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बस में ठूस-ठूस कर भरी थी 300 सवारियां: कई महिलाएं, बच्चे हुए बेहोश, करनाल में शॉकर टूटा तो सड़क पर लगी लाइन
Mon, 08 Jul 2024 05:27 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 08 Jul 2024 05:27 PM IST
सार
80 सीटर बस में 300 लोग ठूस-ठूस कर भरे हुए थे। बस के अंदर हालात यह थे कि लोगों को सांस तक नहीं आ रही थी। बस में सवार महिलाएं व बच्चे तो बेहोश हो गए थे। करनाल जीटी रोड पर बस का शॉकर टूटा को मामले का खुलासा हुआ।
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बस खराब होने के बाद सड़क पर बैठी सरावियां
- फोटो : संवाद
विस्तार
स्लीपर बस में करीब 300 सवारियों को ठूस-ठूस कर भरा हुआ था। बस में सवार कई लोग बेहोश भी हो गए थे। ओवरलोड बस का करनाल के जीटी रोड पर शॉकर टूट गया, जब सवारियां बस से बाहर आई तो पूरी सड़क लोगों से भर गई। किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची तरावड़ी पुलिस सवारियां गिनने लगी तो उनके भी होश उड़ गए। बस में सवार लोगों ने पुलिस को अपनी परेशानी बताई। इसके बाद पुलिस ने बस को कब्जे में लिया और सवारियों को अन्य तीन बसें बुलाकर उन्हें रवाना किया।
यात्रियों ने बताया कि उनमें किसी को बिहार जाना था तो किसी को यूपी जाना था। धान लगाने का सीजन खत्म होने पर वह अपने घर जा रहे थे। अंबाला में उन्हें शिव शक्ति टूर ट्रेवल्स के नाम से टिकट काटी गई। जिसमें उन्हें बताया कि फुल एसी स्लीपर बस है। एक सवारी का किराया दो हजार रुपये बताया। वह उनकी बातों में आ गए। उन्होंने बस नहीं दिखाई बोले बस थोड़ा दूर खड़ी है। वह ऑटो में उन्हें बस के पास लेकर गए तो देखा कि वहां यात्रियों की लंबी लाइन लगी हुई है और उन्हें लक्ष्य टूर ट्रेवल्स यूपी नंबर की एक ही बस में बैठाया जा रहा है। बस में 80 सीटें थी और उसमें बच्चे, महिलाएं, पुरुष व बुजुर्गों सहित करीब 300 सवारियां बैठाई जा रही थी। सभी को उसी बस में डरा धमकाकर ठूस दिया।
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एक सीट पर 10 से 12 सवारियां
लोगों ने बताया कि जिन सवारियों ने बस में बैठने से मना किया, बस संचालकों ने उन्हें टिकट के पैसे वापस करने से भी मना कर दिया। इस डर से सभी सवारियां उस बस में बैठ गई। एक सीट पर 10 से 12 सवारियां बैठी हुई थी। बस में गर्मी होने के कारण बच्चों व महिलाओं को चक्कर आने लगे। उल्टियां लगने लगी। कई सवारियां बेहोश हो गई। उन्होंने ड्राइवर को कहा कि बस रोक दो लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। इसके बाद तरावड़ी पहुंचने पर बस का शॉकर टूट गया तो बस रुक गई। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया कि उन्हें दूसरी बस में बैठाया जाए। इसके बाद एक व्यक्ति उनके पास आया और उसने पुलिस को सूचना दी।
सोए रहते हैं विभागीय अधिकारी
आरटीए विभाग के अधिकारी सोए हुए है।
टूर एंड ट्रेवल्स वाले अक्सर क्षमता से अधिक सवारियों को एक बस में ठूसकर ले जाते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं, लेकिन आरटीए विभाग के अधिकारियों को यह बसे दिखाई ही नहीं देती। क्योंकि एसी बसें रात को जीटी रोड से गुजरती है। इस दौरान विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी सोए हुए रहते हैं। इतना ही नहीं सूचना मिलने के बाद ही वह कोई कार्रवाई नहीं करते।
रात को एक बस में क्षमता से अधिक यात्री भरे हुए थे। बस को कब्जे में लिया है और यात्रियों को दूसरी बस से उन्हें भेज दिया है। बस के दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं।
-मुकेश कुमार, तरावड़ी थाना प्रभारी।
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मौके पर पहुंची तरावड़ी पुलिस सवारियां गिनने लगी तो उनके भी होश उड़ गए। बस में सवार लोगों ने पुलिस को अपनी परेशानी बताई। इसके बाद पुलिस ने बस को कब्जे में लिया और सवारियों को अन्य तीन बसें बुलाकर उन्हें रवाना किया।
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यात्रियों ने बताया कि उनमें किसी को बिहार जाना था तो किसी को यूपी जाना था। धान लगाने का सीजन खत्म होने पर वह अपने घर जा रहे थे। अंबाला में उन्हें शिव शक्ति टूर ट्रेवल्स के नाम से टिकट काटी गई। जिसमें उन्हें बताया कि फुल एसी स्लीपर बस है। एक सवारी का किराया दो हजार रुपये बताया। वह उनकी बातों में आ गए। उन्होंने बस नहीं दिखाई बोले बस थोड़ा दूर खड़ी है। वह ऑटो में उन्हें बस के पास लेकर गए तो देखा कि वहां यात्रियों की लंबी लाइन लगी हुई है और उन्हें लक्ष्य टूर ट्रेवल्स यूपी नंबर की एक ही बस में बैठाया जा रहा है। बस में 80 सीटें थी और उसमें बच्चे, महिलाएं, पुरुष व बुजुर्गों सहित करीब 300 सवारियां बैठाई जा रही थी। सभी को उसी बस में डरा धमकाकर ठूस दिया।
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एक सीट पर 10 से 12 सवारियां
लोगों ने बताया कि जिन सवारियों ने बस में बैठने से मना किया, बस संचालकों ने उन्हें टिकट के पैसे वापस करने से भी मना कर दिया। इस डर से सभी सवारियां उस बस में बैठ गई। एक सीट पर 10 से 12 सवारियां बैठी हुई थी। बस में गर्मी होने के कारण बच्चों व महिलाओं को चक्कर आने लगे। उल्टियां लगने लगी। कई सवारियां बेहोश हो गई। उन्होंने ड्राइवर को कहा कि बस रोक दो लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। इसके बाद तरावड़ी पहुंचने पर बस का शॉकर टूट गया तो बस रुक गई। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया कि उन्हें दूसरी बस में बैठाया जाए। इसके बाद एक व्यक्ति उनके पास आया और उसने पुलिस को सूचना दी।
सोए रहते हैं विभागीय अधिकारी
आरटीए विभाग के अधिकारी सोए हुए है।
टूर एंड ट्रेवल्स वाले अक्सर क्षमता से अधिक सवारियों को एक बस में ठूसकर ले जाते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं, लेकिन आरटीए विभाग के अधिकारियों को यह बसे दिखाई ही नहीं देती। क्योंकि एसी बसें रात को जीटी रोड से गुजरती है। इस दौरान विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी सोए हुए रहते हैं। इतना ही नहीं सूचना मिलने के बाद ही वह कोई कार्रवाई नहीं करते।
रात को एक बस में क्षमता से अधिक यात्री भरे हुए थे। बस को कब्जे में लिया है और यात्रियों को दूसरी बस से उन्हें भेज दिया है। बस के दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं।
-मुकेश कुमार, तरावड़ी थाना प्रभारी।