहल सन्नाटे में बदल गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए बुजुर्गों और किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं, जिन्हें जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए घंटों इंतजार के बाद वापस जाना पड़ा। महेश नगर से राजकुमार ने बताया कि वह दो दिन से इंतकाल कराने के लिए भटक रहे हैं मगर कोई समाधान नहीं मिल रहा। वहीं गोविंद नगर से सर्वेश असीजा ने बताया कि पहले पटवारियों के कारण काम नहीं हो सका अब अधिकारी भी नहीं मिल रहे हैं। तहसीलदार का कक्ष खाली मिला।
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