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दूसरे दिन भी धरने पर रहे रोडवेज वर्कर यूनियन के सदस्य
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:59 AM IST
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दूसरे दिन भी धरने पर डटे रहे रोडवेज वर्कर यूनियन के सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के सदस्य लगातार दूसरे दिन भी धरने पर रहे। धरने की अध्यक्षता प्रधान रमेश श्योकंद व संचालन सचिव महावीर पाई ने किया। प्रधान श्योकंद ने बताया कि महाप्रबंधक अंबाला का रवैया कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं के प्रति अड़ियल और नकारात्मक है जिसकी यूनियन निंदा करती है।
इस दौरान धरने पर मौजूद साहब सिंह कुंडू, सतीश अलेवा, सुल्तान सिंह, सतीश करनाल, राम निवास बलबेड़ा धरने पर मौजूद रहे। उप प्रधान बचन सिंह ने कहा कि जब तक सभी पात्र कर्मचारियों को कंफर्म नहीं किया जाता, भुगतान नहीं किया जाता, विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मियों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और कर्मचारी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष का मार्ग अपनाएंगे। राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की चार दिन की हड़ताल का सामना करने के बाद सरकार ने प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी 2016 को रद्द करने का लिखित समझौता किया था लेकिन सरकार ने सभी विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर वर्तमान विधानसभा सत्र में संशोधित नई परिवहन नीति 2018 के नाम से जारी करके कर्मचारियों की पीठ में छुरा घोंपा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर जनता को मिलने सभी प्रकार सार्वजनिक सेवाओं को छीनने को पूरा बंदोबस्त कर रहे हैं। बधाना ने कहा कि राज्य कमेटी की मीटिंग करके आंदोलन की रणनीति तय की गई हैं जिसकी घोषणा 20 मार्च को पानीपत की रोड धर्मशाला में कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाकर की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के सदस्य लगातार दूसरे दिन भी धरने पर रहे। धरने की अध्यक्षता प्रधान रमेश श्योकंद व संचालन सचिव महावीर पाई ने किया। प्रधान श्योकंद ने बताया कि महाप्रबंधक अंबाला का रवैया कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं के प्रति अड़ियल और नकारात्मक है जिसकी यूनियन निंदा करती है।
इस दौरान धरने पर मौजूद साहब सिंह कुंडू, सतीश अलेवा, सुल्तान सिंह, सतीश करनाल, राम निवास बलबेड़ा धरने पर मौजूद रहे। उप प्रधान बचन सिंह ने कहा कि जब तक सभी पात्र कर्मचारियों को कंफर्म नहीं किया जाता, भुगतान नहीं किया जाता, विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मियों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और कर्मचारी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष का मार्ग अपनाएंगे। राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की चार दिन की हड़ताल का सामना करने के बाद सरकार ने प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी 2016 को रद्द करने का लिखित समझौता किया था लेकिन सरकार ने सभी विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर वर्तमान विधानसभा सत्र में संशोधित नई परिवहन नीति 2018 के नाम से जारी करके कर्मचारियों की पीठ में छुरा घोंपा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर जनता को मिलने सभी प्रकार सार्वजनिक सेवाओं को छीनने को पूरा बंदोबस्त कर रहे हैं। बधाना ने कहा कि राज्य कमेटी की मीटिंग करके आंदोलन की रणनीति तय की गई हैं जिसकी घोषणा 20 मार्च को पानीपत की रोड धर्मशाला में कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाकर की जाएगी।
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