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- अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने कैंट की एक महिला चिकित्सक से बनवाया गर्भवती महिला की स्लिप
Updated Wed, 22 Nov 2017 01:03 AM IST
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नियमों को ताक पर रख हो रहा था अल्ट्रासाउंड, स्वास्थ्य विभाग ने छापामारी कर मशीन सील की
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंट स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने छापामारी करते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखते हुए सेंटर संचालक ने कैंट की ही एक महिला चिकित्सक से गर्भवती महिला की रेफरल पर्ची (जिस पर अल्ट्रासाउंड एडवाइज किया जाता है) भी बनवा दी। विभाग को सूचना थी कि इस अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग जांच का होती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने आगामी जांच शुरू कर दी है।
विभाग को सूचना मिली थी कि अंबाला कैंट के निकलसन रोड पर स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा किया जाता है। इस पर विभाग ने एक गर्भवती महिला को विश्वास में लिया और डॉ. विपिन भंडारी, डॉ. मंदीप को लेकर टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू की। इस महिला को एक एजेंट अपने साथ ले गई जबकि टीम ने करीब 25 हजार रुपये की राशि इस गर्भवती महिला को दी थी। जैसे ही विभाग को इशारा मिल तो टीम ने सेंटर में जाकर कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान करीब 20 हजार रुपये टीम द्वारा एजेंट महिला के पास से बरामद किए गए। शक होने पर जब टीम ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि यहां लापरवाही बरती गई है। बताया जाता है कि महिला के पास अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए किसी महिला चिकित्सक की कोई पर्ची नहीं थी।
नोडल अधिकारी डॉ. विपिन भंडारी ने बताया कि टीम ने जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड सेंटर में पड़ी मशीनों को सील कर दिया। इस अल्ट्रासाउंड के बारे में विभाग के पास लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत मिलने पर सीएमओ ने अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापामारी के लिए डॉक्टरों की टीम गठित करके किया गया।
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सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता का कहना है कि नियमों को ताक पर रखते हुए गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया है, जबकि एक अन्य महिला चिकित्सक से तुरंत ही रेफरल पर्ची भी बनवाई गई। दूसरी ओर जो शिकायतें मिलीं थी, उसके आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है, जबकि उस महिला चिकित्सक से भी पूछताछ होगी, जिसने बिना मरीज को चेक किए रेफरल पर्ची बनाई है।
उधर, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने बताया कि उनके सेंटर में भ्रूण की जांच नहीं की गई। महिला की मंशा के बारे में उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं। महिला से अल्ट्रासाउंड की फीस 600 रुपये ली गई थी। महिला ने एक हजार रुपये दिए थे जिसमें से 600 रुपये लेकर 400 उसे वापिस किए गए थे। हमने ऐसा कोई भी गलत काम नहीं किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
कैंट स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग ने छापामारी करते हुए अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया। जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखते हुए सेंटर संचालक ने कैंट की ही एक महिला चिकित्सक से गर्भवती महिला की रेफरल पर्ची (जिस पर अल्ट्रासाउंड एडवाइज किया जाता है) भी बनवा दी। विभाग को सूचना थी कि इस अल्ट्रासाउंड सेंटर में भ्रूण लिंग जांच का होती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने आगामी जांच शुरू कर दी है।
विभाग को सूचना मिली थी कि अंबाला कैंट के निकलसन रोड पर स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा किया जाता है। इस पर विभाग ने एक गर्भवती महिला को विश्वास में लिया और डॉ. विपिन भंडारी, डॉ. मंदीप को लेकर टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू की। इस महिला को एक एजेंट अपने साथ ले गई जबकि टीम ने करीब 25 हजार रुपये की राशि इस गर्भवती महिला को दी थी। जैसे ही विभाग को इशारा मिल तो टीम ने सेंटर में जाकर कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान करीब 20 हजार रुपये टीम द्वारा एजेंट महिला के पास से बरामद किए गए। शक होने पर जब टीम ने पूछताछ शुरू की तो पता चला कि यहां लापरवाही बरती गई है। बताया जाता है कि महिला के पास अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए किसी महिला चिकित्सक की कोई पर्ची नहीं थी।
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नोडल अधिकारी डॉ. विपिन भंडारी ने बताया कि टीम ने जांच के दौरान अल्ट्रासाउंड सेंटर में पड़ी मशीनों को सील कर दिया। इस अल्ट्रासाउंड के बारे में विभाग के पास लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत मिलने पर सीएमओ ने अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापामारी के लिए डॉक्टरों की टीम गठित करके किया गया।
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सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता का कहना है कि नियमों को ताक पर रखते हुए गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया है, जबकि एक अन्य महिला चिकित्सक से तुरंत ही रेफरल पर्ची भी बनवाई गई। दूसरी ओर जो शिकायतें मिलीं थी, उसके आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है, जबकि उस महिला चिकित्सक से भी पूछताछ होगी, जिसने बिना मरीज को चेक किए रेफरल पर्ची बनाई है।
उधर, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने बताया कि उनके सेंटर में भ्रूण की जांच नहीं की गई। महिला की मंशा के बारे में उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं। महिला से अल्ट्रासाउंड की फीस 600 रुपये ली गई थी। महिला ने एक हजार रुपये दिए थे जिसमें से 600 रुपये लेकर 400 उसे वापिस किए गए थे। हमने ऐसा कोई भी गलत काम नहीं किया।