{"_id":"5a9ef11e4f1c1ba3378b7684","slug":"11520365854-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्यशाला में खसरा व रुबैला अभियान के बारे दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्यशाला में खसरा व रुबैला अभियान के बारे दी जानकारी
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्यशाला में खसरा और रूबैला अभियान के बारे दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
मंगलवार को लार्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल में सब डिवीजन-2 व सब डिवीजन साहा के तहत आने वाले सभी सरकारी/ गैरसरकारी/ मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपल व नोडल अध्यापकगण के लिए खसरा-रूबैला अभियान संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी नागरिक सुभाष चंद्र सिहाग ने की। कार्यशाला में सिविल सर्जन महोदय अंबाला डॉ. विनोद गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बेला शर्मा, शहरी नोडल प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विशाल गुप्ता, गैर सरकारी स्कूल संगठन प्रधान एएस महाजन व खंड शिक्षा अधिकारी अंबाला-2 व साहा ब्लॉक आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमंडल अधिकारी ने उपस्थित सभी स्कूलों के पदाधिकारियों की भागीदारी की सराहना की व अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में शुरू होने वाले इस अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लेने बारे कहा। उन्होंने उपस्थित जनों को इस अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने के बारे में जोर दिया। खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान का आरंभ अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में होना है। इस अभियान के दौरान यह टीका 9 महीने से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को लगाया जाना है। सिविल सर्जन ने बताया कि पूरे देश में खसरे से लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु प्रति वर्ष हो जाती है व लगभग 35,000 बच्चे प्रतिवर्ष रुबैला वायरस की वजह से अपंग/मृत पैदा होते हैं। डॉ. बेला शर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिनिधियों को उनकी भूमिका बारे में बताया, क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत बच्चे स्कूलों में प्रतिरक्षित हो जाएंगे। उन्होंने बतलाया कि खसरा रूबैला अभियान दिवस को एमआर ज्वॉय दिवस के नाम से मनाया जाए ताकि बच्चों का ध्यान आबंटित रहे व वह पूर्णत: सहयोग करें। इस अभियान का संचालन पहले दो सप्ताह स्कूलों में व अगले दो सप्ताह आउटरीच सत्रों द्वारा किया जाएगा।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
मंगलवार को लार्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल में सब डिवीजन-2 व सब डिवीजन साहा के तहत आने वाले सभी सरकारी/ गैरसरकारी/ मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपल व नोडल अध्यापकगण के लिए खसरा-रूबैला अभियान संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी नागरिक सुभाष चंद्र सिहाग ने की। कार्यशाला में सिविल सर्जन महोदय अंबाला डॉ. विनोद गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बेला शर्मा, शहरी नोडल प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विशाल गुप्ता, गैर सरकारी स्कूल संगठन प्रधान एएस महाजन व खंड शिक्षा अधिकारी अंबाला-2 व साहा ब्लॉक आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
उपमंडल अधिकारी ने उपस्थित सभी स्कूलों के पदाधिकारियों की भागीदारी की सराहना की व अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में शुरू होने वाले इस अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लेने बारे कहा। उन्होंने उपस्थित जनों को इस अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने के बारे में जोर दिया। खसरा-रूबैला टीकाकरण अभियान का आरंभ अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में होना है। इस अभियान के दौरान यह टीका 9 महीने से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को लगाया जाना है। सिविल सर्जन ने बताया कि पूरे देश में खसरे से लगभग 50,000 बच्चों की मृत्यु प्रति वर्ष हो जाती है व लगभग 35,000 बच्चे प्रतिवर्ष रुबैला वायरस की वजह से अपंग/मृत पैदा होते हैं। डॉ. बेला शर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिनिधियों को उनकी भूमिका बारे में बताया, क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत बच्चे स्कूलों में प्रतिरक्षित हो जाएंगे। उन्होंने बतलाया कि खसरा रूबैला अभियान दिवस को एमआर ज्वॉय दिवस के नाम से मनाया जाए ताकि बच्चों का ध्यान आबंटित रहे व वह पूर्णत: सहयोग करें। इस अभियान का संचालन पहले दो सप्ताह स्कूलों में व अगले दो सप्ताह आउटरीच सत्रों द्वारा किया जाएगा।
विज्ञापन