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चिड़ियाघर : गंगाप्रसाद की बढ़ाई गई निगरानी, भोजन किया गया कम

Fri, 05 Sep 2025 02:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:25 AM IST
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Zoo: Gangaprasad's surveillance increased, food consumed reduced
- दो साल पहले मस्ती में आने पर कुसम्ही जंगल में मचाया था उत्पात
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- चिकित्सक कर रहे निगरानी, पर्यटकों की आवाजाही बाड़े की तरफ रोकी गई

गोरखपुर। चिड़ियाघर में हाथी गंगा प्रसाद इस समय मस्ती के दौर में आ गया है। महावतों की बात न मानने और आक्रामक व्यवहार की आशंकाओं को देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। गंगा प्रसाद को अब बाड़े में ही बांधकर रखा गया है और उसके भोजन में भी कमी कर दी गई है। सुरक्षा कारणों से पर्यटकों की आवाजाही उसके बाड़े की तरफ रोक दी गई है।

उप निदेशक और मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अगस्त के अंतिम सप्ताह से गंगा प्रसाद के हावभाव में बदलाव दिखाई देने लगा था। यही कारण है कि उसे बांधकर रखने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और महावतों की 24 घंटे निगरानी में रखा जा रहा है। जब कभी उसे छोड़ा जाता है तो एहतियातन चारों पैरों में सीकड़ लगा दी जाती है, जिससे वह आक्रामक न हो सके। डॉ. सिंह के अनुसार हाथियों में वर्ष में तीन महीने मस्ती का समय आता है। इस दौरान वे उत्तेजित और आक्रामक हो जाते हैं। यह प्रक्रिया लगभग डेढ़ महीने चढ़ाव और डेढ़ महीने उतराव के रूप में चलती है। इसके बाद धीरे-धीरे हाथी सामान्य व्यवहार करने लगते हैं। गंगा प्रसाद वर्तमान में इसी अवस्था से गुजर रहा है। हाथी की इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उसके भोजन में भी बदलाव किया गया है। पहले जितना भोजन उसे मिलता था, उसकी मात्रा अब आधी कर दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि वह अधिक ऊर्जा से उत्तेजित न हो।
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