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सरपंच व ग्राम सचिवों ने दिया धरना
Updated Tue, 03 Apr 2018 12:56 AM IST
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सरपंच और ग्राम सचिवों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जिले के ब्लॉक-1 की सरपंच-ग्राम सचिव संयुक्त संघर्ष समिति से संबंधित सरपंच और ग्राम सचिव सोमवार को भी धरने पर रहे। एसोसिएशन के प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि सीएम ने अधिकारिक तौर पर सरपंच-ग्राम सचिवों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था। वहां सरपंचों का अपमान भारतीय संस्कृति का अपमान है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा बताई मांगों में निजी मांगे न होकर ग्राम विकास की मांगें थीं। उन्होंने बताया कि पूर्व की सरकारें सरपंचों और ग्राम सचिवों के हितों का पूरा ध्यान रखती थी। लेकिन भाजपा सरकार में पंचायतें सुरक्षित नहीं हैं। एसोसिएशन ने मांग-पत्र में गरीबों के लिए बीपीएल कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान बनवाने, गांवों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण करवाकर उनमें सभी ब्लॉक और जिला स्तर की सुविधाएं देने की मांग रखी है। सरपंच एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी नरवीर नेहरा ने कहा कि ई-पंचायत की उनकी कोई लड़ाई नहीं है। ई-पंचायतों के जरिए सरकार जनता में ग्राम पंचायतों की छवि खराब करना चाहती है। उन्होंने बताया की यदि संसाधन मिलें, तो वह अपनी बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉयरेक्ट चंडीगढ़ में सरकार के सामने रख सकते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जिले के ब्लॉक-1 की सरपंच-ग्राम सचिव संयुक्त संघर्ष समिति से संबंधित सरपंच और ग्राम सचिव सोमवार को भी धरने पर रहे। एसोसिएशन के प्रधान रणधीर सिंह ने कहा कि सीएम ने अधिकारिक तौर पर सरपंच-ग्राम सचिवों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था। वहां सरपंचों का अपमान भारतीय संस्कृति का अपमान है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा बताई मांगों में निजी मांगे न होकर ग्राम विकास की मांगें थीं। उन्होंने बताया कि पूर्व की सरकारें सरपंचों और ग्राम सचिवों के हितों का पूरा ध्यान रखती थी। लेकिन भाजपा सरकार में पंचायतें सुरक्षित नहीं हैं। एसोसिएशन ने मांग-पत्र में गरीबों के लिए बीपीएल कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान बनवाने, गांवों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण करवाकर उनमें सभी ब्लॉक और जिला स्तर की सुविधाएं देने की मांग रखी है। सरपंच एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी नरवीर नेहरा ने कहा कि ई-पंचायत की उनकी कोई लड़ाई नहीं है। ई-पंचायतों के जरिए सरकार जनता में ग्राम पंचायतों की छवि खराब करना चाहती है। उन्होंने बताया की यदि संसाधन मिलें, तो वह अपनी बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉयरेक्ट चंडीगढ़ में सरकार के सामने रख सकते हैं।