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हत्यारोपी की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया मना
Updated Sun, 16 Dec 2018 01:00 AM IST
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हत्यारोपी की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर सेंट्रल जेल के बाहर वीरवार की रात हुई हत्या के मामले में अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसको लेकर जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है, वहीं शनिवार को पुलिस की परेशानी उस वक्त बढ़ गई जब मृतक वरुण शर्मा के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक वरुण के हत्यारोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वह शव नहीं लेंगे। इस वजह से शनिवार को भी वरुण शर्मा का शव शहर नागरिक अस्पताल में बनी मोर्चरी में पड़ा रहा।
अंबाला शहर के नवनीत नगर निवासी वरुण शर्मा को उनके ही बिजनेस पार्टनर ने वीरवार रात गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई अमन शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रोहतक निवासी राजेश दलाल, संदीप चहल, अमिनेश निवासी दिल्ली व अनिल शर्मा ने मिलकर सेंट्रल जेल की बेकरी का ठेका लिया हुआ था। वह तथा उसका बड़ा भाई वरुण शर्मा दोनों मिलकर जेल बेकरी में सप्लाई का काम करते थे। वरुण बेकरी में बनने वाले सामान को बेचता था व उसका डिस्ट्रीब्यूटर भी थी। अमन ने बताया कि वीरवार रात 8:30 उसके भाई वरुण शर्मा को राजेश दलाल ने उसके सामने गोली मार दी। आरोप है कि वारदात के बाद राजेश लेन-देन के हिसाब के कागज लेकर भाग गया। उसके साथ-साथ संदीप चहल व अनिल शर्मा का भी कुछ अता-पता नहीं है।
बॉक्स
मोर्चरी के फ्रीजर में है शव, 72 घंटे से ज्यादा शव को सुरक्षित रखना मुश्किल
वीरवार रात घटना के बाद वरुण शर्मा का शव शहर नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद मृतक के परिजनों के विरोध के चलते शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार शाम को हुआ, लेकिन इसके बाद भी परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। शनिवार को भी परिजनों ने शव नहीं लिया। वह मोर्चरी के फ्रीजर में रखा है। किसी भी शव को नॉर्मल तौर पर 72 घंटे से ज्यादा सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। उसके लिए विशेष चिकित्सीय व्यवस्था करनी पड़ती है।
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भाई की जिद्द, समझाते रहे पुलिस अफसर
दोपहर तक वरुण के कई परिजन और उनके पारिवारिक मित्र तो शव लेने से मान गए, पर वरुण का छोटा भाई मानने को तैयार नहीं था। उसकी एक ही मांग थी कि पहले आरोपी को पकड़ो, फिर अंतिम संस्कार होगा।
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भाई व पिता की हो चुकी है मौत, मां बिस्तर पर
वरुण के पिता का देहांत हो चुका है और एक भाई की भी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। वरुण के बाद परिवार में अमन शर्मा ही एकमात्र भाई बचा है। इसकी मां बीमार है और बिस्तर पर हैं। अमन का कहना है कि उसके पिता हिंदू थे और मां इसाई हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार ईसाई विधिविधान से होगा। शुक्रवार को इनकी मौसी के आने की बात चल रही थी। अमन का कहना है कि वह शनिवार की रात झारखंड से अंबाला आने के लिए ट्रेन में बैठेंगी।
वर्जन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मृतक वरुण शर्मा के परिजन मौसी के झारखंड से आने के बाद शव का संस्कार कर देंगे।
-बलवान सिंह, एसएचओ, थाना बलदेव नगर।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर सेंट्रल जेल के बाहर वीरवार की रात हुई हत्या के मामले में अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसको लेकर जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है, वहीं शनिवार को पुलिस की परेशानी उस वक्त बढ़ गई जब मृतक वरुण शर्मा के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक वरुण के हत्यारोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वह शव नहीं लेंगे। इस वजह से शनिवार को भी वरुण शर्मा का शव शहर नागरिक अस्पताल में बनी मोर्चरी में पड़ा रहा।
अंबाला शहर के नवनीत नगर निवासी वरुण शर्मा को उनके ही बिजनेस पार्टनर ने वीरवार रात गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई अमन शर्मा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रोहतक निवासी राजेश दलाल, संदीप चहल, अमिनेश निवासी दिल्ली व अनिल शर्मा ने मिलकर सेंट्रल जेल की बेकरी का ठेका लिया हुआ था। वह तथा उसका बड़ा भाई वरुण शर्मा दोनों मिलकर जेल बेकरी में सप्लाई का काम करते थे। वरुण बेकरी में बनने वाले सामान को बेचता था व उसका डिस्ट्रीब्यूटर भी थी। अमन ने बताया कि वीरवार रात 8:30 उसके भाई वरुण शर्मा को राजेश दलाल ने उसके सामने गोली मार दी। आरोप है कि वारदात के बाद राजेश लेन-देन के हिसाब के कागज लेकर भाग गया। उसके साथ-साथ संदीप चहल व अनिल शर्मा का भी कुछ अता-पता नहीं है।
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मोर्चरी के फ्रीजर में है शव, 72 घंटे से ज्यादा शव को सुरक्षित रखना मुश्किल
वीरवार रात घटना के बाद वरुण शर्मा का शव शहर नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद मृतक के परिजनों के विरोध के चलते शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार शाम को हुआ, लेकिन इसके बाद भी परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। शनिवार को भी परिजनों ने शव नहीं लिया। वह मोर्चरी के फ्रीजर में रखा है। किसी भी शव को नॉर्मल तौर पर 72 घंटे से ज्यादा सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। उसके लिए विशेष चिकित्सीय व्यवस्था करनी पड़ती है।
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भाई की जिद्द, समझाते रहे पुलिस अफसर
दोपहर तक वरुण के कई परिजन और उनके पारिवारिक मित्र तो शव लेने से मान गए, पर वरुण का छोटा भाई मानने को तैयार नहीं था। उसकी एक ही मांग थी कि पहले आरोपी को पकड़ो, फिर अंतिम संस्कार होगा।
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भाई व पिता की हो चुकी है मौत, मां बिस्तर पर
वरुण के पिता का देहांत हो चुका है और एक भाई की भी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। वरुण के बाद परिवार में अमन शर्मा ही एकमात्र भाई बचा है। इसकी मां बीमार है और बिस्तर पर हैं। अमन का कहना है कि उसके पिता हिंदू थे और मां इसाई हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार ईसाई विधिविधान से होगा। शुक्रवार को इनकी मौसी के आने की बात चल रही थी। अमन का कहना है कि वह शनिवार की रात झारखंड से अंबाला आने के लिए ट्रेन में बैठेंगी।
वर्जन
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मृतक वरुण शर्मा के परिजन मौसी के झारखंड से आने के बाद शव का संस्कार कर देंगे।
-बलवान सिंह, एसएचओ, थाना बलदेव नगर।