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Ambala News: बेसहारा गोवंश पर प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:42 AM IST
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10 day ultimatum to administration on destitute cattle
शहर के अग्रसेन चौक के पास घूमते बेसहारा गोवंश।
अंबाला सिटी। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह ने बेसहारा गोवंश का 10 दिन में समाधान नहीं होने पर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बेसहारा गोवंशों का हल नहीं हुआ तो वे गोवंशों को लेकर गृहमंत्री निवास, शहर विधायक, डीसी ऑफिस कहीं भी पहुंच सकते हैं।
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किसान पशु लेकर आएंगे और प्रशासनिक अधिकारियों को गोशाला में छोड़ने के लिए कहेंगे। अगर प्रशासन ने इन गोवंश को गोशाला में नहीं छोड़ा तो मौके पर ही कमेटी अगला फैसला करेगी। शुक्रवार को यूनियन ने शहर में जिला स्तरीय बैठक की। इसमें सभी खंड प्रधान भी मौजूद रहे। यूनियन ने गोवंश से हादसा होने पर 50 लाख का मुआवजा देने की मांग भी की।
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हैरानी इस बात की है कि किसान इस वर्ष में दूसरी बार गांवों से पशु एकत्रित कर शहर में लेकर पहुंचेंगे। बीती फरवरी माह में भी किसानों ने बेसहारा गोवंश को एकत्रित कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला था, मगर अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों ने इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया है। वहीं, किसानों ने कृषि मंत्री द्वारा किसानों व महिलाओं के प्रति की गई टिप्पणी पर भी रोष जताया।
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चार सौ करोड़ का बजट हुआ था पास : प्रधान
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि बेसहारा गोवंश को गांवों से एकत्रित कर 16 फरवरी 2023 को उपायुक्त कार्यालय पर किसानों ने प्रदर्शन किया था। उस दौरान किसानों ने छह घंटे प्रदर्शन किया था और देररात में प्रशासनिक अधिकारियों ने गोशाला में बेसहारा गोवंश को छोड़ने की बात कही थी। तब एसडीएम शहर के नेतृत्व में कमेटी भी गठित की गई थी। कमेटी ने किसानों को पंचायत स्तर पर गोवंश को एकत्रित करने का आश्वासन दिया था, जिससे कि कमेटी इन गोवंश को गोशाला में छुड़ा सके और राज्य सरकार ने भी 400 करोड़ का बजट पास किया था। शहर के सद्दोपुर में गोशाला बनाने का भी आश्वासन दिया था, मगर अभी तक कमेटी ने किसी भी मांग के लिए कोई समाधान नहीं किया। इससे किसानों में रोष है और अब दोबारा बेसहारा गोवंश को लेकर अहम फैसला लिया।

फसल को खा रहे गोवंश, सड़क हादसे भी हो रहे
किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल करीब डेढ़ महीने की हो चुकी है। खेतों में गोवंश गेहूं की फसल को खा रहे हैं और जड़ से भी उखाड़ देते हैं। उनकी फसल पूर्णता बर्बाद हो चुकी है। यही नहीं गोवंश के कारण सड़क हादसों में भी लोग अपनी जान गवां रहे हैं। इन हादसों की एफआईआर भी दर्ज नहीं होती। उनकी मांग है कि सरकार मृतक के परिवार को 50 लाख का मुआवजा दे। मगर इसको लेकर सरकार पूरी तरह फेल है। बैठक में लखविंद्र कौर, बलजिंद्र सिंह चुडियाला, कुलदीप सिंह मोहड़ी, बजिंद्र कांबोज, मनजीत सिंह मच्छौंडा, प्रवेश नन्योला, जस्सी, परविंद्र दौदपुर और मनजीत सिंह गरनाला मौजूद रहे।

निगम बैठक में गोशाला पर होनी थी चर्चा, हंगामे की भेंट चढ़ी
दरअसल, नगर निगम पहले शहर के सद्दोपुर में गोशाला बनाने के लिए कार्यवाही कर रहा था, मगर बाद में निगम अधिकारियों ने डंगडेहरी में जमीन देखी थी। इस जमीन पर गोशाला बनाने के लिए प्रपोजल भी बनाया गया और बजट के लिए हाउस की बैठक में मुद्दा रखा गया था, मगर हाउस की बैठक शुरू होते ही पार्षदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। इससे इस मुद्दे पर मोहर नहीं लग पाई। यही नहीं निगम अधिकारी बताते हैं कि गोशाला संचालक गोवंश को लेने से इंकार कर देते हैं। ऐसे में यह समस्या जस की तस है।
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