फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   रेलवे पुल और टांगरी में नदी के बीच कम हुआ फासला, खतरा

रेलवे पुल और टांगरी में नदी के बीच कम हुआ फासला, खतरा

Mon, 11 Jun 2018 12:33 AM IST
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
रेलवे पुल और टांगरी में नदी के बीच कम हुआ फासला, खतरा

विज्ञापन
अंबाला कैंट। रेलवे पुल और टांगरी नदी के बीच कम होता जा रहा फासला एक बार फिर से आसपास के इलाकों के लिए खतरा साबित हो सकता है। हालात यह हैं कि रेलवे पुल और टांगरी नदी के बीच करीब पांच फुट का फासला बचा है, जबकि कुछ हिस्से में तो यह इससे भी कम है। इसी को लेकर फेडरेशन आफ वेलफेयर सोसायटी एवं एसोसिएशन ने मौके का दौरा किया और प्रशासन को आगाह किया कि मानसून शुरू होने से पहले इसे ठीक किया जाए। यदि इस ओर ध्यान न दिया गया, तो गांव घसीटपुर को इससे खतरा हो सकता है। इस बारे में डीआरएम दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि अभी इस मामले में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
गांव घसीटपुर के पास से गुजरती टांगरी नदी के ऊपर बने रेलवे पुल के बीच लगातार मिट्टी जमा होती जा रही है। इसी कारण से नदी के बहाव में भी बदलाव हो गया है। जिस तरह से टांगरी नदी का यह हिस्सा तंग होता जा रहा है, उससे जहां रेलवे लाइन को खतरा है, वहीं आसपास के इलाके के लिए भी यह खतरनाक है। यह स्थिति बीते कई सालों से बनी हुई है, जबकि इस पर अभी तक कोई काम नहीं किया गया है। इसी नदी के आसपास रिहायशी इलाका है, जबकि सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइन है।
विज्ञापन


इस तरह से है खतरा
टांगरी नदी में अधिक पानी आने की स्थिति में इस हिस्से से बरसाती पानी निकल नहीं पाता। ऐसे में यह पानी बैक होता है और आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है। उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले टांगरी नदी के इसी हिस्से में पानी अधिक आने के कारण यह रेलवे लाइनों तक पहुंच गया था, जिसके कारण कुछ देर के लिए ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई थी। यह पानी आसपास के इलाकों में फैल गया था। आज भी यही स्थिति दिख रही है, जबकि इस कारण से अंबाला कैंट के लोगों को दिक्कतें हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सात साल बीते नहीं ली सुध
फेडरेशन आफ वेलफेयर सोसायटी एवं एसोसिएशन के सदस्यों ने टांगरी नदी का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संस्था की बैठक हुई, जिसमें इस स्थिति पर विचार किया गया। संस्था के कर्नल (रिटायर्ड) सतनाम सिंह, अनिल कुमार राजवंशी, परवीन गुप्ता, मोहन लाल, वीरेंद्र, सुनील कुमार, राज कुमार, शेर सिंह, लाल सिंह, प्रीतम सिंह, नच्छतर सिंह आदि ने कहा कि फेडरेशन ने वर्ष 2011 में अंबाला प्रशासन एवं रेल मंत्रालय को स्थिति से अवगत करवाया था। इसके बाद अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालात बदतर होते जा रहे हैं, ज बकि यदि जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में परेशानियां काफी बढ़ेंगी।


कोट
रेलवे पुल और टांगरी नदी के बीच फासला कम है, जबकि यह अधिक होना चाहिए। यदि नदी में अधिक पानी आता है, तो आगे निकासी में दिक्कतें आती हैं, जिससे यह पानी बैक आता है। इसी कारण से आसपास के लोगों को कईं बार दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- कुलदीप, किसान, गांव घसीटपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed