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- मिशन ओए के तहत अंबाला को टॉप 100वें नंबर पर लाने का निर्धारित किया गया था लक्ष्य

Thu, 17 May 2018 01:28 AM IST
Updated Thu, 17 May 2018 01:28 AM IST
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- मिशन ओए के तहत अंबाला को टॉप 100वें नंबर पर लाने का निर्धारित किया गया था लक्ष्य
190 पायदान छलांग लगा स्वच्छता रैंकिंग में 118वें पायदान पर पहुंचा अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सरकार द्वारा जारी स्वच्छ सर्वेक्षण सूची 2018 की रैंकिंग में देशभर में अंबाला की रैंकिंग 118 रही। पिछले सर्वेक्षण की अपेक्षा अंबाला ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। पहले अंबाला की रैंकिंग 308 थी । यह सर्वेक्षण अप्रैल 2017 से दस मार्च 2018 तक जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है, जबकि रैंकिंग एक लाख से दस लाख की आबादी वाले शहरों पर आधारित है। अंबाला की रैंकिंग में बेशक सुधार हुआ है, मगर नगर निगम ने बीते वर्ष अक्तूबर से मिशन ‘ओए’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी। तय किया गया था कि अंबाला को टॉप 100 में लाया जाएगा, मगर मामूली अंतर से अंबाला फिसल गया है।
सरकार द्वारा जारी रैंकिंग लिस्ट पर नजर डालें तो करनाल की परफार्मेंस सबसे अच्छी रही है। देशभर में करनाल को छठा स्थान मिला है, जबकि प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसी तरह रोहतक 113 अंकों के साथ देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि अंबाला का देश में 118वां स्थान है। इसके अलावा कैथल 129, पंचकूला 135, रेवाड़ी 142, हिसार 143, सोनीपत 162, यमुनानगर 163, सिरसा 170, पानीपत, 172, जींद 175, थानेसर 177, गुरुग्राम 179, बहादुरगढ़ 189, पलवल 193 तथा पुन्हाना 358वें नंबर पर है।
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अंबाला की बात करें तो एक साल में ही अंबाला ने स्वच्छता के मामले में 190 अंकों का सुधार किया है। बीते सर्वेक्षण के आंकड़ों पर नजर मारे तो अंबाला का देशभर में 308वां नंबर था। इस बार जारी सर्वेक्षण लिस्ट में अंबाला ने सीधे 190 अंकों का सुधार करते हुए देश भर में 118वीं रैंकिंग हासिल की है।
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एक करोड़ किया गया था खर्च
सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए मिशन ओए के तहत नगर निगम ने एक करोड़ रुपया खर्च किया था। गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग इसका निपटान किया गया था जबकि सवा लाख घरों में दो कूड़ेदान गीले व सूखे कूड़े के लिए बांटे गए थे। मगर इस बार सर्वेक्षण में सुधार तो है मगर अंबाला अपने तय लक्ष्य को छू नहीं सका है।
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