{"_id":"5bc4e90fbdec22698b7fc387","slug":"101539631375-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य रात्रि से थम जाएगा रोडवेज बसों का पहिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य रात्रि से थम जाएगा रोडवेज बसों का पहिया
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य रात्रि से थम जाएगा रोडवेज बसों का पहिया
फोटो नंबर : 40
एस्मा लगने के बावजूद रोडवेज कर्मी करेंगे दो दिन की हड़ताल
अंबाला और नारायणगढ़ डिपो की 215 बसों के नहीं चलेंगे पहिये
यात्रियों को हो सकती है परेशानी, रोडवेज की दो दिवसीय हड़ताल आरंभ
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। मध्य रात्रि से ही जिले में रोडवेज बसों के पहिये थम जाएंगे। रोडवेज यूनियन की दो दिवसीय हड़ताल हालांकि मंगलवार से आरंभ होगी, मगर मध्य रात्रि से ही कर्मचारी बसों का संचालन बंद कर देंगे। अंबाला व नारायणगढ़ डिपो की 215 बसें इस दौरान नहीं चलेंगी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों की यूनियन सोमवार दिनभर मीटिंगें करती रहीं। कोई भी बस न चले इसको लेकर कर्मचारियों से बातचीत की और रोडवेज डिपो में नारे भी लगाए। सरकार द्वारा एस्मा लगाने के बावजूद कर्मचारियों के हौसले बुलंद है। पिछली पांच सितंबर को की गई हड़ताल विफल रही थी, मगर इस बार हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है। दूसरी ओर प्रशासन व पुलिस द्वारा भी हड़ताल को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
एस्मा तोड़ा तो कार्रवाई होगी : जीएम
रोडवेज डिपो के जीएम गगनदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। बसें सुचारू रूप से चलें तथा यात्रियों को भी किसी प्रकार की समस्या न आए। इसी को लेकर पूरी तरह से तत्पर रहेंगे। यूनियन नेताओं को बुलाया गया और उनसे स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यदि वह हड़ताल करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एस्मा लगा हुआ है तथा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन ने डिपो में की नारेबाजी
वहीं, यूनियन नेता प्रधान इंद्रजीत सिंह बधाना, रमन सैनी की अध्यक्षता में कर्मी रोडवेज कार्यालय परिसर में इकट्ठे हुए। इस दौरान डिपो में नारेबाजी की गई। उनका कहना था कि सरकार तानाशाही नीतियां चला रही है तथा आए दिन कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाता है। सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में है। किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों को रोडवेज में शामिल किया जा रहा है जबकि रोडवेज कर्मचारी सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्राइवेट बसें आती हैं तो रोडवेज को भारी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह रोडवेज में नई सरकारी बसें शामिल करे जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। वह हड़ताल प्रदेश की जनता के हित में कर रहे हैं। यदि हड़ताल नहीं करेंगे तो सरकार रोडवेज का पूरी तरह से निजीकरण कर देगी और हजारों युवा रोजगार से वंचित रह जाएंगे। वहीं कर्मचारियों ने रोडवेज कार्यालय परिसर स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक भी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो नंबर : 40
एस्मा लगने के बावजूद रोडवेज कर्मी करेंगे दो दिन की हड़ताल
अंबाला और नारायणगढ़ डिपो की 215 बसों के नहीं चलेंगे पहिये
यात्रियों को हो सकती है परेशानी, रोडवेज की दो दिवसीय हड़ताल आरंभ
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। मध्य रात्रि से ही जिले में रोडवेज बसों के पहिये थम जाएंगे। रोडवेज यूनियन की दो दिवसीय हड़ताल हालांकि मंगलवार से आरंभ होगी, मगर मध्य रात्रि से ही कर्मचारी बसों का संचालन बंद कर देंगे। अंबाला व नारायणगढ़ डिपो की 215 बसें इस दौरान नहीं चलेंगी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों की यूनियन सोमवार दिनभर मीटिंगें करती रहीं। कोई भी बस न चले इसको लेकर कर्मचारियों से बातचीत की और रोडवेज डिपो में नारे भी लगाए। सरकार द्वारा एस्मा लगाने के बावजूद कर्मचारियों के हौसले बुलंद है। पिछली पांच सितंबर को की गई हड़ताल विफल रही थी, मगर इस बार हड़ताल को सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है। दूसरी ओर प्रशासन व पुलिस द्वारा भी हड़ताल को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
एस्मा तोड़ा तो कार्रवाई होगी : जीएम
रोडवेज डिपो के जीएम गगनदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। बसें सुचारू रूप से चलें तथा यात्रियों को भी किसी प्रकार की समस्या न आए। इसी को लेकर पूरी तरह से तत्पर रहेंगे। यूनियन नेताओं को बुलाया गया और उनसे स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यदि वह हड़ताल करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एस्मा लगा हुआ है तथा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
यूनियन ने डिपो में की नारेबाजी
वहीं, यूनियन नेता प्रधान इंद्रजीत सिंह बधाना, रमन सैनी की अध्यक्षता में कर्मी रोडवेज कार्यालय परिसर में इकट्ठे हुए। इस दौरान डिपो में नारेबाजी की गई। उनका कहना था कि सरकार तानाशाही नीतियां चला रही है तथा आए दिन कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जाता है। सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में है। किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों को रोडवेज में शामिल किया जा रहा है जबकि रोडवेज कर्मचारी सरकार की इस नीति का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्राइवेट बसें आती हैं तो रोडवेज को भारी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह रोडवेज में नई सरकारी बसें शामिल करे जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। वह हड़ताल प्रदेश की जनता के हित में कर रहे हैं। यदि हड़ताल नहीं करेंगे तो सरकार रोडवेज का पूरी तरह से निजीकरण कर देगी और हजारों युवा रोजगार से वंचित रह जाएंगे। वहीं कर्मचारियों ने रोडवेज कार्यालय परिसर स्थित यूनियन कार्यालय में बैठक भी की।
विज्ञापन