Gorakhpur: जोन के पांच एसडीओ और आठ जेई को मिला आरोप पत्र, खराब कार्यप्रणाली कर नतीजा
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि ओटीएस के साथ लाइनलॉस में भी जिनके प्रदर्शन बेहद खराब रहे हैं, उनको एमडी के निर्देश पर आरोप पत्र दिए गए हैं। एमडी स्तर से समीक्षा होती है, जिसमें सभी का प्रदर्शन देखा जा सकता है। उपखंड अधिकारियों के क्षेत्र में 100 उपभोक्ताओं की गणना में सिर्फ 10 उपभोक्ताओं के ही बिजली बिल जमा हो रहे।
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एकमुश्त समाधान योजना के साथ लाइनलॉस में दोषी पाए जाने पर जोन के 13 अभियंताओं को आरोप पत्र दिया गया है। इनमें पांच उपखंड अधिकारी हैं, जबकि आठ अवर अभियंता शामिल हैं।
दरअसल, मुख्य अभियंता के साथ पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक की प्रतिदिन वीडियो कांफ्रेंसिंग होती है। इसमें ओटीएस योजना की प्रगति, अन मीटर्ड से मीटर और एलएंडटी लॉसेस ( लाइनलॉस) की विस्तृत सूचना ली जाती है। पिछले दिनों वीसी में कई बार एमडी ने इनकी कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया। इसके बाद भी कुशीनगर मंडल का हाटा, पडरौना, कसया खंड, देवरिया मंडल का खंड देवरिया, महाराजगंज मंडल का निचलौल, नौतनवां खंड का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा।
ओटीएस योजना में ये अपने लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ दो प्रतिशत तक की पहुंच सके। जैसे, देवरिया मंडल के उपखंड प्रथम राहुल अपने लक्ष्य 40,403 उपभोक्ताओं के सापेक्ष सिर्फ 1,059 उपभोक्ताओं का ही योजना में पंजीकरण करवा सके। इनके उपखंड क्षेत्र में लाइनलॉस भी 76.18 प्रतिशत है। मतलब इनके 100 उपभोक्ताओं में सिर्फ 24 उपभोक्ताओं के ही बिजली बिल बन पा रहे, जबकि बिजली सभी 100 उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है।
एसडीओ लक्ष्य पंजीकृत लाइनलॉस
राहुल 40,403 उपभोक्ता 1059 76.18 प्रतिशत
योगेश यादव 65,192 उपभोक्ता 2,126 78.23 प्रतिशत
अनूप पांडेय 47,181 उपभोक्ता 1,723 90.04 प्रतिशत
संजय यादव 86,892 उपभोक्ता 2,458 89.62 प्रतिशत
भोला नाथ 68,285 उपभोक्ता 1,745 90 प्रतिशत
जेई, जिन्हें मिला आरोप पत्र
संदीप मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, नित्यानांद ओझा, प्रवीण पांडेय, संदीप कुमार, शंभू नाथ चौधरी, रामकृष्ण गौतम, उपेंद्र गुप्ता।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि ओटीएस के साथ लाइनलॉस में भी जिनके प्रदर्शन बेहद खराब रहे हैं, उनको एमडी के निर्देश पर आरोप पत्र दिए गए हैं। एमडी स्तर से समीक्षा होती है, जिसमें सभी का प्रदर्शन देखा जा सकता है। उपखंड अधिकारियों के क्षेत्र में 100 उपभोक्ताओं की गणना में सिर्फ 10 उपभोक्ताओं के ही बिजली बिल जमा हो रहे। जबकि, बिजली सभी 100 उपभोक्ताओं को मिल रही। ऐसे तो निगम की हानि ही होगी। लाइनलॉस 90 प्रतिशत तक बढ़ता जा रहा और जिम्मेदारों को चिंता तक नहीं।